ब्लॉकचेन इंडस्ट्री में जैसे-जैसे यूज़र एक्सपीरियंस और स्केलेबिलिटी पर ज़ोर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ऐसे प्लेटफ़ॉर्म्स की ज़रूरत महसूस की जा रही है जो टेक्नोलॉजी को जटिल बनाने के बजाय आसान बनाएँ। इसी दिशा में एक अहम पहल करते हुए NEAR Protocol ने 22 January को एक Live YouTube Session होस्ट करने की घोषणा की है, जिसमें इसके नए NEAR Intents सिस्टम की कार्यप्रणाली और उपयोग को लाइव डेमो के ज़रिए दिखाया जाएगा।
Source: X Post
यह सेशन न सिर्फ डेवलपर्स बल्कि उन यूज़र्स के लिए भी अहम माना जा रहा है जो Web3 को ज्यादा प्रैक्टिकल और यूज़र-फ्रेंडली रूप में समझना चाहते हैं।
यह लाइव सेशन 22 January को YouTube पर आयोजित किया जाएगा, जिसकी टाइमिंग 18:30 से 22:00 UTC के बीच रखी गई है। इस इवेंट को The Rollup Co होस्ट कर रहा है और यह पूरी तरह से Intents द्वारा पावर्ड होगा।
प्रोजेक्ट की ओर से साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस लाइव स्ट्रीम में कई पैनल्स शामिल होंगे, जिनकी डिटेल इवेंट के करीब घोषित की जाएगी। इन पैनल्स का मुख्य उद्देश्य यह दिखाना होगा कि NEAR Intents किस तरह से ट्रांज़ैक्शन और यूज़र इंटरैक्शन को सरल बनाते हैं, और यही चर्चा आगे के सेगमेंट्स का आधार बनेगी।
इसको इसके उस प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें ब्लॉकचेन इंटरैक्शन को “यूज़र क्या चाहता है” के दृष्टिकोण से डिज़ाइन किया गया है, न कि “यूज़र कैसे करेगा” के आधार पर। आसान शब्दों में, Intents यूज़र को सिर्फ लक्ष्य बताने देते हैं और बैकएंड सिस्टम उस लक्ष्य को एक्सिक्यूट करता है।
इस लाइव सेशन में जिन प्रमुख पहलुओं पर फोकस रहने की उम्मीद है, वे हैं:
यूज़र एक्सपीरियंस का सरलीकरण
जैसे एक यूज़र केवल “टोकन स्वैप” करना चाहता है, तो उसे गैस, नेटवर्क या रूटिंग की चिंता नहीं करनी पड़े।
डेवलपर्स के लिए आसान इंटीग्रेशन
डेवलपर्स यह समझ पाएंगे कि वे अपने dApps में Intents को कैसे डिप्लॉय कर सकते हैं।
रियल वर्ल्ड Use Case डेमो
लाइव डेमो के ज़रिए दिखाया जाएगा कि यह सिस्टम प्रैक्टिकली कैसे काम करता है।
इन बिंदुओं को समझना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि यही इसकी अगली ग्रोथ स्टेज को परिभाषित करते हैं।
यह एक Decentralized प्लेटफ़ॉर्म है, जिसे खासतौर पर dApps डेवलपमेंट को आसान और स्केलेबल बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह प्लेटफ़ॉर्म Sharding Technology का उपयोग करता है, जिससे नेटवर्क बड़ी संख्या में ट्रांज़ैक्शन को बिना स्पीड कम किए प्रोसेस कर सकता है।
इसकी एक बड़ी खासियत यह है कि यह डेवलपर्स को ऐसे ऐप्स बनाने की सुविधा देता है जो देखने और इस्तेमाल करने में Traditional Web Apps जैसे लगते हैं, लेकिन उनकी सिक्योरिटी और ट्रांसपेरेंसी पूरी तरह ब्लॉकचेन-आधारित होती है। यही सोच Intents के ज़रिए और आगे बढ़ाई जा रही है।
$NEAR Token इस पूरे नेटवर्क का मुख्य डिजिटल एसेट है। इसका उपयोग कई लेवल पर होता है, जैसे:
ट्रांज़ैक्शन फीस पेमेंट के लिए
नेटवर्क सिक्योरिटी के लिए स्टेकिंग में
गवर्नेंस और वोटिंग प्रोसेस में
डेवलपर और ऐप इकोसिस्टम को सपोर्ट करने में
इस लाइव सेशन के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि Intents को लेकर डेवलपर्स और इन्वेस्टर्स दोनों के बीच चर्चा और तेज़ होगी, जिसका असर आगे चलकर इसकी यूटिलिटी पर भी दिख सकता है।
NEAR Protocol का यह YouTube Live Session केवल एक इवेंट नहीं, बल्कि यह संकेत देता है कि प्लेटफ़ॉर्म अब टेक्निकल इनोवेशन के साथ-साथ मास अडॉप्शन पर भी गंभीरता से काम कर रहा है। अगर यह सेशन अपने घोषित उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता है, तो इसको Web3 यूज़र-फ्रेंडली ब्लॉकचेन की रेस में एक मज़बूत बढ़त मिल सकती है।
Disclaimer: यह आर्टिकल एजुकेशनल पर्पस से लिखा गया है। क्रिप्टो मार्केट वोलेटाइल है, किसी भी इन्वेस्टमेंट से पहले अपनी रिसर्च जरुर करें।
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