IndiaAI Mission: 20 Indigenous AI Models को सरकारी समर्थन
IndiaAI Mission: संसद में अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी
नई दिल्ली, 30 जुलाई 2026: भारत सरकार ने देश में स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से बताया कि IndiaAI Mission के तहत 20 Indigenous Sovereign AI Model Proposals को सरकारी समर्थन के लिए चुना गया है। इनमें 12 Large Language Models (LLMs) और 8 Small Language Models (SLMs) शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल AI मॉडल विकसित करना नहीं, बल्कि भारत को AI Innovation, डिजिटल आत्मनिर्भरता और भारतीय भाषाओं पर आधारित AI समाधान के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाना भी है।
संसद में क्या कहा गया?
लोकसभा में दिए गए लिखित उत्तर में अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार भारतीय स्टार्टअप्स और शोध संस्थानों को बड़े AI मॉडल विकसित करने के लिए वित्तीय और तकनीकी सहयोग उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि IndiaAI Mission का लक्ष्य रोजगार के नए अवसर पैदा करना, भारतीय भाषाओं के लिए AI समाधान तैयार करना और AI से जुड़े संभावित जोखिमों का जिम्मेदारी से समाधान करना है।
किन परियोजनाओं को मिला समर्थन?
चुने गए प्रस्तावों में कई प्रमुख भारतीय AI कंपनियां और शोध संस्थान शामिल हैं। इनमें प्रमुख नाम हैं—
BharatGen (IIT Bombay-led Consortium)
Gnani.ai
Avataar AI
Soket AI
Gan AI
GenLoop
Fractal
Tech Mahindra
ये संस्थान Text, Speech, Video और विभिन्न उद्योगों के लिए Domain-Specific Generative AI Models विकसित कर रहे हैं।
AI Compute Infrastructure पर भी सरकार का फोकस
सरकार ने बताया कि AI मॉडल विकसित करने के लिए आवश्यक Compute Infrastructure को भी तेजी से मजबूत किया जा रहा है। लोकसभा में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार अब तक 93 लाख से अधिक GPU Hours आवंटित किए जा चुके हैं, जबकि 15 से अधिक Computing Service Providers को Empanel किया गया है।
इसके अलावा IndiaAI Mission के तहत 237 परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है और जून–जुलाई 2026 तक 5 AI Models जारी भी किए जा चुके हैं। इससे स्पष्ट है कि मिशन केवल योजना तक सीमित नहीं है, बल्कि कई परियोजनियां विकास और लॉन्च के चरण में पहुंच चुकी हैं।
भारत के IT सेक्टर पर आधारित है AI रणनीति
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत की AI रणनीति देश के मजबूत IT उद्योग पर आधारित है। सरकार के अनुसार भारतीय IT सेक्टर हर साल लगभग 300 अरब डॉलर का राजस्व उत्पन्न करता है और इसमें करीब 60 लाख लोग कार्यरत हैं। इसी मजबूत आधार के दम पर भारत AI Innovation में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
IndiaAI Mission क्या है?
IndiaAI Mission भारत सरकार का राष्ट्रीय AI कार्यक्रम है, जिसका बजट ₹10,000 करोड़ से अधिक है। इसका उद्देश्य भारतीय भाषाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, न्याय और सरकारी सेवाओं के लिए स्वदेशी AI समाधान विकसित करना है।
इस मिशन के तहत Foundation Models, AI Applications, AIKosh Dataset Platform, Compute Infrastructure, Talent Development, Safe & Trusted AI और Startup Financing जैसे क्षेत्रों पर काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य विदेशी AI प्लेटफॉर्म पर निर्भरता कम करते हुए भारत का अपना AI Ecosystem तैयार करना है।
AI Ecosystem तेजी से हो रहा है मजबूत
सरकार इससे पहले भी संसद में बता चुकी है कि 62 मंत्रालयों में 762 AI Use Cases की पहचान की गई है, जबकि 58 AI Centres of Excellence को मंजूरी दी जा चुकी है। 20 नए AI मॉडल प्रस्तावों का चयन इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
यदि ये परियोजनियां सफल रहती हैं, तो भारत को भारतीय भाषाओं, सरकारी सेवाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्योगों के लिए स्वदेशी AI समाधान विकसित करने में बड़ी बढ़त मिल सकती है। साथ ही घरेलू स्टार्टअप्स और शोध संस्थानों को भी नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
IndiaAI Mission के तहत 20 Indigenous AI Model Proposals का चयन भारत की AI रणनीति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। सरकार अब केवल AI उपयोग बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि देश में विकसित Foundation Models, Compute Infrastructure और AI Startups को मजबूत करने पर भी जोर दे रही है। आने वाले महीनों में इन परियोजनाओं की प्रगति तय करेगी कि भारत वैश्विक AI प्रतिस्पर्धा में कितनी मजबूत स्थिति हासिल कर पाता है।
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Disclaimer: यह जानकारी केवल शिक्षा के उद्देश्य से दी गयी है।