क्रिप्टोकरेंसी की लोकप्रियता बढ़ने के साथ-साथ ऑनलाइन स्कैम और फर्जी ऐप्स का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। आजकल कई स्कैमर्स ऐसे मोबाइल ऐप और वेबसाइट बनाते हैं जो देखने में बिल्कुल असली क्रिप्टो एक्सचेंज जैसे लगते हैं, लेकिन असल में उनका मकसद यूज़र्स का पैसा और डेटा चुराना होता है।
वहीं 2026 में स्कैमर्स ने AI Deepfake, फेक विज्ञापन (Sponsored Ads) और फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट जैसे नए तरीकों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इसलिए किसी भी नए क्रिप्टो ऐप में पैसा निवेश करने से पहले उसकी सही तरीके से जांच करना बेहद जरूरी हो गया है।
अगर आप किसी क्रिप्टो ऐप को डाउनलोड या इस्तेमाल करने जा रहे हैं, तो नीचे दिए गए 15 आसान और जरूरी चेक जरूर करें। ये छोटे-छोटे स्टेप आपको बड़े नुकसान से बचा सकते हैं।
सबसे पहले देखें कि ऐप Financial Intelligence Unit (FIU-IND) के साथ रजिस्टर्ड है या नहीं। भारत में बिना रजिस्ट्रेशन के क्रिप्टो सर्विस देना अवैध माना जाता है।
अगर कोई ऐप फिक्स्ड डेली रिटर्न या 10%-20% गारंटी वाला मुनाफा देने का वादा करता है, तो वह लगभग निश्चित रूप से स्कैम हो सकता है।
गूगल प्ले या ऐप स्टोर पर डेवलपर का नाम ध्यान से पढ़ें। स्कैमर्स अक्सर असली एक्सचेंज जैसे नाम रखते हैं।
अगर ऐप आपके पैसे निकालने के लिए अलग से Security Deposit या Tax मांग रहा है, तो यह एक बड़ा रेड फ्लैग है।
कोई भी असली एक्सचेंज या ऐप आपके वॉलेट की Seed Phrase (12 या 24 शब्द) नहीं मांगता। अगर कोई ऐप ऐसा कर रहा है, तो वह आपका वॉलेट खाली कर सकता है।
अगर किसी अनजान व्यक्ति ने आपको व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर ऐप डाउनलोड करने का APK लिंक भेजते हैं तो उसे क्लिक करने से बचें।
फिशिंग वेबसाइट असली वेबसाइट जैसी दिखती हैं लेकिन उनका URL थोड़ा अलग होता है।
फर्जी ऐप्स में अक्सर टीम मेंबर, कंपनी एड्रेस या फाउंडर्स की जानकारी नहीं होती या नकली फोटो का इस्तेमाल किया जाता है।
असली एक्सचेंज के सोशल मीडिया अकाउंट एक्टिव होते हैं और उनके पास बड़ी कम्युनिटी होती है। फर्जी ऐप्स के फॉलोअर्स अक्सर बॉट्स होते हैं।
बड़ा निवेश करने से पहले ₹500 या ₹1000 डालकर विड्रॉल करके देखें। कई स्कैम Crypto App छोटे अमाउंट निकालने देते हैं लेकिन बड़े अमाउंट पर रोक लगा देते हैं।
अगर कोई Crypto App बिना PAN या Aadhaar KYC के लाखों रुपये का ट्रेड करने दे रहा है, तो वह नियमों का पालन नहीं कर रहा।
अगर ट्रेडिंग ऐप आपसे Contacts, Microphone या Gallery की अनुमति मांग रहा है, तो यह डेटा चोरी का संकेत हो सकता है।
सिर्फ 5-स्टार रेटिंग पर भरोसा न करें। अलग अलग प्लेटफोर्म से रिव्यू को ठीक से पढ़ें, क्योंकि वहां लोग अक्सर विड्रॉल और स्कैम से जुड़ी शिकायतें लिखते हैं।
फर्जी Crypto App में अक्सर खराब डिजाइन, स्पेलिंग मिस्टेक और गलत भाषा दिखाई देती है।
देखें कि टॉप क्रिप्टो एक्सचेंज जैसे कि, Binance, Mexc, wazirX आदि पर लिस्टेड है या नहीं।
अगर आपको शक है कि आपने किसी फर्जी Crypto App में पैसा निवेश कर दिया है या आपकी जानकारी स्कैमर्स तक पहुंच गई है, तो घबराने के बजाय तुरंत कुछ जरूरी कदम उठाना बहुत महत्वपूर्ण है। सही समय पर कार्रवाई करने से कई बार नुकसान को कम किया जा सकता है। इन आसान स्टेप्स को फ़ॉलो करें
सबसे पहले इस घटना की रिपोर्ट भारत की आधिकारिक साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर करें। आप Indian Cyber Crime Coordination Centre के पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं या 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं। शिकायत करते समय ये जानकारी जरूर दें..
स्कैम ऐप या वेबसाइट का नाम
ट्रांजैक्शन ID या स्क्रीनशॉट
बैंक/UPI डिटेल्स
जिस वॉलेट या अकाउंट में पैसा भेजा गया
जितनी जल्दी रिपोर्ट करेंगे, उतनी ज्यादा संभावना होती है कि एजेंसियां ट्रांजैक्शन को ट्रैक कर सकें।
अगर आपने उस Crypto App में डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग लिंक किया है, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें और कार्ड को ब्लॉक या फ्रीज करवाएं। इससे स्कैमर्स आपके बैंक अकाउंट से आगे और पैसे निकालने से रोके जा सकते हैं।
अगर आपने अपने क्रिप्टो वॉलेट जैसे MetaMask को उस Crypto App या वेबसाइट से कनेक्ट किया था, तो तुरंत उसका एक्सेस हटाना जरूरी है। इसके लिए आप Revoke.cash जैसी वेबसाइट का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो आपके वॉलेट से जुड़े सभी स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट परमिशन को दिखाती है और उन्हें हटाने का विकल्प देती है।
अपने एक्सचेंज अकाउंट का पासवर्ड बदलें
ईमेल का पासवर्ड अपडेट करें
Two-Factor Authentication (2FA) चालू करें
इससे आपके दूसरे अकाउंट भी सुरक्षित रहेंगे।
ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट
ऐप या वेबसाइट का लिंक
चैट या मैसेज का रिकॉर्ड
ईमेल या नोटिफिकेशन
ये जानकारी पुलिस या साइबर क्राइम टीम को जांच में मदद कर सकती है।
क्रिप्टो में निवेश करते समय सही Crypto App चुनना उतना ही जरूरी है जितना सही कॉइन चुनना। Fake Crypto Apps अक्सर असली प्लेटफॉर्म जैसे दिखते हैं, लेकिन थोड़ी सी सावधानी और ऊपर बताए गए 15 क्विक चेक आपको बड़े नुकसान से बचा सकते हैं। इसलिए किसी भी नए ऐप में पैसा लगाने से पहले उसकी विश्वसनीयता जरूर जांचें और हमेशा सुरक्षित तरीके से क्रिप्टो ट्रेडिंग करें।
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