Shiba Inu Price In India
SHIB / INR #31( 1.72%) 24h
तक की स्थिति 02:20 AM
| मार्केट कैप | ₹2,975,891.55 Cr |
| फुली डाइल्यूटेड वैल्यूएशन | ₹2,977,191.06 Cr |
| 24H वॉल्यूम | ₹1,135,270.80 Cr |
| सप्लाई सर्कुलेटिंग | 589,238,464,387,310 SHIB |
| सप्लाई टोटल | 589,495,758,757,130 SHIB |
| सप्लाई मैक्स | ∞ |
( 1.72%) 24h
As on 10 Oct 2026 02:20 AM
| Market Cap | $3,183,019,008 |
| Fully Diluted Valuation | $3,184,408,970 |
| 24H Volume | $1,214,287,713 |
| Circulating Supply | 589,238,464,387,310 SHIB |
| Total Supply | 589,495,758,757,130 SHIB |
| Max Supply | ∞ |
SHIB to INR Chart
Shiba Inu (SHIB) की कीमत आज ₹0.0005232 है, जो पिछले 24 घंटों में 1.72% की बढ़त है और पिछले 7 दिनों में 3.35% नीचे है। पिछले 24 घंटों में Shiba Inu का कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम ₹11,717.88 Cr रहा। Shiba Inu का मार्केट कैप ₹30,716.13 Cr है और मार्केट कैप के हिसाब से यह #31 पर है।
Shiba Inu की जानकारी
Shiba Inu (SHIB) Price Today INR में — लाइव भाव, इतिहास और भारतीय निवेशकों के लिए पूरी जानकारी
इस पेज पर Shiba Inu (SHIB) का लाइव INR price, market cap, trading volume और chart दिया गया है। नीचे Shiba Inu से जुड़ी जरूरी बातें आसान भाषा में समझाई गई हैं।
Shiba Inu (SHIB): बहुत बड़ी Supply और Meme Coin की पूरी कहानी
ऊपर SHIB का लाइव INR भाव दिया गया है। इसकी कीमत में बहुत सारे शून्य हैं, लेकिन सिर्फ कम कीमत दिखने से कोई coin सस्ता नहीं हो जाता। SHIB अगस्त 2020 में एक anonymous creator द्वारा शुरू किया गया था। यह किसी बड़ी तकनीकी समस्या को हल करने के बजाय एक community और meme-based crypto experiment के रूप में सामने आया।2021 में SHIB को बहुत बड़ी लोकप्रियता मिली और इसकी कीमत तेजी से बढ़ी। लेकिन अक्टूबर 2021 के लगभग $0.00008616 के शिखर से यह काफी नीचे आ चुका है। इसलिए SHIB की कहानी सिर्फ तेजी की नहीं, बल्कि बहुत बड़े उतार-चढ़ाव की भी है।इस पृष्ठ का उद्देश्य SHIB को अच्छा या बुरा बताना नहीं है। यहाँ हम समझेंगे कि बहुत बड़ी supply का क्या मतलब है, भारत से जुड़ी इसकी खास कहानी क्या है, token burning वास्तव में कितना असर डालती है और कम कीमत देखकर “सस्ता” मानना क्यों गलत हो सकता है।साथ ही, भारतीय धारकों के लिए tax और सुरक्षित crypto व्यवहार से जुड़ी जरूरी बातें भी आसान भाषा में समझाई जाएँगी। फैसला खरीदने या बेचने का नहीं, बल्कि सही सवाल पूछने का है।
