अगर आप भारत में Crypto Trading करते हैं, तो आपने शायद FIU-IND या FIU Registered Exchange के बारे में सुना होगा। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये FIU होता क्या है? और इसका आपके ट्रेडिंग से क्या मतलब है? आज जब India में Crypto को लेकर नियम सख्त हो रहे हैं, तो FIU (Financial Intelligence Unit - India) एक ज़रूरी आर्गेनाइजेशन बनकर उभरी है।
इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि FIU क्या है, यह Crypto Exchange को क्यों रेगुलेट करती है और इससे Traders को क्या फर्क पड़ता है।
सरकार ने एक नया नियम बनाया है। सभी Crypto Exchanges को FIU-IND के साथ रजिस्टर होना ज़रूरी है। जो एक्सचेंज FIU-IND के साथ रजिस्टर्ड होते हैं, उन्हें भारत के AML और KYC नियमों के अनुसार Crypto Exchanges माना जा सकता है।
अगर आप जानना चाहते हैं की भारत में कौन से Crypto Exchanges Legal है तो आप हमारी वेबसाइट के ब्लॉग Legal Crypto Exchanges In India की पूरी जानकारी, पर जाकर इसे पढ़ सकते हैं।
FIU-IND मूल रूप से Indiaकी Financial Intelligence Unit है, जो बैंकों, NBFCs, securities firms के साथ-साथ अब Crypto Exchanges पर भी AML और KYC Compliance की निगरानी करती है। इसकी स्थापना 2004 में की गई थी और इसका मुख्य उद्देश्य मनी लॉन्ड्रिंग, टेरर फंडिंग और अन्य फाइनेंशियल क्राइम्स को रोकना है।
यह बैंकों, फाइनेंशियल आर्गेनाइजेशन और अब क्रिप्टो एक्सचेंजों से असामान्य फाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन की जानकारी इकट्ठा करता है, उसका एनालिसिस करता है और ज़रूरत पड़ने पर जांच एजेंसियों को भेजता है। यह Economic Intelligence Unit यह सुनिश्चित करती है कि सभी आर्गेनाइजेशन KYC और AML नियमों का पालन करें, जिससे देश की आर्थिक सुरक्षा बनी रहे।

Source: Ministry of Finance X Account
Crypto एक ऐसा क्षेत्र है जो बिना बॉर्डर और बिना किसी सेंट्रल कंट्रोल के चलता है। इसमें यूज़र की पहचान अक्सर छुपी रहती है और इसी कारण से कई बार इसका इस्तेमाल गैर-कानूनी कामों, जैसे कि ड्रग स्मगलिंग या आतंकवाद को फंड देने में हो सकता है।
क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल गलत कामों में न हो
क्रिप्टोकरेंसी एक डिजिटल करेंसी है, जिस पर किसी एक देश या सरकार का कंट्रोल नहीं होता। इसी वजह से कुछ लोग इसका इस्तेमाल गैरकानूनी कामों जैसे ड्रग्स खरीदने, आतंकवाद को फंड देने या मनी लॉन्ड्रिंग (काले धन को छिपाने) के लिए कर सकते हैं। Financial Intelligence Unit का काम है ऐसे गलत इस्तेमाल पर नजर रखना और उसे रोकना।
हर ट्रांजैक्शन में ट्रांसपेरेंसी बनी रहे
Financial Intelligence Unit चाहता है कि सभी ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड में रहें, जिससे कोई भी संदिग्ध एक्टिविटी तुरंत पकड़ी जा सके। जब हर यूजर की पहचान और हर पैसे की मूवमेंट साफ दिखेगी, तभी ट्रांसपेरेंसी बनी रहेगी। इससे न सिर्फ गलत काम रुकते हैं, बल्कि यूजर्स को भी भरोसा रहता है कि सिस्टम सुरक्षित है।
क्रिप्टो एक्सचेंज भी बैंक जैसे नियमों का पालन करें
जैसे बैंक अपने ग्राहकों की पहचान KYC (Know Your Customer) के ज़रिए करते हैं और मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के लिए AML (Anti-Money Laundering) पॉलिसी अपनाते हैं, वैसे ही यह चाहता है कि भारत में चल रहे सभी क्रिप्टो एक्सचेंज भी इन नियमों का पालन करें।
