Pi Network Price In India
PI / INR #45( 1.62%) 24h
तक की स्थिति 11:00 AM
| मार्केट कैप | ₹859,813.28 Cr |
| फुली डाइल्यूटेड वैल्यूएशन | ₹1,322,789.66 Cr |
| 24H वॉल्यूम | ₹2,930.33 Cr |
| सप्लाई सर्कुलेटिंग | 11,243,036,340 PI |
| सप्लाई टोटल | 17,296,978,984 PI |
| सप्लाई मैक्स | 100,000,000,000 PI |
( 1.62%) 24h
As on 08 Oct 2026 11:00 AM
| Market Cap | $918,356,928 |
| Fully Diluted Valuation | $1,412,856,814 |
| 24H Volume | $3,129,850 |
| Circulating Supply | 11,243,036,340 PI |
| Total Supply | 17,296,978,984 PI |
| Max Supply | 100,000,000,000 PI |
PI to INR Chart
Pi Network (PI) की कीमत आज ₹7.91 है, जो पिछले 24 घंटों में 1.62% की गिरावट है और पिछले 7 दिनों में 11.39% नीचे है। Pi Network का मार्केट कैप ₹8,879.59 Cr है और मार्केट कैप के हिसाब से यह #45 पर है।
Pi Network की जानकारी
Pi Network (PI) Price Today INR में — लाइव भाव, इतिहास और भारतीय निवेशकों के लिए पूरी जानकारी
इस पेज पर Pi Network (PI) का लाइव INR price, market cap, trading volume और chart दिया गया है। नीचे Pi Network से जुड़ी जरूरी बातें आसान भाषा में समझाई गई हैं।
करोड़ों लोगों ने फोन पर रोज़ एक बटन दबाकर PI जमा किया, और फरवरी 2025 में जब यह पहली बार खुले बाजार में ट्रेड हुआ, तब भाव $2.99 (करीब ₹288) तक गया। आज वही PI अपने शिखर से लगभग 97% नीचे है और करीब ₹8.7 के आसपास है। इसलिए भारत में Pi Coin को लेकर हर निवेशक के मन में वही सवाल हैं: कीमत कितनी है, कहां खरीदें, कैसे बेचें, और क्या इसमें पैसा लगाना ठीक है। इस आर्टिकल में इन सबके जवाब एक क्रम में दिए गए हैं।
30 सेकंड में सार
- Pi Coin Price in INR: करीब ₹8.7 प्रति PI (मार्केट कैप ₹9,790.44 करोड़ और 11.24 अरब सर्कुलेटिंग सप्लाई के हिसाब से)।
- All-time high: फरवरी 2025 में $2.99 (₹287.79)। मौजूदा भाव इससे लगभग 97% नीचे है।
- 52 हफ्ते की रेंज: ₹7.35 से ₹26.31। पिछले एक साल में गिरावट 65.11% रही।
- सप्लाई: मैक्स सप्लाई 100 अरब PI, पर बाजार में अभी सिर्फ 11.2% के करीब है।
- सबसे जरूरी बात: ऐप में माइन किया हुआ PI सीधे एक्सचेंज पर नहीं बिकता। पहले केवाईसी और मेननेट माइग्रेशन पूरा होना जरूरी है।
Pi Coin Price in India (INR): आज का भाव और उसकी असली तस्वीर
भारत में Pi Coin की कीमत देखते समय सबसे पहले यह समझना चाहिए कि भाव रुपये में सीधे तय नहीं होता। ज्यादातर ट्रेडिंग ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर डॉलर या USDT में होती है, और INR का भाव उसी से निकाला जाता है, इसलिए अलग-अलग जगह थोड़ा फर्क दिख सकता है।
फरवरी 2025 के बाद से PI/INR की चाल कुछ ऐसी रही है:
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आंकड़ा |
भाव |
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All-time high (फरवरी 2025) |
$2.99 (₹287.79) |
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52 हफ्ते का उच्चतम |
₹26.31 |
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52 हफ्ते का निचला स्तर |
₹7.35 |
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मौजूदा भाव (अनुमानित) |
करीब ₹8.7 |
शुरुआती उछाल के बाद गिरावट के पीछे आमतौर पर तीन वजहें बताई जाती हैं: लिस्टिंग के समय का उत्साह, पहली बार बड़ी संख्या में टोकन का बाजार में आना, और कीमत तय करने के लिए पुराना मार्केट हिस्ट्री न होना।
एक चेतावनी: अगर कोई आपको ऐप वाला PI "₹50" या "₹100" में बेचने या खरीदने की पेशकश करे, तो सावधान रहें। मेननेट से पहले एक्सचेंजों पर जो PI IOU चलते थे, वे असली PI नहीं थे। वे सिंथेटिक टोकन थे, यानी भविष्य के PI का वादा भर।
Pi Network क्या है?