SHIB की शुरुआत: बहुत बड़ी सप्लाई और अनोखा वितरण
SHIB को अगस्त 2020 में Ryoshi नाम के अज्ञात व्यक्ति या समूह ने Ethereum पर लॉन्च किया था। इसकी कुल सप्लाई एक क्वाड्रिलियन (10 लाख करोड़) टोकन रखी गई। इतनी बड़ी संख्या का एक असर यह था कि SHIB की प्रति-टोकन कीमत बहुत छोटी दिखाई देती थी, जिससे लोगों को कम पैसे में बहुत सारे टोकन खरीदने का आकर्षण मिलता था।लेकिन SHIB की शुरुआत का सबसे अनोखा हिस्सा इसका वितरण था। इसकी लगभग आधी सप्लाई एक विकेन्द्रीकृत एक्सचेंज की liquidity में रखी गई और उसकी चाबियाँ छोड़ दी गईं।बाकी लगभग आधी सप्लाई Ethereum के सह-संस्थापक Vitalik Buterin के सार्वजनिक wallet में भेज दी गई। यह उनके साथ पहले से तय निवेश या साझेदारी नहीं थी। विचार यह था कि संस्थापक खुद बड़ी मात्रा में SHIB अपने पास न रखें और टोकन का नियंत्रण समुदाय की ओर चला जाए।यह क्रिप्टो इतिहास के सबसे असामान्य token-distribution प्रयोगों में से एक था। इसकी असली कहानी अगले साल सामने आई।
मई 2021: SHIB और भारत से जुड़ी बड़ी घटना
मई 2021 में SHIB के इतिहास में एक बहुत बड़ी घटना हुई। Vitalik Buterin ने अपनी SHIB holdings का लगभग 410 खरब टोकन burn कर दिया। यानी ये टोकन हमेशा के लिए नष्ट हो गए और वापस इस्तेमाल नहीं किए जा सकते थे। इस एक घटना से SHIB की कुल सप्लाई का लगभग 40% हिस्सा कम हो गया।इसके अलावा, SHIB का एक बड़ा हिस्सा भारत के COVID-19 राहत प्रयासों के लिए बनाए गए एक क्रिप्टो राहत कोष को दान किया गया। उस समय इस दान की कीमत लगभग 1 अरब डॉलर बताई गई थी। इतनी बड़ी मात्रा में SHIB को बेचकर वास्तविक धन में बदलना आसान नहीं था, क्योंकि इससे बाजार की कीमत और liquidity पर असर पड़ सकता था।इस घटना से तीन महत्वपूर्ण बातें समझ आती हैं। पहली, किसी बड़े holder का एक फैसला पूरे token की supply को बदल सकता है। इसलिए केवल यह देखकर कि कोई token 'community-owned' है, concentration risk को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।दूसरी, SHIB जैसी meme-coin की कहानी केवल कीमत तक सीमित नहीं है। इसके token distribution और बड़े holders के फैसले भी इसके इतिहास और बाजार पर बड़ा असर डाल सकते हैं।तीसरी, ऐसी बड़ी घटनाओं के नाम पर फर्जी donation, राहत और partnership के दावे भी सामने आ सकते हैं। इसलिए किसी भी ऐसे दावे पर भरोसा करने से पहले उसके आधिकारिक स्रोत की जांच करना जरूरी है।
SHIB Burn का सच: सप्लाई घटने का असर कितना बड़ा है?
