अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने दुनियाभर के बाजारों में हलचल पैदा कर दी है। तेल सप्लाई में रुकावट का डर और शेयर बाजार में गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। आमतौर पर ऐसे हालात में लोग सुरक्षित निवेश की तरफ जाते हैं और Gold सबसे भरोसेमंद माना जाता है। लेकिन इस बार कहानी थोड़ी अलग नजर आ रही है, क्योंकि सोना उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रहा है। आइए जानते हैं सोने का क्या हाल रहा है और निवेशक किस ओर बढ़ गए?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फरवरी के अंत में जैसे ही Geopolitical Tensions बढ़ा, सोने की कीमतों में करीब 5% की गिरावट देखने को मिली। वहीं US Dollar ने थोड़ी मजबूती जरूर दिखाई, लेकिन यह भी निवेशकों को खास फायदा नहीं दे पाया। ऐसे में बाजार का रुख धीरे-धीरे बदलता नजर आ रहा है।
इसी बीच Bitcoin ने सभी को चौंकाते हुए शानदार तेजी दिखाई है। पिछले कुछ हफ्तों में इसकी कीमत 10% से ज्यादा बढ़कर करीब 73,720 डॉलर तक पहुंच गई, जो पिछले 6 हफ्तों का सबसे ऊंचा स्तर है। यह सिर्फ एक तेजी नहीं, बल्कि निवेशकों की सोच में आए बदलाव का संकेत भी है, जहां अब लोग ट्रेडिशनल एसेट्स की बजाय डिजिटल एसेट्स की तरफ झुकाव दिखा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तेजी के पीछे सिर्फ छोटे निवेशक नहीं, बल्कि बड़े संस्थागत निवेशकों की भी अहम भूमिका है। CoinMarketCap के अनुसार अमेरिका में Spot Bitcoin ETF में लगातार पैसा आ रहा है, जिससे बाजार में भरोसा बढ़ा है। March 2026 की शुरुआत से अब तक $BTC ETF में $1.54B का निवेश हुआ है, जिसने Bitcoin की कीमत को और सहारा दिया है।
Bitcoin के साथ-साथ बाकी क्रिप्टोकरेंसी भी अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। Ethereum में लगभग 10% की तेजी आई है, जबकि Solana और XRP में भी मजबूत बढ़त देखने को मिली है। इससे साफ है कि पूरा क्रिप्टो बाजार इस समय तेजी के मूड में है।
विश्लेषकों के अनुसार, बिटकॉइन के लिए 75,000 डॉलर का स्तर काफी अहम है। अगर यह इससे Clear Breakout करता है, तो आगे और तेजी देखने को मिल सकती है, क्योंकि इस स्तर पर काफी बड़े दांव लगे हुए हैं। वहीं सोने की कमजोरी के पीछे कई आर्थिक कारण बताए जा रहे हैं। डॉलर की मजबूती के कारण सोना अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए महंगा हो गया है और ऊंची ब्याज दरों के कारण निवेशक अब ऐसे विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जहां उन्हें ब्याज या रिटर्न मिल सके, जबकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता।
इसके अलावा कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई की चिंता भी बढ़ा दी है। ऐसे माहौल में अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो जाती है, जिसका सीधा असर सोने की मांग पर पड़ता है।
Geopolitical Tensions और आर्थिक परिस्थितियों से निवेशकों की पसंद भी बदल गई है। सोना अब उतना सुरक्षित नहीं लग रहा, जबकि बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टो अच्छी तेजी दिखा रहे हैं। डॉलर की मजबूती, ऊँची ब्याज दर और तेल की बढ़ती कीमतें सोने की कमजोरी के पीछे हैं। निवेशक अब डिजिटल एसेट्स की ओर बढ़ रहे हैं।
यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी के लिए है। निवेश से पहले स्वयं रिसर्च करें और जरूरत पड़ने पर प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।
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