Dubai ने Crypto Market को लेकर अब तक का सबसे कड़ा Regulatory कदम उठाया है। Dubai Financial Services Authority (DFSA) ने नए Crypto Regulation लागू कर दिए हैं, जिनके तहत Privacy-focused Tokens पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है और Stablecoins से जुड़े नियमों को भी काफी सख्त कर दिया गया है।
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ये नियम Dubai International Financial Centre (DIFC) के अंदर काम करने वाली सभी Crypto Companies, Exchanges, Brokers और Financial Institutions पर लागू होंगे। इस फैसले को Global Compliance और Transparency की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
DFSA के नए नियमों के अनुसार Monero (XMR), Zcash (ZEC) जैसे दूसरे Privacy Coins को DIFC के Regulated Ecosystem से बाहर कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब इन Tokens को
Trade नहीं किया जा सकेगा।
Promote नहीं किया जा सकेगा।
Fund Management या Derivatives Products में यूज नहीं हो सकेगा।
हालांकि DFSA ने यह भी साफ किया है कि Individual Users अपने Private Wallets में इनको Hold कर सकते हैं। लेकिन Regulated Exchanges या Platforms पर इनका कोई यूज नहीं होगा।
दिलचस्प बात यह रही कि Ban के दिन ही $686.22 पर पहुंचकर Monero Price ने नया All Time High बनाया।
Dubai ने सिर्फ इन पर ही नहीं, बल्कि ट्रांजैक्शन को छिपाने वाले टूल्स पर भी सख्त रुख अपनाया है। नए नियमों के तहत
Crypto mixers
Tumblers
Transaction Trail Hide करने वाले Software
पर DIFC में रोक लगा दी गई है। DFSA का मानना है कि ऐसे Tools Money Laundering, Terror Financing और Illegal Fund Movement के जोखिम को बढ़ाते हैं।
Regulated Firms को अब साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे Transactions को पहचानें, Report करें और Risk Mitigation Steps लागू करें।
DFSA ने स्पष्ट किया है कि यह पूरा Regulatory Change FATF (Financial Action Task Force) के Global Standards के अनुसार किया गया है। FATF के नियमों के मुताबिक हर Crypto Transaction में
Sender की पहचान।
Receiver की पहचान।
Clear और Traceable होनी चाहिए। प्राइवेसी कॉइन इस Transparency को खत्म कर देते हैं, जिससे Compliance करना Regulated Institutions के लिए बेहद मुश्किल हो जाता है।
इसी वजह से DFSA ने Anonymity-based Crypto Assets के खिलाफ सख्त कदम उठाया है।
DFSA ने साफ किया है कि Algorithmic Stablecoins को पूरी तरह Ban नहीं किया गया है। लेकिन
उन्हें Stablecoin की Category में नहीं रखा जाएगा।
उन्हें Normal Crypto Assets की तरह Treat किया जाएगा।
उन पर ज्यादा Strict Risk Checks और Compliance Rules लागू होंगे।
यानी अब Algorithmic Coins को Stablecoins जैसी Regulatory राहत नहीं मिलेगी।
फिलहाल DFSA ने बहुत कम Stablecoins को DIFC में Allow किया है। इनमें शामिल हैं
Circle का USDC
EURC
Ripple का RLUSD
इन Coins को इसलिए मंजूरी मिली है क्योंकि इनके Reserves Transparent माने जाते हैं और ये Liquid Assets से Backed हैं, जिससे Investor Protection मजबूत होता है।
Dubai का यह फैसला Global Trend का हिस्सा है। दुनिया के कई बड़े Regions पहले ही प्राइवेसी कॉइन पर सख्ती कर चुके हैं
Europe में MiCA Rules Anonymity को खत्म कर रहे हैं।
Japan और South Korea पहले ही Privacy Coins पर रोक लगा चुके हैं।
Hong Kong Technically Allow करता है, लेकिन Practically Listing काफी मुश्किल है।
अब Dubai भी दुनिया की सबसे Strict Crypto Regulation Country में गिना जाने लगा है।
हाल ही में मोदी सरकार ने भी Crypto Regulation को लेकर बड़ा कदम उठाया है जानने के लिए दी गई लिंक पर क्लिक करें।
Dubai का यह Regulatory Reset क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा Signal है। Privacy Coins Ban और Stablecoins पर सख्ती दिखाती है कि आने वाले समय में वही Projects टिक पाएंगे जो Rules के साथ चलने को तैयार हैं।
डिस्क्लेमर- यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। क्रिप्टो मार्केट काफ़ी वोलेटाइल है, इसलिए निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें।
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