Pi Network एक मोबाइल-फर्स्ट ब्लॉकचेन प्रोजेक्ट है, जिसकी सोच यह थी कि क्रिप्टो को उन लोगों तक पहुंचाया जाए जिनके पास न महंगा कंप्यूटर है, न बिजली का बड़ा खर्च। ऐप में यूजर रोज़ एक बटन दबाकर अपनी सक्रियता दर्ज करता था और बदले में PI जमा होता था, जिसे प्रोजेक्ट "माइनिंग" कहता है।
असल में यह Bitcoin जैसी माइनिंग नहीं थी, क्योंकि फोन पर भारी गणना नहीं होती थी और बिजली भी नहीं लगती थी। बटन दबाने से सिर्फ आपकी मौजूदगी दर्ज होती थी।
नेटवर्क का Open Mainnet 20 फरवरी 2025 को शुरू हुआ, यानी वह पड़ाव जब PI पहली बार बाहर के एक्सचेंजों पर खुले बाजार में ट्रेड होने लगा। नेटवर्क करीब 6 करोड़ (60 million) रजिस्टर्ड Pioneers होने का दावा करता है। आधिकारिक वेबसाइट minepi.com है। ऐप में अकाउंट कैसे एक्सेस करें, यह जानना हो तो Pi Network लॉगिन प्रोसेस की गाइड देखें।
Pi Network के फाउंडर कौन हैं?
Pi Network की शुरुआत 2019 में Stanford से पीएचडी करने वाले दो लोगों ने की: Dr. Nicolas Kokkalis और Dr. Chengdiao Fan। दोनों प्रोजेक्ट के संस्थापक के रूप में जाने जाते हैं, और टीम का मकसद शुरू से यही बताया गया कि क्रिप्टो को आम स्मार्टफोन यूजर तक पहुंचाया जाए।
भारत में Pi Coin कैसे खरीदें?
भारत में PI का कारोबार काफी हद तक ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर होता है, और किस प्लेटफॉर्म पर कौन सा जोड़ा (pair) उपलब्ध है, यह समय के साथ बदलता रहता है। खरीदने का सीधा तरीका यह है:
- प्लेटफॉर्म चुनें। ऐसा एक्सचेंज देखें जिस पर PI/INR या PI/USDT pair चालू हो और जो भारतीय यूजर्स के लिए उपलब्ध हो। जहां संभव हो, FIU-IND में रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म को प्राथमिकता दें।
- एक्सचेंज का केवाईसी पूरा करें। यह Pi ऐप के केवाईसी से बिल्कुल अलग है।
- पैसा जमा करें। UPI, IMPS या बैंक ट्रांसफर (जहां सुविधा हो) से INR डालें, या USDT से PI खरीदें।
- ऑर्डर दें और एक्जीक्यूट होने के बाद असली भाव और फीस जरूर जांचें।
- वॉलेट में निकालना हो तो PI अपने Pi Mainnet वॉलेट या किसी सपोर्टेड वॉलेट में ही भेजें, और एड्रेस दो बार मिलाएं।
पूरी डिटेल में समझने के लिए भारत में Pi Coin कैसे खरीदें गाइड पढ़ सकते हैं।
भारत में Pi Coin कैसे बेचें?
