Pi Network ने अपने ऑफिशियल बयान में Mainnet Node चलाने वाले सभी यूज़र्स के लिए एक जरूरी सूचना जारी की है। नेटवर्क के अनुसार, Pi Mainnet Blockchain में लगातार टेक्निकल सुधार किए जा रहे हैं। इन बदलावों की पहली स्टेज पूरी करने की लास्ट डेट 15 फरवरी 2026 तय की गई है। अगर कोई Mainnet Node इस समय तक जरूरी अपग्रेड पूरा नहीं करता है, तो उसका कनेक्शन नेटवर्क से कट सकता है। Pi Team का कहना है कि यह कदम सिस्टम को सुरक्षित और स्टेबल बनाने के लिए बेहद जरूरी है।
Source: यह इमेज Pi Network की X पोस्ट से ली गई है, जिसकी लिंक यहां दी गई है।
Pi Network के अनुसार, Mainnet Protocol को बेहतर बनाने के लिए कई स्टेज में अपडेट लागू किए जा रहे हैं। यह प्रोसेस अचानक नहीं की जा रही, बल्कि धीरे-धीरे आगे बढ़ाई जा रही है ताकि सिस्टम पर कोई नेगेटिव असर न पड़े। इस समय Node Software के पुराने वर्ज़न 19.1 को छोड़कर नए 19.6 वर्ज़न पर जाना जरूरी कर दिया गया है। यह बदलाव सुरक्षा सुधार, बेहतर परफॉर्मेंस और भविष्य की सुविधाओं को ध्यान में रखकर किया गया है।
हाल ही में Pi Network Mainnet Update भी आया है। इसके बाद सभी की नजरें Pi Network के Mainnet अपडेट पर टिकी हैं। सामने आई जानकारी के अनुसार, नेटवर्क एक अहम सॉफ्टवेयर बदलाव से गुजर रहा है, जिससे सिस्टम की मजबूती, सुरक्षा और विस्तार क्षमता को बेहतर किया जा सके।
नेटवर्क की सुरक्षा पहले से मजबूत होगी।
सिस्टम की स्पीड और स्टेबिलिटी बेहतर होगी।
भविष्य के फीचर्स के लिए टेक्निकल बेस तैयार होगा।
Open Mainnet लॉन्च में आसानी होगी।
डेवलपर्स को नए ऐप बनाने में मदद मिलेगी।
डेटा सिंक और ब्लॉक प्रोसेसिंग सुधरेगी।
यह टेक्निकल बदलाव Pi Network के उस लक्ष्य से जुड़ा है, जिसमें वह 2026 के अंत तक पूरी तरह Open Mainnet Launch करना चाहता है। Open Mainnet शुरू होने के बाद यूज़र्स केवल मोबाइल पर माइनिंग तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि असली ट्रांजैक्शन, डिजिटल सर्विस और डिसेंट्रलाइज़्ड ऐप्स का उपयोग कर सकेंगे।
कंपनी का दावा है कि उसके प्लेटफॉर्म से जुड़े 50 मिलियन से ज्यादा यूज़र इस बदलाव से सीधे लाभ उठा सकेंगे। इससे पहले Pi को कई बार देरी और इकोसिस्टम की स्लो ग्रोथ के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा था।
कुछ दिनों पहले एक खबर आयी थी, की Pi Network KYC Validator Rewards सिस्टम March 2026 तक लॉन्च हो सकता है। Pi Network का KYC Validator रिवॉर्ड मैकेनिज़्म अब टेस्टिंग फेज़ में पहुंच गया है और इसे मार्च 2026 के अंत तक लागू किया जा सकता है। इस व्यवस्था के तहत आइडेंटिटी वेरिफिकेशन में योगदान देने वाले यूज़र्स को Pi Token के रूप में इनाम मिलने की उम्मीद है।
Mainnet से जुड़े यूज़र्स को समय रहते अपना सिस्टम अपडेट करना जरूरी है। Pi Team ने साफ कहा है कि यह केवल सुझाव नहीं बल्कि जरुरी प्रोसेस है। अगर Node अपडेट नहीं हुआ, तो वह नेटवर्क के साथ सिंक नहीं कर पाएगा। इससे ब्लॉक वैलिडेशन, डेटा शेयरिंग और अन्य जरूरी काम रुक सकते हैं। इसलिए ऑपरेटर्स को ऑफिशियल गाइड देखकर स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस पूरी करने की सलाह दी गई है।
Pi Network के इस ऐलान के बाद सोशल मीडिया और कम्युनिटी प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग तरह के रिएक्शन देखने को मिले हैं। कुछ यूज़र्स ने इसे भविष्य के लिए पॉजिटिव कदम बताया है, जबकि कुछ लोगों ने पुराने मुद्दों को लेकर नाराज़गी जताई है। कई लोग आने वाले Pi Day पर किसी बड़े ऐलान की उम्मीद भी कर रहे हैं, जिससे प्रोजेक्ट को नई दिशा मिल सके।
KYC प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हुई है।
माइनिंग रिवॉर्ड सही तरीके से मैप नहीं हुए है।
डेटाबेस सेटिंग को लेकर भ्रम है।
Node इंस्टॉलेशन में टेक्निकल दिक्कत।
सपोर्ट टीम से देर से जवाब।
पुराने बैलेंस को लेकर अनिश्चितता।
आगे की टाइमलाइन स्पष्ट नहीं है।
Pi Network का यह अपडेट आने वाले समय के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि टेक्निकल बदलाव जरूरी हैं, लेकिन यूज़र सपोर्ट, KYC और रिवॉर्ड जैसे मुद्दों का सॉल्यूशन भी उतना ही जरूरी है। अगर Pi Team इन सभी पहलुओं पर बैलेंस बना पाती है, तो आने वाला ओपन मेननेट फेज़ इस प्रोजेक्ट के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं है। क्रिप्टो से जुड़े निर्णय लेने से पहले अपनी रिसर्च करें और एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें।
Explore Our FAQs
Find quick answers to commonly asked questions and understand how things work around here.
Copyright 2026 All rights reserved