fiu ind action on offshore crypto exchanges

भारत में सख्त हुए Crypto Exchanges नियम, 52 विदेशी प्लेटफोर्म को नोटिस

नियम तोड़े तो ब्लॉक होंगे Crypto Exchanges, FIU की बड़ी कार्रवाई 

भारत सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी के क्षेत्र में Transparency और Security सुनिश्चित करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। वित्त मंत्रालय के अधीन काम करने वाली FIU-IND (Financial Intelligence Unit- India) ने हाल ही में 52 ऑफशोर Crypto Exchanges को नोटिस जारी किया और कई प्लेटफॉर्म्स को भारत में ब्लॉक कर दिया। यह कार्रवाई उन प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ हुई, जो भारत के नियमों और कानूनों का पालन नहीं कर रहे थे, जिससे निवेशकों की सुरक्षा खतरे में थी। आइए डिटेल में जानते हैं इसके बारे में..

FIU India Action against Offshore Crypto Exchanges

Source: X Post


FIU-IND में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

दरअसल, भारत में सर्विस देने वाले सभी Crypto Exchanges चाहे वे विदेशी हों या भारतीय को FIU-IND के साथ रजिस्टर होना अनिवार्य है। यह रजिस्ट्रेशन PMLA 2002 (Prevention of Money Laundering Act) के तहत जरूरी है। रजिस्ट्रेशन का उद्देश्य प्लेटफॉर्म्स को KYC (Know Your Customer), AML (Anti-Money Laundering) और संदिग्ध ट्रांजेक्शन रिपोर्टिंग (STR) के नियमों का पालन कराना है। इससे वित्तीय फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग की संभावनाओं पर नियंत्रण रखा जा सकेगा।

प्राइवेट वॉलेट्स पर नजर

बता दें, सरकार अब प्राइवेट या नॉन-कस्टोडियल वॉलेट्स पर भी ध्यान दे रही है, जिनमें यूजर अपने प्राइवेट Keys खुद कंट्रोल करता है। ये वॉलेट्स गुमनाम होने के कारण मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी के लिए इस्तेमाल हो सकते हैं। इसलिए इन ट्रांसफर को अब मॉनिटर किया जा रहा है।

संदिग्ध ट्रांजेक्शन रिपोर्ट (STR)

बैंक और Crypto Exchanges बड़े या असामान्य ट्रांजेक्शन की रिपोर्ट STR के जरिए FIU-IND को भेजते हैं। इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार के फ्रॉड, टैक्स चोरी या गैरकानूनी गतिविधियों को रोकना है। इससे वित्तीय लेनदेन सुरक्षित और पारदर्शी बने रहते हैं।

कार्रवाई की शुरुआत और वर्तमान स्थिति

गौरतलब है कि इस कार्रवाई की शुरुआत अक्टूबर 2025 में हुई, जब 25 प्रमुख ऑफशोर Platforms जैसे BingX, LBank, Paxful, और CoinW को नोटिस जारी किए गए। कई प्लेटफॉर्म्स के ऐप्स Google Play और App Store से हटा दिए गए और उनकी वेबसाइट्स को ब्लॉक कर दिया गया।

अब तक 49+ प्लेटफॉर्म्स FIU-IND के साथ रजिस्टर्ड हो चुके हैं, जिनमें CoinDCX, WazirX, और SunCrypto जैसे सुरक्षित विकल्प शामिल हैं। यह निवेशकों के लिए भरोसेमंद और नियमों के अनुरूप Platforms का संकेत है।

निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
  • केवल FIU-IND रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करें।

  • KYC प्रक्रिया पूरी करें और सभी ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड रखें, विशेषकर 30% टैक्स और 1% TDS के लिए।

  • ऑफशोर Crypto Exchanges से दूरी बनाए रखें, नही तो एक्सेस ब्लॉक हो सकता है या कानूनी समस्या हो सकती है।

सरकार का कहना है कि यह कदम भारत में Crypto Exchanges को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है। नियमों का पालन करते हुए, निवेशक आसानी से इनोवेशन और नए अवसरों का लाभ उठा सकते हैं। 

क्या है FIU-IND?


बात करें FIU के बारे में तो Financial Intelligence Unit-India भारत सरकार की एक विशेष एजेंसी है, जो देश में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन (Suspicious Financial Transactions) पर निगरानी रखने का काम करती है। यह संस्था वित्त मंत्रालय के अधीन कार्य करती है और मनी लॉन्ड्रिंग, टैक्स चोरी तथा गैरकानूनी वित्तीय गतिविधियों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। Crypto Exchanges, बैंक और अन्य वित्तीय संस्थानों को संदिग्ध ट्रांजेक्शन की रिपोर्ट FIU-IND को देनी होती है। इसके माध्यम से सरकार वित्तीय सिस्टम को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और नियमों के अनुरूप बनाए रखने की कोशिश करती है।

कन्क्लूजन 

कुल मिलाकर, भारत सरकार की यह कार्रवाई Crypto Exchanges में नियमों का पालन सुनिश्चित करने और निवेशकों की सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। FIU-IND के जरिए सरकार मनी लॉन्ड्रिंग, टैक्स चोरी और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों पर निगरानी मजबूत कर रही है। ऐसे में निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे केवल नियमों के अनुरूप और रजिस्टर्ड Platforms का ही उपयोग करें, ताकि उनका निवेश सुरक्षित और कानूनी दायरे में बना रहे।

डिस्क्लेमर

यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी निवेश से पहले अपनी खुद की रिसर्च करें और जरूरत पड़ने पर वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।

पूजा सूर्यवंशी एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 6 वर्षों का अनुभव है और वे क्रिप्टो रेगुलेशन, ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को आसान भाषा में समझने योग्य बनाने के लिए जानी जाती हैं। वे डीप रिसर्च और एनालिटिकल एप्रोच के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। पूजा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और टेक्निकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य अपने रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।

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FIU-IND (Financial Intelligence Unit – India) भारत सरकार की एक एजेंसी है जो संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की निगरानी करती है और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों को रोकने का काम करती है।
भारत में सर्विस देने वाले सभी क्रिप्टो एक्सचेंज को PMLA 2002 के तहत FIU-IND में रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है ताकि वे KYC, AML और संदिग्ध ट्रांजेक्शन रिपोर्टिंग जैसे नियमों का पालन करें।
सरकार ने 52 ऑफशोर क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी किया है, जिनमें BingX, LBank, Paxful और CoinW जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
हाँ, भारत में 49 से अधिक क्रिप्टो प्लेटफॉर्म FIU-IND के साथ रजिस्टर्ड हैं, जिनमें CoinDCX, WazirX और SunCrypto जैसे एक्सचेंज शामिल हैं।
निवेशकों को केवल FIU-IND रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करना चाहिए, KYC पूरा रखना चाहिए और अपने सभी ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना चाहिए।