इसका मतलब है कि कोई भी यूजर बिना सही पहचान के एक्सचेंज पर अकाउंट नहीं खोल सके और हर ट्रांजैक्शन पर नज़र रखी जा सके।
जब आप भारत में किसी एक्सचेंज पर ट्रेड करते हैं, तो यह सुनिश्चित करता है कि:
आपकी पहचान ठीक से वेरीफाई की गई है।
किसी भी संदिग्ध एक्टिविटी को तुरंत पकड़ा जाए।
आपका जमा किया गया अमाउंट किसी गलत काम में ना लगे।
अगर कोई क्रिप्टो एक्सचेंज Financial Intelligence Unit के नियमों का पालन नहीं करता, तो सरकार उसे ब्लॉक भी कर सकती है। उदाहरण के तौर पर, 2024 की शुरुआत में वित्त मंत्रालय ने 9 बड़े इंटरनेशनल क्रिप्टो एक्सचेंजों (जैसे Binance, KuCoin, Kraken) को नोटिस भेजा था क्योंकि वे बिना Financial Intelligence Unit रजिस्ट्रेशन के भारत में काम कर रहे थे। बाद में इन सभी को Geo-Block कर दिया गया ताकि भारतीय यूज़र्स इनका इस्तेमाल नहीं कर सके।
इससे यह साफ है कि इसका अनुपालन करना सिर्फ एक कानूनी आवश्यकता ही नहीं, बल्कि आपकी सुरक्षा और भरोसे का संकेत भी है।
अब आइए जानते हैं कुछ ऐसे प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंज जो भारत में एफआईयू-रजिस्टर्ड हैं:
Flitpay, Giottus, Bitbns – सभी भारत के रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म हैं
CoinDCX – भारत का सबसे लोकप्रिय एक्सचेंज (मजबूत सिक्योरिटी)
CoinSwitch – KYC और AML नियमों का पालन करता है (आसान ऐप इंटरफेस)
ZebPay – पुराना और भरोसेमंद एक्सचेंज (₹ में ट्रेडिंग सपोर्ट)
Mudrex – एफआईयू-रजिस्टर्ड, क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट बास्केट ऑफर करता है
इनके अलावा कुछ बड़े Off-Shore क्रिप्टो एक्सचेंज भी हैं, जिन्हें 2023–24 में इसने Non-compliance के कारण नोटिस और Geo-block Action का सामना करना पड़ा था। बाद में Binance, KuCoin, Coinbase जैसे कई global platforms ने FIU-IND के साथ रजिस्ट्रेशन लेकर भारत के AML नियमों के अंतर्गत काम करना शुरू किया, ताकि वे भारतीय यूजर्स को फिर से सेवाएँ दे सकें।
इन एक्सचेंजों का इस्तेमाल करने से आपको यह भरोसा होता है कि आप एक कानूनी और सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर ट्रेड कर रहे है।
हर ग्राहक का KYC करते हैं।
संदिग्ध ट्रांजैक्शन की रिपोर्ट इसको भेजते हैं।
हर ट्रांज़ैक्शन की जानकारी सुरक्षित रखते हैं।
सरकारी नियमों का पालन करते हैं।
आज के दौर में जब क्रिप्टो की पॉपुलैरिटी बढ़ रही है, तब Financial Intelligence Unit जैसे आर्गेनाइजेशन का होना बहुत ज़रूरी है। यह ना सिर्फ Illegal Activities पर रोक लगाती है, बल्कि आम लोगों को एक भरोसेमंद ट्रेडिंग माहौल भी देती है।
अगर आप भारत में क्रिप्टो ट्रेडिंग कर रहे हैं या करने की सोच रहे हैं, तो हमेशा एफआईयू-रजिस्टर्ड Crypto Exchange का ही चुनाव करें। इससे न सिर्फ आपका पैसा सुरक्षित रहेगा, बल्कि आप भारत के नियमों का पालन भी करेंगे। आने वाले समय में, जैसे-जैसे भारत में क्रिप्टो पर और नियम बनेंगे, इसकी भूमिका और भी अहम होती जाएगी।
डिस्क्लेमर- यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की फाइनेंशियल सलाह, निवेश सुझाव या लीगल गाइडेंस नहीं है। आप किसी भी निवेश से पहले रिसर्च करें और एक्सपर्ट्स की सलाह अवश्य लें।
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