Bitcoin Mining Scam in jaipur

Bitcoin Mining का लालच देकर लोगों से ठगे 10 करोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार

Bitcoin Mining Scam का खुलासा, 244 लोगों से करोड़ों की ठगी

Bitcoin Mining को लेकर देशभर में तरह-तरह के स्कैम सामने आते रहते हैं, कई लोग इस तरह का स्कैम करके आसानी से भाग जाते हैं तो कुछ लोग इस जाल में फंस भी जाते हैं। अब इसी बीच राजस्थान की राजधानी जयपुर में Bitcoin Mining में निवेश का लालच देकर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। जी हां.. जयपुर के श्याम नगर थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में इस गिरोह से जुड़े 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह अब तक करीब 244 लोगों से लगभग 10 करोड़ रुपये ठग चुका है। आइए जानते हैं इससे जुड़ा पूरा मामला

कैसे खुला Bitcoin Mining Fraud का पूरा मामला?

जयपुर दक्षिण के पुलिस उपायुक्त राजर्षि राज के अनुसार, श्याम नगर निवासी दिलीप सिंह राजावत ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि करीब 5 महीने पहले कुछ लोगों ने उन्हें Bitmine.world नाम की एक विदेशी निवेश कंपनी के बारे में जानकारी दी और Bitcoin Mining में निवेश करने के लिए प्रेरित किया।

आरोपियों ने इस स्कीम को मल्टी-लेवल नेटवर्क मार्केटिंग (MLM) मॉडल जैसा बताते हुए हर महीने 16% तक रिटर्न मिलने का दावा किया। साथ ही नए निवेशकों को जोड़ने पर 5 USDT का रेफरल बोनस देने का लालच भी दिया गया। भरोसा जीतने के लिए उन्होंने खुद के लाखों रुपए निवेश होने की बात कही। इन दावों पर भरोसा कर पीड़ित ने PhonePe के जरिए लगभग 2.27 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। हालांकि कुछ समय बाद जब उन्होंने पैसा वापस मांगा, तो आरोपियों ने भुगतान करने से इनकार कर दिया।

होटल से हुई गिरफ्तारी

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की। इसके बाद किंग्स रोड स्थित पद्मावती पैलेस होटल से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें अविनाश शर्मा, जितेन्द्र सिंह और चमन सिंह शामिल हैं।

जांच में सामने आया कि गिरोह का मुख्य आरोपी अविनाश नकद रकम से USDT (क्रिप्टोकरेंसी) खरीदकर उसे मलेशिया भेजता था। वहां बैठे उसके साथी कथित माइनिंग सर्वर रूम के वीडियो दिखाकर लोगों को निवेश के लिए आकर्षित करते थे और भरोसा दिलाते थे कि उनका पैसा Bitcoin Mining में लगाया जा रहा है।

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विदेशी करेंसी और Digital Devices बरामद

पुलिस ने आरोपियों के पास से कई ठोस सबूत भी बरामद किए हैं। इनमें 10 एटीएम कार्ड, 37 मलेशियाई रिंगिट, 40 यूएई दिरहम, एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन और एक करेंसी काउंटिंग मशीन शामिल हैं। इतना ही नही बल्कि साइबर जांच में यह भी पता चला है कि इस गिरोह से जुड़े बैंक खातों के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों से साइबर क्राइम पोर्टल पर कम से कम 7 शिकायतें पहले से दर्ज हैं।

विदेश तक फैला Bitcoin Mining का नेटवर्क

जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि मुख्य आरोपी अविनाश के 2 बैंक खातों में करीब 1.98 करोड़ रुपए के डॉलर ट्रांजेक्शन हुए हैं। इससे संकेत मिलता है कि इस धोखाधड़ी का नेटवर्क भारत के अलावा विदेशों तक फैला हुआ था। पुलिस के अनुसार ये गिरोह बेंगलुरु और मलेशिया तक जुड़ा हुआ है। मामले में दो अन्य आरोपी यूनुस खान और दिनेश पाराशर अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।

इन बातों पर ध्यान दें निवेशक

आपको बता दें, क्रिप्टोकरेंसी या Bitcoin Mining के नाम पर कम समय में ज्यादा और गारंटीड मुनाफे का दावा करने वाली योजनाओं से सावधान रहना चाहिए। निवेश से पहले किसी भी प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता, कानूनी स्थिति और बिजनेस मॉडल की अच्छी तरह जांच करना जरूरी है। सिर्फ रेफरल, सोशल मीडिया या जान-पहचान के भरोसे निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए किसी भी स्कीम में पैसा लगाने से पहले पूरी जानकारी और विशेषज्ञ सलाह लेना बेहतर होता है। अगर आप इस तरह के किसी फ्रॉड में फंसते हैं तो तुरंत साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज करवाएं 

कन्क्लूजन 

ऐसे में कहा जा सकता है कि, जयपुर में सामने आया यह मामला दिखाता है कि क्रिप्टो निवेश और Bitcoin Mining के नाम पर चल रहे ऑनलाइन स्कैम कितने संगठित और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जुड़े हो सकते हैं। ऐसे मामलों में लालच भरे रिटर्न के वादों से बचना और किसी भी निवेश से पहले पूरी जांच करना बेहद जरूरी है। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच आगे बढ़ा रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

डिस्क्लेमर 

यह खबर पुलिस जांच और उपलब्ध रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार की गई है। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए किसी भी प्लेटफॉर्म में पैसा लगाने से पहले स्वयं जांच करें। 

पूजा सूर्यवंशी एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 6 वर्षों का अनुभव है और वे क्रिप्टो रेगुलेशन, ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को आसान भाषा में समझने योग्य बनाने के लिए जानी जाती हैं। वे डीप रिसर्च और एनालिटिकल एप्रोच के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। पूजा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और टेक्निकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य अपने रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।

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जयपुर में बिटकॉइन माइनिंग में निवेश के नाम पर एक अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह ने करीब 244 लोगों से लगभग 10 करोड़ रुपये की ठगी की है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार इस गिरोह ने करीब 244 लोगों को निवेश का झांसा देकर ठगी का शिकार बनाया है।
आरोपियों ने बिटकॉइन माइनिंग में निवेश पर हर महीने 16% तक मुनाफे और रेफरल बोनस का लालच देकर लोगों को पैसे निवेश करने के लिए प्रेरित किया।
श्याम नगर थाना पुलिस और साइबर सेल ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से एटीएम कार्ड, विदेशी करेंसी, लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए।
किसी भी क्रिप्टो निवेश से पहले प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता, कानूनी स्थिति और बिजनेस मॉडल की जांच करना जरूरी है और गारंटीड मुनाफे के दावों से सावधान रहना चाहिए।