SHIB समुदाय में यह उम्मीद काफी लोकप्रिय है कि लगातार burn करने से टोकन की सप्लाई कम होगी और कीमत बढ़ेगी। सिद्धांत रूप से यह बात सही हो सकती है, लेकिन असली सवाल है कि कितनी सप्लाई कितनी तेजी से कम हो रही है।इसे समझने का आसान तरीका तीन कदमों में है। पहले, SHIB की वर्तमान circulating supply देखें। फिर पिछले 30 दिनों में कितने SHIB burn हुए, यह देखें। इसके बाद burn की मात्रा को कुल supply से तुलना करें।यह गणना अक्सर बताती है कि burn की मौजूदा गति बहुत छोटी है। रोज़ाना लाखों या करोड़ों SHIB जलने के बावजूद कुल supply खरबों में है। इसलिए मौजूदा गति पर burn को SHIB की कीमत बढ़ाने वाला मुख्य कारण मानना सही नहीं होगा।एक और जरूरी बात है: burn अक्सर बढ़ी हुई गतिविधि और बाजार के उत्साह का परिणाम होता है, न कि उसकी वजह। इसलिए सिर्फ burn बढ़ने को देखकर यह मान लेना कि कीमत जरूर बढ़ेगी, सही निष्कर्ष नहीं है।जब भी कोई कहे कि "burn से SHIB की supply आधी हो जाएगी", तो दो सवाल जरूर पूछें—कितना SHIB burn होगा और कितने समय में? यही गणना किसी भी बड़े burn दावे की असली तस्वीर सामने ला देगी।
SHIB का ₹1 वाला भ्रम: सिर्फ कम कीमत देखकर फैसला न करें
SHIB की कीमत बहुत छोटी दिखती है, इसलिए कई लोग मान लेते हैं कि इसका ₹1 तक पहुँचना आसान होगा। लेकिन यह सोच सही नहीं है। किसी token की कीमत कम होना यह नहीं बताता कि वह वास्तव में सस्ता है।किसी token का कुल बाज़ार-मूल्य = प्रति token कीमत × कुल circulating supply होता है। SHIB की supply बहुत बड़ी है। इसलिए अगर SHIB ₹1 तक पहुँचता है, तो उसका कुल बाज़ार-मूल्य असाधारण रूप से बड़ा हो जाएगा।यही कारण है कि केवल यह कहना कि "SHIB अभी बहुत सस्ता है, इसलिए ₹1 तक जा सकता है" पर्याप्त नहीं है। पहले यह देखना जरूरी है कि उस कीमत पर SHIB का कुल market cap कितना होगा।सबसे जरूरी नियम याद रखें: कम प्रति-टोकन कीमत का मतलब सस्ता token नहीं होता। किसी भी price target को देखने का सही तरीका है—उस कीमत को circulating supply से गुणा करके market cap निकालना।यानी अगली बार कोई SHIB के लिए बड़ा price target बताए, तो सिर्फ कीमत मत देखिए। पहले पूछिए: "उस कीमत पर SHIB का market cap कितना होगा?" यही सवाल असली तस्वीर दिखाता है।
Shibarium और SHIB की उपयोगिता: दावे नहीं, असली आँकड़े देखें
2022 में SHIB के संस्थापक ने सार्वजनिक रूप से पीछे हटने की घोषणा की और कहा कि परियोजना अब समुदाय के हाथ में है। इसके बाद SHIB का फोकस केवल meme-coin बने रहने के बजाय उपयोगिता बढ़ाने पर रहा।इसी दिशा में 2023 में Shibarium नाम की scaling network शुरू हुई। इसके अलावा decentralized exchange, दूसरे tokens और कई अन्य प्रयोग भी सामने आए।लेकिन सवाल यह नहीं है कि कितने प्रोजेक्ट घोषित किए गए। असली सवाल है कि लोग उनका वास्तव में कितना इस्तेमाल कर रहे हैं।इसे समझने के लिए तीन बातें देखें। पहली, रोज़ कितने लोग और कितने transactions वास्तविक रूप से हो रहे हैं। केवल कुल या पुराने आँकड़ों पर भरोसा न करें।दूसरी, इस गतिविधि से SHIB की मांग कितनी बढ़ती है, यह देखें। उदाहरण के लिए, fees किस token में दी जाती हैं और क्या उस गतिविधि से SHIB की supply कम होती है।तीसरी, यह देखें कि क्या कोई ऐसा प्रोजेक्ट है जिसे लोग rewards या incentives बंद होने के बाद भी इस्तेमाल करते रहें। यही वास्तविक उपयोगिता का मजबूत संकेत होगा।इसलिए SHIB की कहानी को केवल घोषणाओं या सोशल मीडिया के आधार पर नहीं, बल्कि active users, transactions और वास्तविक token demand के आधार पर समझना बेहतर है। फिलहाल मुख्य सवाल यही है कि Shibarium और दूसरे प्रयोग SHIB के बड़े market cap के मुकाबले कितनी वास्तविक आर्थिक गतिविधि पैदा कर पाते हैं।
