दुनिया में जब भी तनाव बढ़ता है, निवेशक आमतौर पर अपना पैसा सोना और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों में लगाते हैं। लेकिन हाल ही में ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव के दौरान तस्वीर कुछ अलग देखने को मिली। इस बार क्रिप्टोकरेंसी ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया और निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। Binance की रिसर्च के अनुसार इस दौरान Bitcoin और Ethereum ने सबसे अच्छा रिटर्न दिया, जबकि सोना और चांदी दबाव में रहे। तो आइए जानते हैं इसका कारण क्या था और सोना चांदी क्यों रहे कमजोर?
रिपोर्ट के मुताबिक तनाव शुरू होने के बाद करीब 32 दिनों में Bitcoin की कीमत 1% से ज्यादा बढ़ी, जबकि Ethereum में लगभग 6% की तेजी देखने को मिली। मार्च 2026 में भी Ethereum करीब 6.27% ऊपर रहा और Bitcoin में लगभग 1.5% की बढ़त दर्ज हुई। इस दौरान पूरे क्रिप्टो बाजार का कुल मार्केट कैप करीब 1.8% बढ़ा, जिससे पता चलता है कि अनिश्चित माहौल में भी निवेशकों का भरोसा क्रिप्टो पर बना रहा।
दिलचस्प बात यह रही कि जिस समय क्रिप्टो स्थिर रहा, उसी दौरान सोना और चांदी में गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार इस अवधि में सोने की कीमत करीब 13% नीचे आई, जबकि चांदी में लगभग 22% की गिरावट देखी गई। ग्लोबल इक्विटी मार्केट भी दबाव में था। S&P 500 लगभग 8% फिसला, जबकि बड़ी टेक कंपनियों का समूह Magnificent Seven करीब 10% कमजोर हुआ। सेमीकंडक्टर सेक्टर और उभरते बाजारों से जुड़े ETF में भी 12–13% तक की गिरावट दर्ज की गई, जो निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस बार क्रिप्टो बाजार को बड़ी कंपनियों और संस्थागत निवेशकों का अच्छा सपोर्ट मिला। Bitcoin ETF में करीब 1.7 अरब डॉलर का निवेश आया, जिससे बाजार में स्थिरता बनी रही। कई कंपनियां भी अपने पोर्टफोलियो का कुछ हिस्सा डिजिटल एसेट्स में लगाए रखे हुए हैं, जिसके कारण क्रिप्टो बाजार को मजबूती मिली।
साल 2025 में सोना और चांदी की कीमतों में अच्छी तेजी देखने को मिली थी और जनवरी 2026 में ये रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गए थे। लेकिन जैसे ही बाजार में तनाव कम होने की उम्मीद बनी, कई निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया और पैसा दूसरे एसेट्स में लगाना शुरू किया। इसी वजह से इस दौरान सोना और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली।
विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। सोना सीमित दायरे में रह सकता है, लेकिन Cryptocurrency में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रह सकती है। हाल का ट्रेंड दिखाता है कि अब कई लोग डिजिटल एसेट्स को सिर्फ ज्यादा जोखिम वाला नहीं मानते, बल्कि अपने निवेश का एक अहम हिस्सा बना रहे हैं। अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो आने वाले समय में वैश्विक संकट के दौरान सोने के साथ-साथ क्रिप्टो को भी एक मजबूत निवेश विकल्प माना जा सकता है।
हालिया ट्रेंड यह दिखाता है कि निवेशकों की सोच धीरे-धीरे बदल रही है। पहले जहां संकट के समय सोना और चांदी सबसे सुरक्षित माने जाते थे, वहीं अब Bitcoin और Ethereum जैसे क्रिप्टो एसेट भी मजबूत विकल्प के रूप में उभरे हैं। हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव बन सकता है, लेकिन डिजिटल एसेट्स अब धीरे धीरे निवेश पोर्टफोलियो का अहम हिस्सा बनने वाले हैं।
यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से है, इसे निवेश सलाह न माना जाए। क्रिप्टो मार्केट में निवेश जोखिम के अधीन होता है।
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