बेचने का तरीका इस पर निर्भर करता है कि आपका PI अभी कहां है।
अगर PI सिर्फ Pi ऐप में है: तब आप इसे सीधे नहीं बेच सकते। पहले Pi ऐप में केवाईसी पूरा करें और फिर मेननेट माइग्रेशन करें, यानी ऐप के PI को असली ब्लॉकचेन वॉलेट में ले जाएं। कई PI टोकन अलग-अलग अवधि के लिए लॉक भी रहे हैं, इसलिए पहले अपना केवाईसी और माइग्रेशन स्टेटस देखें।
अगर PI मेननेट वॉलेट में आ चुका है: तब इसे उस एक्सचेंज के डिपॉजिट एड्रेस पर भेजें जहां PI ट्रेड होता है, फिर PI/INR या PI/USDT पर सेल ऑर्डर लगाएं, और बिक्री के बाद INR अपने बैंक खाते में निकालें।
ध्यान रखें: जो PI अभी ट्रांसफर ही नहीं हो सकता, उसका किसी व्यक्ति से P2P या कैश में सौदा न करें। यह ठगी का सबसे आम तरीका है। बेचने पर टैक्स और TDS भी लगता है, जिसकी जानकारी नीचे दी गई है।
केवाईसी और मेननेट माइग्रेशन: संक्षेप में
- केवाईसी: पहचान वेरिफिकेशन, जो आधिकारिक Pi ऐप में ही होता है और इसमें पहचान-पत्र देना पड़ता है। इसे सिर्फ आधिकारिक ऐप से करें।
- मेननेट माइग्रेशन: केवाईसी के बाद ऐप के PI को असली ब्लॉकचेन वॉलेट में ले जाना।
- लॉक-अप: सारे टोकन एक साथ बाजार में नहीं आते, क्योंकि कई टोकन अलग-अलग अवधि के लिए लॉक रहे हैं।
किसी को भी अपना पासवर्ड या सीड फ्रेज़ (secret phrase) कभी न दें। कोई वैध सिस्टम इसे नहीं मांगता। अगर आप अपना पासवर्ड भूल गए हैं, तो Pi Network का Forgot Password फीचर इस्तेमाल करके अकाउंट रिकवर करने का तरीका देख सकते हैं।
सप्लाई और FDV: Pi Coin की कीमत पर असर
सिर्फ मार्केट कैप देखने से पूरी तस्वीर नहीं मिलती, इसलिए सप्लाई के ये तीन आंकड़े जानना जरूरी है:
- मैक्स सप्लाई: 100 अरब PI
- सर्कुलेटिंग सप्लाई: करीब 11.24 अरब PI (मैक्स का लगभग 11.2%)
- टोटल सप्लाई: करीब 17.29 अरब PI
अगर पूरी 100 अरब सप्लाई चल रही होती, तो आज के भाव पर एफडीवी (Fully Diluted Valuation, यानी पूरी सप्लाई मानकर निकली कुल वैल्यू) करीब ₹87,200 करोड़ होती, जबकि अभी मार्केट कैप ₹9,790.44 करोड़ है।
इसके दो सीधे मतलब हैं। पहला, आगे और टोकन आ सकते हैं, और अनलॉक से बिकवाली का दबाव बन सकता है, इसलिए सिर्फ आज का भाव नहीं, अनलॉक का कैलेंडर भी देखना चाहिए। दूसरा, ज्यादातर धारकों की खरीद-लागत बहुत कम रही है, क्योंकि उन्हें PI ऐप से लगभग मुफ्त मिला। ऐसे धारक बाजार भाव पर खरीदने वाले की तुलना में आसानी से बेच देते हैं, जिससे भाव पर दबाव बना रह सकता है।
Pi Network Price Prediction: किस तरफ जा सकता है भाव?