2021 के SHIB निवेशक: पुरानी खरीद-कीमत के जाल से बचें
भारत में बहुत से लोगों ने 2021 के दौरान SHIB खरीदा था, जब इसकी लोकप्रियता बहुत तेजी से बढ़ रही थी। आज उनके सामने एक आम मानसिक जाल है, जिसे anchoring कहते हैं। इसका मतलब है कि हम अपनी पुरानी खरीद-कीमत को ही सही कीमत मानकर बैठे रहते हैं और उसी कीमत के वापस आने का इंतजार करते रहते हैं।इससे बचने का पहला तरीका है कि अपनी खरीद-कीमत को कुछ समय के लिए अलग रखकर आज की स्थिति देखें। बाजार को यह फर्क नहीं पड़ता कि आपने SHIB कितने में खरीदा था। इसलिए आगे का फैसला केवल पुरानी कीमत के आधार पर नहीं होना चाहिए।दूसरा सवाल खुद से पूछें: "अगर मेरे पास आज SHIB नहीं होता, तो क्या मैं आज की कीमत और मौजूदा स्थिति देखकर इसमें इतनी ही रकम लगाता?" अगर जवाब नहीं है, तो सिर्फ अपनी पुरानी खरीद-कीमत के वापस आने का इंतजार करना भी एक फैसला है।तीसरी बात, अपने पुराने खरीद और बिक्री के रिकॉर्ड जरूर संभालकर रखें। खासकर 2021 के लेन-देन के दस्तावेज़ बाद में कर की गणना के समय काम आ सकते हैं।यह हिस्सा SHIB को बेचने या रखने की सलाह नहीं दे रहा। इसका सीधा मतलब है: फैसला आज की जानकारी के आधार पर लें, पुरानी खरीद-कीमत के कारण नहीं।
भारत में SHIB: खरीद, टैक्स और ठगी से बचने की जरूरी बातें
उपलब्धता: SHIB भारत में कई FIU-पंजीकृत क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्म पर INR के साथ उपलब्ध रहा है। लेकिन इसे भेजते समय सावधानी बहुत जरूरी है, क्योंकि SHIB अलग-अलग नेटवर्क पर मिल सकता है। गलत नेटवर्क चुनने से टोकन फँस सकते हैं। बड़ी रकम भेजने से पहले छोटी रकम का test transfer करना बेहतर है।टैक्स: SHIB से होने वाले मुनाफ़े पर भारत का VDA टैक्स नियम लागू होता है। सामान्य तौर पर मुनाफ़े पर 30% टैक्स, उसके ऊपर लागू उपकर और बिक्री पर 1% TDS का नियम ध्यान में रखना होता है। क्रिप्टो में हुए नुकसान को दूसरी आय से घटाकर टैक्स कम नहीं किया जा सकता।एक और जरूरी बात यह है कि SHIB को किसी दूसरे crypto token से बदलना भी taxable transaction माना जा सकता है। इसलिए बार-बार छोटे trades करने पर भी हर transaction का रिकॉर्ड रखना जरूरी है। खरीद, बिक्री और transfer का हिसाब मासिक आधार पर सुरक्षित रखना बाद में काफी परेशानी बचा सकता है।ठगी से बचें: SHIB के नाम पर नकली giveaways, "पैसा दोगुना" योजनाएँ, फर्जी burn/staking websites और नकली partnerships जैसी ठगी हो सकती है। किसी भी website या व्यक्ति को अपना seed phrase या private key कभी न दें।किसी अनजान token को केवल इसलिए न खरीदें क्योंकि कोई उसे "अगला SHIB" बता रहा है। इसी तरह, जो व्यक्ति पहले पैसे भेजने पर ज्यादा पैसे वापस देने का वादा करे, उससे सावधान रहें।अगर ठगी हो जाए, तो तुरंत 1930 पर संपर्क करें, सरकारी cybercrime portal पर शिकायत दर्ज करें और अपने बैंक को भी सूचना दें। Screenshots, wallet addresses और transaction details सुरक्षित रखें। "आपका पैसा वापस दिला देंगे" कहकर बाद में संपर्क करने वालों से भी सावधान रहें—यह अक्सर दूसरी ठगी होती है।
SHIB की यात्रा: 2020 से 2026 तक के 7 बड़े पड़ाव
