मेरठ में बड़ा Crypto Fraud Network हुआ उजागर
म्यूल अकाउंट से चल रहा था Crypto Fraud का बड़ा नेटवर्क
उत्तर प्रदेश के मेरठ में लालकुर्ती पुलिस ने एक बड़े Crypto Fraud नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने लोगों को पैसे का लालच देकर उनके बैंक खाते खुलवाए और साइबर ठगी से प्राप्त रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश भेज दिया। पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
म्यूल अकाउंट नेटवर्क का खुलासा
यह गिरोह म्यूल अकाउंट का एक नेटवर्क चला रहा था। ये लोग लोगों को पैसे का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों का इस्तेमाल Crypto Fraud जैसे फिशिंग और निवेश फ्रॉड से आए पैसों को जमा करने के लिए किया जाता था। इसके बाद ये अपना कमीशन काटकर बाकी रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश भेज देते थे। अब तक इस नेटवर्क में करीब 100 बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा चुका है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 9 मोबाइल फोन, 10 ATM कार्ड और उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक की 1 चेकबुक बरामद की है।
तीन साइबर ठग गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें अरबाज उर्फ सोनू (पुत्र अल्ताफ), निवासी पहलाद नगर, लिसाड़ी गेट, नवील अख्तर (पुत्र नवेद), निवासी बुनकर नगर, इस्लामाबाद, और हैदर (पुत्र लियाकत अली), निवासी जिबिआई मस्जिद के पास, ब्रह्मपुरी शामिल हैं। ये तीनों पहले भी धोखाधड़ी और Crypto Fraud के मामलों में शामिल रह चुके हैं।
14-15 अप्रैल 2026 को पुलिस की बड़ी कार्रवाई
यह गिरफ्तारी और छापेमारी हाल ही में पुलिस द्वारा की गई है। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है।
Crypto Fraud का खुलासा
आरोपी मेरठ शहर के अलग-अलग इलाकों जैसे पहलाद नगर, इस्लामाबाद और ब्रह्मपुरी के रहने वाले हैं। इनका ठगी से जुड़ा नेटवर्क केवल एक शहर तक सीमित नहीं था, बल्कि इनके द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खाते देश के कई राज्यों से जुड़े हुए थे।
ट्रेस से बचने का तरीका
Crypto Fraud म्यूल अकाउंट्स का इस्तेमाल पैसे ट्रांसफर और ट्रेस से बचने के लिए करते थे। यह गिरोह विदेशी अपराधियों के लिए मनी लॉन्ड्रिंग करता था और क्रिप्टो के द्वारा पैसा विदेश भेजता था। लोगों को लालच देकर बैंक खाते खुलवाए जाते थे, फिर फ्रॉड की रकम उनमें जमा होती थी। कमीशन काटकर बाकी पैसा क्रिप्टो में बदलकर बाहर भेज दिया जाता था। जांच में कई राज्यों से शिकायतें भी सामने आई हैं।
पुलिस की भूमिका
लालकुर्ती थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह सफल कार्रवाई की। इस टीम में सब-इंस्पेक्टर गोपाल, रविंद्र सिंह बघेल, रंजीत शर्मा, वसीम, सचिन गंगवार और हेड कांस्टेबल उम्मीद खान शामिल थे।
यह भी पढ़े : बुलंदशहर में युवक से ₹8 लाख का Crypto Scam
कन्क्लूजन
मेरठ में सामने आया यह मामला Crypto Fraud और क्रिप्टो के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग के बढ़ते खतरे को दर्शाता है। म्यूल अकाउंट नेटवर्क का इस्तेमाल कर ठगों ने न सिर्फ लोगों से धोखाधड़ी की रकम जुटाई, बल्कि उसे विदेश भी भेज दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ है, लेकिन जांच अभी जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। डिजिटल एसेट्स में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है, निवेश से पहले स्वयं रिसर्च अवश्य करें।