Digital Arrest Scam पर WhatsApp की बड़ी कार्रवाई

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Digital Arrest Scam पर WhatsApp की बड़ी कार्रवाई

WhatsApp ने 9,400 अकाउंट किए ब्लॉक 


WhatsApp ने जनवरी 2026 से शुरू हुई जांच में करीब 9,400 से ज्यादा अकाउंट बंद कर दिए हैं। ये सभी अकाउंट एक ऐसे फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े थे जो Digital Arrest नाम का स्कैम चला रहा था। सरकारी डॉक्यूमेंट के अनुसार, यह कार्रवाई साइबर सुरक्षा एजेंसियों की जानकारी के बेस पर की गई, ताकि लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाया जा सके।


Digital Arrest Scam कैसे काम करता है?

यह एक ऑनलाइन ठगी है जिसमें ठग खुद को पुलिस या किसी जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हैं और लोगों को डराते हैं। वे पीड़ित को बताते हैं कि वह किसी केस में फंसा हुआ है और उसे “Virtual Arrest” में रखा जाता है। इसके बाद वीडियो कॉल पर नकली पुलिस स्टेशन और फर्जी डॉक्यूमेंट दिखाकर दबाव बनाया जाता है। फिर कहा जाता है कि वे अपना पैसा सुरक्षित अकाउंट में ट्रांसफर करें, जो असल में ठगों का अकाउंट होता है।


कार्रवाई और नेटवर्क डिटेल



Indian Cyber Crime Coordination Centre और Ministry of Electronics and Information Technology की जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

  • करीब 9,400 से ज्यादा अकाउंट्स बंद किए गए।

  • कई अकाउंट्स इंटरनेशनल ठगी नेटवर्क से जुड़े पाए गए।

  • शुरुआत में केवल 17 शिकायतें दर्ज हुई थीं।

  • बाद में जांच के द्वारा पूरा नेटवर्क सामने आ गया है।


Digital Arrest स्कैम में बैन किए गए WhatsApp अकाउंट्स का डेटा



विवरण

संख्या / जानकारी

समयावधि

कुल बैन किए गए अकाउंट्स

9,400+

जनवरी 2026 से शुरू हुई 12 हफ्ते की जांच

मुख्य स्कैम प्रकार

Digital Arrest + Law Enforcement Impersonation

सरकार द्वारा फ्लैग किए गए अकाउंट्स (Section 79 IT Act)

लगभग 3,800

Digital Arrest से संबंधित शुरुआती रिपोर्ट

केवल 17

शुरुआती रिपोर्ट

WhatsApp की अपनी जांच से अतिरिक्त बैन

9,400 (पूर्ण नेटवर्क मैपिंग के बाद)

जनवरी से मार्च/अप्रैल 2026




SIM-Binding फीचर से क्या बदलेगा?

सरकार साइबर फ्रॉड रोकने के लिए नए सुरक्षा नियम ला रही है। अब सिस्टम ऐसा होगा कि ऐप सिर्फ KYC-verified SIM पर ही चलेगा। यदि SIM बदल दी जाती है, तो ऐप अपने आप बंद हो सकता है। इसके अलावा AI की मदद से फर्जी कॉल और नकली प्रोफाइल की पहचान भी की जाएगी, ताकि ठगी को रोका जा सके। WhatsApp भी आने वाले महीनों में इन सुरक्षा फीचर्स को लागू करने की तैयारी में है।


यूज़र्स के लिए जरूरी सावधानियां-


  • किसी भी अनजान कॉल पर तुरंत विश्वास न करें।
  • पुलिस या सरकारी एजेंसी कभी WhatsApp पर पैसे नहीं मांगती।
  • किसी भी “Digital Arrest” कॉल को स्कैम समझें।
  • 1930 साइबर हेल्पलाइन पर तुरंत रिपोर्ट करें।
  • cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।




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कन्क्लूजन


यह याद रखना बहुत जरूरी है कि कोई भी सरकारी एजेंसी, पुलिस या जांच विभाग कभी भी WhatsApp या फोन कॉल के द्वारा पैसे नहीं मांगता। यदि किसी कॉल या मैसेज में पैसे ट्रांसफर करने, गिरफ्तारी का डर दिखाने या तुरंत कार्रवाई की बात कही जाए, तो वह साफ तौर पर स्कैम हो सकता है।


डिस्क्लेमर 


यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। कृपया किसी भी निवेश से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें। क्रिप्टो मार्केट जोखिम भरा है।



लेखक परिचय
Bhumi Malviya Hindi News Writer

Bhumi Malviya एक अनुभवी Crypto और Blockchain Journalist हैं, जो Present में CryptoHindiNews.in से जुड़ी हुई हैं। मीडिया और कम्युनिकेशन इंडस्ट्री में 5+ वर्षों के अनुभव के साथ, उन्होंने Anchor और Content Presenter के रूप में विभिन्न डिजिटल और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर काम किया है। Web3, DeFi, NFTs और Blockchain Technology जैसे जटिल विषयों को सरल, स्पष्ट और विश्वसनीय भाषा में प्रस्तुत करना उनकी विशेषज्ञता है। Bhumi की लेखन शैली SEO-optimized, data-driven और reader-focused है। वह ऐसा कंटेंट तैयार करती हैं जो न केवल सूचनात्मक और भरोसेमंद हो, बल्कि Google Discover और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी बेहतर प्रदर्शन कर सके।

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Digital Arrest एक ऑनलाइन ठगी है जिसमें स्कैमर खुद को पुलिस या जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और उन्हें फर्जी केस में फंसा हुआ दिखाकर पैसे ट्रांसफर करने को कहते हैं।
WhatsApp ने जनवरी 2026 से शुरू हुई जांच में 9,400 से ज्यादा अकाउंट ब्लॉक किए हैं जो Digital Arrest स्कैम और अन्य फर्जी नेटवर्क से जुड़े थे।
ठग वीडियो कॉल पर नकली पुलिस स्टेशन, फर्जी दस्तावेज और डर का माहौल बनाकर पीड़ित से कहते हैं कि वे पैसे ‘सुरक्षित खाते’ में ट्रांसफर करें, जो असल में ठगों का खाता होता है।
किसी भी संदिग्ध कॉल पर तुरंत भरोसा न करें, कॉल काट दें, नंबर ब्लॉक करें और 1930 साइबर हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
नहीं, कोई भी सरकारी एजेंसी, पुलिस या जांच विभाग कभी भी WhatsApp, फोन कॉल या मैसेज के जरिए पैसे नहीं मांगता।