अगस्त 2020: SHIB की शुरुआत एक अज्ञात संस्थापक से हुई। इसकी कुल सप्लाई बहुत बड़ी, करीब एक क्वाड्रिलियन टोकन थी। इसका लगभग आधा हिस्सा एक दूसरे व्यक्ति के wallet में भेजा गया।जनवरी–अप्रैल 2021: SHIB तेजी से लोकप्रिय होने लगा। सोशल मीडिया और छोटे निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी और इसका नाम बड़ी संख्या में लोगों तक पहुँचा।मई 2021: SHIB की बड़ी मात्रा burn की गई और भारत के COVID-19 राहत प्रयासों के लिए बड़ा donation किया गया। इससे SHIB की supply की कहानी काफी बदल गई।अक्टूबर 2021: SHIB ने लगभग $0.00008616 का अपना सबसे ऊँचा भाव छुआ। यह meme-coin उत्साह का सबसे बड़ा दौर था।2022: संस्थापक Ryoshi सार्वजनिक रूप से पीछे हट गए। बाजार में मंदी आई और SHIB ने केवल meme-coin से आगे बढ़कर utility बनाने पर ज्यादा ध्यान देना शुरू किया।2023: Shibarium की शुरुआत हुई, जिसका उद्देश्य SHIB ecosystem में ज्यादा उपयोग और गतिविधि लाना था। हालांकि शुरुआती गतिविधि उसके बड़े दावों की तुलना में सीमित रही।2024–2026: SHIB का ecosystem चलता रहा, burn भी जारी रहे, लेकिन इसकी कीमत अपने 2021 के शिखर से काफी नीचे रही। अब मुख्य सवाल यह है कि क्या इसका ecosystem वास्तविक और लंबे समय तक टिकने वाली उपयोगिता पैदा कर सकता है।
SHIB को कैसे समझें: फायदे, जोखिम और सही नजरिया
पक्ष: SHIB की पहचान और लोकप्रियता बहुत मजबूत है। यह उन कुछ meme coins में से है जो कई सालों और एक बड़े market cycle के बाद भी चर्चा में बने हुए हैं। इसका समुदाय भी सक्रिय है और उसने ecosystem बनाने की कोशिश की है। इसके अलावा, SHIB की supply में बड़ी और आसानी से सत्यापित burn घटना भी हुई है।विपक्ष: SHIB की कीमत को समझाने के लिए कोई मजबूत cash-flow या कमाई का आधार नहीं है। इसकी supply इतनी बड़ी है कि सामान्य burn की मात्रा का असर बहुत छोटा रहता है। इसके utility projects भी इसके बड़े market cap की तुलना में अभी सीमित रहे हैं।इसलिए SHIB को blockchain infrastructure investment की तरह नहीं, बल्कि एक cultural या community-driven asset की तरह समझना ज्यादा सही है।ऐसी संपत्ति में तीन बातें याद रखना उपयोगी है। उतनी ही रकम लगाएँ जिसका पूरी तरह खत्म हो जाना आपकी आर्थिक स्थिति को न बिगाड़े। खरीदने से पहले यह तय करें कि किस परिस्थिति में आप बाहर निकलेंगे।और सबसे जरूरी—अपने निवेश को SHIB के समुदाय या उसकी पहचान से अलग रखें। अगर किसी asset से भावनात्मक जुड़ाव बहुत बढ़ जाए, तो उसके कमजोर आँकड़े भी दिखाई देना बंद हो सकते हैं।
SHIB के बारे में याद रखने वाली 6 जरूरी बातें
- कम कीमत का मतलब सस्ता token नहीं होता। असली चीज़ उसका कुल market cap है। इसलिए SHIB के ₹1 तक पहुँचने की बात करते समय market cap जरूर देखें।
- मई 2021 में SHIB की बहुत बड़ी मात्रा burn हुई थी। इस घटना में supply का लगभग 40% हिस्सा नष्ट हुआ और भारत के COVID-19 राहत प्रयासों से जुड़ा बड़ा donation भी हुआ।
- Burn की मौजूदा गति को supply के मुकाबले जरूर देखें। इससे पता चलता है कि पूरी supply को काफी कम करने में कितना समय लग सकता है।
- Burn बढ़ना हमेशा कीमत बढ़ने का कारण नहीं होता। कई बार ज्यादा burn खुद बढ़ी हुई activity और demand का परिणाम होता है।
- भारत में SHIB पर VDA से जुड़े tax rules लागू होते हैं। SHIB को किसी दूसरे token से बदलना भी tax calculation में महत्वपूर्ण transaction हो सकता है।
- "अगला SHIB" जैसे दावों से सावधान रहें। किसी अनजान project को खरीदने के लिए दबाव बनाया जाए तो पहले उसकी जांच करें। अपना seed phrase या wallet की private information कभी साझा न करें।
SHIB पर 4 आम सवालों के आसान जवाब
क्या SHIB की कीमत शून्य हो सकती है?
