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InterLink Network Update: ITLG Verification 3 Phase में होगा शुरू

InterLink Network में ITLG Verification 3 Phase सिस्टम कैसे करेगा काम

Interlink Network ने अपने Human Node Verification Process यानी ITLG Token Verification प्रोसेस को लेकर एक बड़ा अपडेट जारी किया है। प्रोजेक्ट ने ऑफिशियल X Post में बताया कि यह नया सिस्टम पूरी तरह स्ट्रक्चर, पारदर्शिता और निष्पक्षता को ध्यान में रखकर बनाया गया है, ताकि हर योग्य यूजर्स को सही तरीके से वेरिफाई होने का मौका मिल सके। 

इससे पता चलता है कि Interlink Launch और ITLG Token Listing से पहले अपने प्लेटफार्म को मजबूत बनाने की ओर कदम बढ़ा रहा है।

Interlink labs News

Source-  Official X Post


Interlink Labs के आधिकारिक X पोस्ट के अनुसार, यह प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी। इसमें Matching, Submission और Verification जैसे स्टेप शामिल होंगे। इस अपडेट के बाद माना जा रहा है कि प्रोजेक्ट अपने फुल वेरिफिकेशन रोलआउट के करीब पहुंच चुका है।


InterLink Labs क्या है और Human Node Verification क्यों जरूरी है?

InterLink Labs एक ऐसा प्लेटफॉर्म बना रहा है जहां यूज़र्स को Human Node के रूप में शामिल किया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नेटवर्क में शामिल अकाउंट असली इंसानों के हों, न कि बॉट या फर्जी अकाउंट।


ब्लॉकचेन और डिजिटल नेटवर्क में अक्सर फर्जी अकाउंट की समस्या सामने आती है। ऐसे में Human Node Verification सिस्टम नेटवर्क की विश्वसनीयता और सुरक्षा बढ़ाने में मदद करता है।


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Phase 1: Matching-  Curator से मैचिंग का पहला चरण

इस प्रक्रिया का पहला चरण Matching होगा। इस स्टेप में यूजर्स को ऐप के अंदर “Match Curator” नाम का बटन दिखाई देगा। जब यूज़र इस बटन पर क्लिक करेगा, तब उसे एक anonymous लिस्ट दिखाई देगी।


इस लिस्ट में मौजूद क्यूरेटर में से यूजर्स किसी एक को चुन सकता है। क्यूरेटर चुनने के बाद यूज़र Matching State में चला जाएगा। इसका मतलब यह है कि अब यूजर्स को इंतजार करना होगा कि चुना हुआ क्यूरेटर उसकी रिक्वेस्ट को स्वीकार करे।


जैसे ही क्यूरेटर यूज़र को चुन लेता है, तब उसका आवेदन अगले चरण यानी Submission Phase में पहुंच जाता है। यह स्टेप इसलिए रखा गया है ताकि सिस्टम में सही तरीके से यूजर्स और क्यूरेटर के बीच कनेक्शन बन सके।


Phase 2: Submission-  24 घंटे के अंदर दस्तावेज़ जमा करना होगा

दूसरा चरण Submission Phase है, जो काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जैसे ही यूजर्स की बारी आती है, सिस्टम में 24 घंटे का काउंटडाउन शुरू हो जाता है। इस समय के अंदर यूजर्स को अपने जरूरी documents अपलोड करके सबमिट करने होंगे।


अगर यूज़र समय पर documents जमा नहीं कर पाता, तो उसे बाद के पूल में भेजा जा सकता है, जिससे उसका वेरिफिकेशन आगे के लिए टल सकता है। प्रोजेक्ट के अनुसार इस चरण में 3 अलग-अलग Submission Levels होंगे। हर स्तर पर यूजर्स को जरूरी जानकारी और दस्तावेज़ देने होंगे।


जब सभी जरूरी स्टेप पूरे हो जाते हैं, तब यूजर्स को Submit बटन दबाना होगा। इसके बाद उसका स्टेटस बदलकर “In Review” हो जाएगा। इसका मतलब है कि अब उसका आवेदन जांच के लिए भेज दिया गया है।


Phase 3: Verification-  अंतिम जांच का चरण

तीसरा और अंतिम चरण Verification Process है। इस स्टेज में यूजर्स द्वारा दिए गए सभी दस्तावेज़ और जानकारी की सावधानी से जांच की जाएगी। यह चरण सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसी के बाद यह तय होगा कि यूज़र पूरी तरह से वेरिफाई होगा या नहीं।