PI का भविष्य का भाव कोई भरोसे के साथ नहीं बता सकता। नीचे की तस्वीर पूर्वानुमान नहीं, बल्कि मौजूदा आंकड़ों पर टिके तीन परिदृश्य हैं, जिनसे यह समझना आसान होता है कि कौन सी बात किस दिशा में असर डाल सकती है।
- बेहतर परिदृश्य: अगर एक्टिव यूजर्स, असली ट्रांज़ैक्शन और नेटवर्क से आय बढ़ती है, तो भाव 52 हफ्ते के उच्चतम ₹26.31 की तरफ जा सकता है, जो मौजूदा भाव से करीब तीन गुना है।
- बीच का परिदृश्य: अनलॉक का दबाव और असली उपयोग की कमी एक-दूसरे को संतुलित करें, तो भाव ₹7.35 से ₹26.31 की पुरानी रेंज में ही घूमता रह सकता है।
- कमजोर परिदृश्य: अगर नए टोकन तेजी से बाजार में आएं और खरीदार कम पड़ें, तो भाव ₹7.35 के नीचे जा सकता है, जो मौजूदा भाव से लगभग 16% नीचे है।
इन तीनों में असली फर्क इस बात से पड़ेगा कि PI का वास्तविक इस्तेमाल कितना बढ़ता है।
क्या Pi Coin में इन्वेस्ट करना चाहिए?
इसका हां या ना में जवाब देना ठीक नहीं होगा, क्योंकि यह आपकी रिस्क क्षमता पर निर्भर करता है। फिर भी दोनों पक्ष साफ देख लेना चाहिए।
पक्ष में क्या है:
- यह बहुत बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचा, और शुरू करने के लिए सीधे पैसे नहीं मांगे गए।
- केवाईसी पर जोर है, यानी पहचान और कंप्लायंस पर ध्यान दिखता है।
- लंबे इंतज़ार के बाद मेननेट और खुले बाजार में ट्रेडिंग शुरू हुई।
जो सवाल उठते हैं:
- मैक्स सप्लाई का बड़ा हिस्सा अभी बाजार में नहीं आया है।
- असली उपयोग और नेटवर्क की कमाई अभी साफ नहीं है।
- रेफरल पर टिके तेज़ ग्रोथ मॉडल पर सालों से बहस चल रही है।
यहां सही सवाल सिर्फ Pi के लिए नहीं, हर "जुड़ो और कमाओ" मॉडल के लिए पूछना चाहिए: फायदा बाहर की असली कमाई से आ रहा है, या सिर्फ नए लोगों के जुड़ने से?
हमारा नज़रिया: PI को अभी बहुत बड़े डिस्ट्रीब्यूशन वाला शुरुआती चरण का क्रिप्टो नेटवर्क समझना ज्यादा सही है, न कि पहले से साबित कमाई वाला प्रोडक्ट। अगर आप इसमें पैसा लगाना चाहें, तो उतनी ही रकम लगाएं जिसके पूरी तरह डूब जाने पर भी आपकी जिंदगी पर असर न पड़े।
भारत में Pi Coin पर टैक्स
यह सामान्य जानकारी है, टैक्स सलाह नहीं।
- क्रिप्टो या VDA की बिक्री या ट्रांसफर से हुए लाभ पर 30% फ्लैट टैक्स लगता है (लागू सरचार्ज और सेस अलग)।
- हर VDA ट्रांसफर पर 1% TDS (धारा 194S) लागू होता है।
- लाभ निकालते समय सामान्यतः सिर्फ खरीद की लागत घटाई जा सकती है, और VDA के नुकसान को दूसरी आय से घटाने या आगे ले जाने पर सीमाएं हैं।
"PI मुफ्त में मिला था, इसलिए टैक्स नहीं लगेगा" मान लेना सही नहीं है। बिना खरीदे मिले PI की टैक्स स्थिति आपकी परिस्थिति पर निर्भर कर सकती है, और बाद में बेचने या दूसरे टोकन में बदलने पर VDA के नियम लागू हो सकते हैं। अपनी स्थिति के लिए किसी योग्य CA से सलाह लें। [इंटरनल लिंक: क्रिप्टो टैक्स इंडिया]
Pi Coin से जुड़ी ठगी से कैसे बचें?