हाँ, इसकी संभावना पूरी तरह खत्म नहीं की जा सकती। Meme coins की कीमत मुख्य रूप से demand और लोगों की रुचि पर निर्भर करती है। इसलिए इसमें उतना ही पैसा लगाना समझदारी है, जिसका नुकसान आपकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित न करे।
क्या burn से SHIB की कीमत बढ़ेगी?
Burn से supply जरूर कम होती है, लेकिन मौजूदा supply के मुकाबले burn की मात्रा बहुत छोटी है। इसलिए केवल burn के आधार पर बड़ी कीमत बढ़ने की उम्मीद करना सही नहीं है। Demand भी बढ़नी जरूरी है।
SHIB और DOGE में क्या अंतर है?
Dogecoin अपनी अलग blockchain पर चलता है और mining के जरिए नए coins बनते हैं। इसकी supply की कोई निश्चित अधिकतम सीमा नहीं है। वहीं SHIB Ethereum पर बनाया गया token है और इसकी supply बहुत बड़ी है, जिसे burn के जरिए कम किया जा सकता है।
क्या भारत में SHIB रखना वैध है?
भारत में crypto assets कानूनी मुद्रा नहीं हैं, लेकिन इन्हें रखने और trade करने पर VDA से जुड़े tax नियम लागू होते हैं। लेन-देन के लिए FIU-पंजीकृत platform का उपयोग करना बेहतर सावधानी है।
SHIB से मिलने वाला सबसे बड़ा सबक: सस्ता दिखना और सस्ता होना अलग है
SHIB की सबसे बड़ी सीख उसकी तकनीक नहीं, बल्कि कीमत को सही तरीके से समझना है।
इसका भाव बहुत छोटा दिखाई देता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि SHIB सस्ता है। किसी token की असली कीमत समझने के लिए केवल एक सिक्के का भाव नहीं, बल्कि उसका कुल बाज़ार-मूल्य देखना चाहिए।यही वजह है कि बहुत कम कीमत देखकर यह सोचना कि “यह आसानी से ₹1 तक पहुँच सकता है”, गलत हो सकता है। शून्य और दशमलव की संख्या देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए।SHIB जैसे meme token से एक और महत्वपूर्ण बात सीखने को मिलती है। ऐसी सम्पत्तियों का मूल्य काफी हद तक समुदाय, लोकप्रियता और लोगों के ध्यान पर निर्भर करता है।इसलिए अगर कोई व्यक्ति SHIB जैसी सांस्कृतिक या meme-सम्पत्ति रखता है, तो उसे उतनी ही राशि लगानी चाहिए जिसका पूरी तरह खत्म हो जाना उसकी आर्थिक स्थिति को नुकसान न पहुँचाए।सरल नियम:
सस्ता दिखने वाला token जरूरी नहीं कि सस्ता हो। और meme-सम्पत्ति को बचत नहीं, उच्च-जोखिम वाली छोटी राशि के रूप में देखना अधिक समझदारी है।
आसान शब्दों में: SHIB से जुड़े ज़रूरी शब्द
क्वाड्रिलियन: बहुत बड़ी संख्या। SHIB की शुरुआत में कुल आपूर्ति लगभग 1 क्वाड्रिलियन tokens थी।
Burn: कुछ tokens को ऐसे पते पर भेज देना जहाँ से उन्हें वापस नहीं लाया जा सकता। इससे कुल आपूर्ति कम होती है।
