Updated Date: November 19, 2025
मध्य प्रदेश के इंदौर से एक चौंकाने वाली खबर आई है, खबर है की जोधपुर का रहने वाला एक 23 वर्षीय MBBS Student को 8 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी में शामिल होने के आरोप में Indore Crime Branch ने गिरफ्तार किया। आरोपी विक्रम विश्नोई ने इस पैसे को Cryptocurrency में बदलकर एक चीनी गैंग के युवकों को ट्रांसफर किया।
यह मामला एक सॉफ़्टवेयर इंजीनियर से ₹1.35 लाख की धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है, जिसमें आरोपी ने एक सॉफ़्टवेयर इंजीनियर को डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
विक्रम विश्नोई, जो राजस्थान के जोधपुर का निवासी है, वर्तमान में महाराष्ट्र के अलीबाग स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में तीसरे वर्ष का MBBS Student है। पुलिस उपायुक्त (DCP) राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि विश्नोई ने साइबर धोखाधड़ी के लिए Bank Account को एक चीनी गैंग के लिए कमीशन पर उपलब्ध कराया था। इसके अलावा वह Telegram App के जरिए पांच चीनी युवकों से भी जुड़ा हुआ था।
विश्नोई ने Indian Bank Accounts में जमा धोखाधड़ी के पैसों को Cryptocurrency में बदलकर उसे Binance Exchange के माध्यम से ट्रांसफर किया। इस अमाउंट को एक चीनी युवक के Crypto Wallet में भेजा गया, जिसे “TLX” के उपनाम से जाना जाता है। पुलिस इस मामले में पूरी जांच कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि यह गैंग भारत में और कितने साइबर अपराधों में शामिल है।
विश्नोई की गिरफ्तारी से यह साफ हो गया है कि Cryptocurrency का इस्तेमाल अब साइबर अपराधों में तेजी से हो रहा है और पुलिस साइबर क्राइम से निपटने के लिए अपनी कोशिशों को और तेज कर रही है। इस मामले में अब पुलिस Telegram और Binance से ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए संपर्क कर रही है।
इस घटना ने यह भी उजागर किया कि अपराधी अब डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करके अपनी पहचान छिपाने और International Network के माध्यम से अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस की सतर्कता और इस मामले में की जा रही गहरी जांच यह सुनिश्चित करेगी कि ऐसे अपराधियों को कड़ी सजा मिले और International Network के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं। आने वाले समय में इस प्रकार के अपराधों को रोकने के लिए Cryptocurrency और Digital Platforms की निगरानी में और वृद्धि हो सकती है।
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