प्रोजेक्ट टीम के अनुसार यह सिर्फ एक टेक्निकल अपडेट नहीं है, बल्कि यह फुल वेरिफिकेशन सिस्टम लॉन्च होने से पहले का एक बड़ा कदम है। अगर सब कुछ सही पाया जाता है, तो यूजर्स को Human Node के रूप में सफलतापूर्वक वेरिफाई किया जा सकता है।


यूज़र्स को क्या तैयारी करनी चाहिए?

InterLink Network ने अपने संदेश में यूज़र्स को पहले से तैयारी करने की सलाह दी है। टीम का कहना है कि Users को हर चरण को ध्यान से समझना चाहिए और जरूरी डॉक्यूमेंट पहले से तैयार रखना चाहिए। खासकर Submission Phase के 24 घंटे वाले नियम को ध्यान में रखना जरूरी है।


अगर यूज़र पहले से तैयार रहेगा, तो उसका वेरिफिकेशन प्रोसेस तेजी से पूरा हो सकता है। इसका फायदा Users को Interlink Network Listing होने पर मिल सकता है।


नेटवर्क के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह अपडेट?

Crypto Experts के अनुसार Human Node Verification जैसे सिस्टम किसी भी डिजिटल नेटवर्क के लिए काफी महत्वपूर्ण होते हैं। इससे नेटवर्क में फर्जी अकाउंट कम होते हैं और असली Users की पहचान मजबूत होती है। साथ ही इससे प्रोजेक्ट की विश्वसनीयता और पारदर्शिता भी बढ़ती है।


हालांकि, अभी यह देखना बाकी है कि यह सिस्टम बड़े स्तर पर कितना प्रभावी साबित होता है।


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कन्क्लूजन

कुल मिलाकर InterLink Network द्वारा शुरू किया जा रहा Human Node Verification Process प्रोजेक्ट के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है। तीन चरणों में होने वाली यह प्रक्रिया Users को एक स्पष्ट और व्यवस्थित तरीका देने का प्रयास करती है।


अगर यह सिस्टम सफलतापूर्वक लागू होता है, तो इससे नेटवर्क की सुरक्षा और भरोसे को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।


डिस्क्लेमर-  यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी आधिकारिक पोस्ट और उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है। किसी भी क्रिप्टो प्रोजेक्ट या टोकन में निवेश करने से पहले अपनी खुद की जांच जरूर करें।

Shubham Sharma पिछले 4 वर्षों से Web3, ब्लॉकचेन, NFT और क्रिप्टोकरेंसी पर गहराई से लेखन कर रहे हैं। वे मार्केट ट्रेंड्स को जल्दी पहचानने, तकनीकी अपडेट्स को सरल भाषा में समझाने और भारतीय क्रिप्टो निवेशकों को विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं। Shubham ने कई प्रमुख क्रिप्टो मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए योगदान दिया है और उनका उद्देश्य पाठकों को तेजी से बदलती Web3 दुनिया में सटीक, निष्पक्ष और इनसाइटफुल कंटेंट देना है।

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ITLG Verification Process InterLink Network का Human Node Verification सिस्टम है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्लेटफॉर्म पर मौजूद अकाउंट असली यूज़र्स के हों। इस प्रक्रिया के जरिए यूज़र्स को नेटवर्क में वेरिफाई किया जाएगा।
InterLink Network के अनुसार यह प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी। इसमें Matching, Submission और Verification शामिल हैं।
Matching चरण में यूज़र को ऐप में मौजूद “Match Curator” बटन पर क्लिक करना होगा। इसके बाद एक anonymous लिस्ट दिखाई देगी, जिसमें से यूज़र किसी एक क्यूरेटर को चुन सकता है।
जब चुना हुआ क्यूरेटर यूज़र को स्वीकार कर लेता है, तब यूज़र का आवेदन अगले चरण यानी Submission Phase में पहुंच जाता है।
Submission Phase में यूज़र को अपने जरूरी दस्तावेज़ अपलोड करने के लिए 24 घंटे का समय दिया जाता है। इसी समय के अंदर सभी जरूरी स्टेप पूरे करने होते हैं।