Burn-दर: एक निश्चित समय में कितने tokens burn हुए। इसका सही मतलब समझने के लिए इसे कुल आपूर्ति के मुकाबले देखना चाहिए।
दशमलव-भ्रम: यह मान लेना कि किसी token का भाव बहुत कम है, इसलिए वह सस्ता है। असल में कुल बाज़ार-मूल्य देखना जरूरी है।
Anchoring: अपनी खरीद की कीमत को ही सही कीमत मानते रहना। जैसे, “मैंने ₹X में खरीदा था, इसलिए इसके वापस वहाँ पहुँचने तक इंतज़ार करूँगा।”
सांस्कृतिक-सम्पत्ति: ऐसी सम्पत्ति जिसका मूल्य मुख्य रूप से लोगों की लोकप्रियता, समुदाय और ध्यान से बनता है, न कि किसी नियमित कमाई या नकदी-प्रवाह से।
Scaling-परत: मुख्य blockchain के ऊपर बनाई गई ऐसी अतिरिक्त परत जो लेन-देन को सस्ता और तेज़ बनाने की कोशिश करती है। SHIB की utility-कथा में ऐसी परत का उपयोग किया जाता है।
पड़ोसी-पृष्ठ
- Dogecoin — इसी वर्ग का पूर्वज और तुलना-कक्षा
- MemeCore — meme-श्रेणी की नई पीढ़ी
- Ethereum — वह chain जिस पर यह token जन्मा
जरूरी सूचना: जोखिम, कर और ठगी से सावधान
यह सामग्री स्वतन्त्र शैक्षिक जानकारी के लिए है। इसका किसी परियोजना, उसके समुदाय या किसी trading platform से कोई सम्बन्ध या प्रायोजन नहीं है।इसे निवेश की सलाह, कर-सलाह या कानूनी सलाह न समझें।SHIB एक बहुत अधिक जोखिम वाली सम्पत्ति है। इसमें नियमित कमाई या cash flow नहीं है और इसकी कीमत अपने पुराने शिखर से काफी नीचे आ चुकी है। बहुत खराब स्थिति में इसका मूल्य बहुत अधिक, यहाँ तक कि लगभग पूरा भी गिर सकता है।इसलिए SHIB की supply, burn और ecosystem से जुड़े आँकड़ों को आधिकारिक स्रोतों और public blockchain explorers से खुद जाँचें।
भारत में करSHIB पर भारत के VDA से जुड़े कर नियम लागू होते हैं। मुनाफ़े पर 30% कर और लागू उपकर, बिक्री पर 1% TDS, तथा नुकसान को दूसरी आय से समायोजित न कर पाने जैसे नियम महत्वपूर्ण हैं।इसलिए हर खरीद, बिक्री और token-to-token transaction का रिकॉर्ड संभालकर रखें। कर नियम बदल सकते हैं, इसलिए बड़ी राशि के मामलों में योग्य tax professional से सलाह लेना बेहतर है।
ठगी से बचेंTrading platform चुनते समय उसके FIU-पंजीकरण और आधिकारिक जानकारी की जाँच करें।अगर किसी धोखाधड़ी में पैसा फँस जाए, तो तुरंत 1930 पर संपर्क करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। बैंक को भी तुरंत सूचना दें।और सावधान रहें: नुकसान के बाद “आपका पैसा वापस दिला देंगे” कहने वाले लोग अक्सर दूसरी ठगी करने की कोशिश करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।