- जो PI अभी ट्रांसफर नहीं हो सकता, उसका P2P सौदा न करें।
- सीड फ्रेज़ या प्राइवेट की किसी को न दें।
- नकली ऐप, वेबसाइट और टोकन से बचने के लिए आधिकारिक स्रोत और सही कॉन्ट्रैक्ट एड्रेस जांचें।
- "फीस दो, हम आपका पैसा वापस दिलाएंगे" जैसे दावे दूसरी ठगी हो सकते हैं।
- ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर सूचना दें, cybercrime.gov.in पर शिकायत करें, बैंक को बताएं और ट्रांज़ैक्शन ID, स्क्रीनशॉट और चैट सुरक्षित रखें।
FAQs: Pi Coin Price in India
1 Pi Coin की कीमत भारत में कितनी है?
मार्केट कैप और सर्कुलेटिंग सप्लाई के हिसाब से 1 PI की कीमत करीब ₹8.7 बैठती है। भाव लगातार बदलता है, इसलिए खरीदने से पहले एक्सचेंज पर लाइव रेट देखें।
Pi Coin का all-time high कितना था?
फरवरी 2025 में $2.99 (₹287.79)। उसके बाद से भाव लगभग 97% गिर चुका है।
Pi Network क्या है?
एक मोबाइल-फर्स्ट ब्लॉकचेन प्रोजेक्ट, जिसमें यूजर रोज़ ऐप में बटन दबाकर PI जमा करते थे। इसका Open Mainnet 20 फरवरी 2025 को शुरू हुआ।
Pi Network के फाउंडर कौन हैं?
Dr. Nicolas Kokkalis और Dr. Chengdiao Fan, जिन्होंने 2019 में इसे शुरू किया।
क्या Pi Coin भारत में खरीद और बेच सकते हैं?
हां, पर ज्यादातर ग्लोबल प्लेटफॉर्म के जरिए, और उपलब्धता समय के साथ बदलती है। ऐप में माइन किया PI बेचने से पहले केवाईसी और मेननेट माइग्रेशन जरूरी है।
PI IOU क्या है?
मेननेट से पहले एक्सचेंजों पर चलने वाले सिंथेटिक टोकन। ये असली PI नहीं हैं।
क्या Pi Coin में इन्वेस्ट करना चाहिए?
यह बहुत अधिक जोखिम वाला, शुरुआती चरण का क्रिप्टो है, जिसमें पूरी कीमत खत्म होने की संभावना भी शामिल है। फैसला अपनी रिस्क क्षमता देखकर लें।
आपके लिए इसका मतलब क्या है?
अगर आपके पास Pi ऐप में PI जमा है, तो आपके सामने सबसे पहला काम बेचने का नहीं, बल्कि अपना केवाईसी और माइग्रेशन स्टेटस जांचने का है, क्योंकि उसके बिना न बिक्री मुमकिन है और न असली भाव का अंदाज़ा लगता है। अगर आप बाजार से खरीदने की सोच रहे हैं, तो याद रखिए कि सप्लाई का करीब 89% हिस्सा अभी आना बाकी है, और ज्यादातर धारकों की लागत लगभग शून्य है, इसलिए कीमत पर दबाव बना रह सकता है। ऐसे में छोटी रकम, बिना लीवरेज और टैक्स का हिसाब पहले से रखकर चलना ज्यादा समझदारी भरा है।
अनिवार्य सूचना
यह पेज सिर्फ जानकारी और शिक्षा के लिए है। यह न निवेश की सलाह है, न टैक्स सलाह और न कानूनी राय। क्रिप्टो बाजार में जोखिम होता है और PI एक बहुत अधिक जोखिम वाली, शुरुआती चरण की क्रिप्टो एसेट है, जिसमें पूरी कीमत खत्म होने की संभावना भी शामिल है। इस पेज का किसी प्रोजेक्ट, ऐप, संस्था या ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से कोई संबंध या आर्थिक हित नहीं है। खरीदने या बेचने से पहले सप्लाई, अनलॉक और नेटवर्क एक्टिविटी को आधिकारिक स्रोतों से जांचें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।