हाल ही में Iran को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसके अनुसार Iran Central Bank ने $507 Billion के USDT खरीदें हैं। Blockchain Research के आधार पर Elliptic के द्वारा जारी रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि Iran ने April और May 2025 में Crypto Exchange Nobitex के जरिये यह खरीदी की थी।
USDT (Tether) एक Stablecoin है जिसकी कीमत Dollar के मुकाबले स्थिर रहती है। इसे एक प्रकार का Digital Dollar कहा जा सकता है जो Cryptography और Blockchain Technology पर काम करता है। इस कारण से इसे छुपाना और Cross Border Payments में काम में लेना आसान होता है।
चूँकि ईरान लम्बे समय से अपने परमाणु कार्यक्रम के कारण US Sanctions झेल रहा है, क्रिप्टोकरेंसी विशेषकर Stablecoins का उपयोग वहां सरकारी और Private दोनों स्तरों पर बढ़ा है। हाल ही में सामने आई खबरों के अनुसार, Middle East का यह देश अपने हथियारों की बिक्री में भी Cryptocurrency का प्रयोग कर रहा है। Iran Central Bank की यह खरीदी भी इससे जुडी कवायद मानी जा सकती है।
हाल ही में Venezuela Crisis के समय और इससे पहले भी कई देशो में Hyperinflation और Local Currency के विफल होने की स्थिति में Crypto का उपयोग बढ़ने की स्थिति देखी गयी है।
आज 22 January के एक्सचेंज रेट के आधार पर देखा जाए तो यह 1 USD के मुकाबले 10,70,000 Rial तक जा चुकी है।
Inflation Rate लगभग 50% से ऊपर पहुँच गया है,
मतलब Iranian Currency की वैल्यू Dollar के मुकाबले लगभग ख़तम हो चुकी है। यही कारण है कि Iran Central Bank USDT (Tether) का उपयोग अपने Foreign Currency Reserve को बचाने और Rial को गिरने से रोकने के लिए कर रहा है।
Iran Central Bank से जुडी इस खबर के सामने आने के बाद भारत का Stablecoins के दुरूपयोग को लेकर जो चिंताएं हैं उन्हें और बल मिला है। Finance Minister Nirmala Sitharaman और RBI लम्बे समय से Stablecoins के दुरूपयोग पर चिंता प्रकट कर रहे हैं।
हाल ही में Terrorist Funding में भी क्रिप्टो के उपयोग की खबरें सामने आई थी, जिसके बाद FIU-IND ने Crypto Exchange पर KYC और Verification के नियम कड़े कर दिए थे।
भारत के पड़ोस में बांग्लादेश, नेपाल, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में Stability नहीं है। Nepal के अलावा बाकी तीन देशों में Non-state Actors का प्रभाव बहुत अधिक है। Stablecoins और Crypto का उपयोग ये Non-state Actors Funding में कर सकते हैं। ऐसे मामले लगातार सामने आये हैं जिनमें भारत में ठगी और अपराधों से जुड़े पैसे को देश से बाहर भेजने के लिए USDT जैसे Stablecoins का उपयोग किया गया है।
ऐसे में भारत के लिए यह बड़ी चुनौती है कि Cryptocurrency में Innovation और Security के बीच कैसे संतुलन बनाएगा। गौरतलब है कि भारत Crypto Adoption के मामले में दुनिया भर में पहले नंबर पर है।
Iran Central Bank द्वारा की गयी USDT की यह बड़ी खरीदी जहाँ एक और Crypto के Decentralization की ताकत दिखाती है। तो दूसरी और दुरूपयोग की चिंताओं को भी बल देती है। USDT का उपयोग से Iran US Sanctions को Bypass करने के लिए किया। लेकिन Non-state Actors द्वारा बढ़ रहा इसका उपयोग भारत के लिए चिंता का सबब बन रहा है। आने वाले दिनों में भारत सरकार Innovation और Security में कैसे बैलेंस बनाती है, यह देखने वाली बात होगी।
Disclaimer: यह आर्टिकल एजुकेशनल पर्पस से लिखा गया है। इसमें किसी भी तरह की निवेश सलाह नहीं है। क्रिप्टो मार्केट वोलेटाइल है, किसी भी इन्वेस्टमेंट से पहले अपनी रिसर्च जरुर करें।
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