भारत की लेयर-1 ब्लॉकचेन कंपनी MST Blockchain ने अपना पहला Podcast एपिसोड जारी कर दिया है। इस एपिसोड में यह समझाने की कोशिश की गई है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ब्लॉकचेन जब एक साथ आते हैं, तो भारत के लिए क्या संभावनाएं बनती हैं। MST Blockchain का कहना है कि यह पॉडकास्ट सीरीज टेक्नोलॉजी को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
पहले एपिसोड में इस बात पर फोकस किया गया है कि आने वाले समय में नई टेक्नोलॉजी देश के बिज़नेस, सरकारी सिस्टम और डिजिटल स्ट्रक्चर को कैसे बदल सकती हैं।
Source: यह इमेज MST Blockchain की X पोस्ट से ली गई है, जिसकी लिंक यहां दी गई है।
इस पॉडकास्ट को MST Blockchain के CMO Ashish Kumar Jain और Senior Advisor Kamlesh Nagware ने होस्ट किया है। Kamlesh Nagware पिछले दस साल से ब्लॉकचैन क्षेत्र से जुड़े हैं और IIT Madras में भी एडवाइजर की भूमिका निभा चुके हैं।
चर्चा के दौरान दोनों होस्ट ने सरल उदाहरणों के जरिए समझाया कि Blockchain और AI केवल ट्रेंड नहीं हैं, बल्कि आने वाले समय की जरूरत बनते जा रहे हैं। बातचीत का मकसद आम लोगों, स्टार्टअप्स और कंपनियों को जागरूक करना रहा।
MST Blockchain पॉडकास्ट में खासतौर पर उन क्षेत्रों की बात की गई, जहां इन टेक्नोलॉजी का सीधा इस्तेमाल हो सकता है। सप्लाई चेन, सरकारी रिकॉर्ड और डिजिटल पेमेंट जैसे विषयों को आसान शब्दों में समझाया गया।
होस्ट्स ने बताया कि ब्लॉकचेन से ट्रैकिंग आसान होती है और डेटा में छेड़छाड़ की संभावना कम होती है। वहीं AI की मदद से फैसले तेजी से और बेहतर तरीके से लिए जा सकते हैं। भारत जैसे बड़े देश के लिए यह सिस्टम काफी मददगार हो सकता है।
ब्लॉकचैन से सामान की पूरी जानकारी आसानी से देखी जा सकेगी।
सरकारी कामों में Technology आने से लोगों का भरोसा बढ़ेगा।
डिजिटल करेंसी से जुड़े नए प्रयोग लगातार हो रहे हैं।
कंपनियां तभी टेक्नोलॉजी अपनाएंगी, जब उन्हें साफ फायदा दिखेगा।
डेटा और सिस्टम की सुरक्षा पर खास ध्यान देना जरूरी है।
नई Technology को आम लोगों तक सरल तरीके से पहुंचाना चाहिए।
चर्चा में यह भी बताया गया कि भारत में कई राज्य अब डिजिटल टेक्नोलॉजी को अपनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। करीब 20 राज्यों में नियमों को लेकर प्रोग्रेस देखने को मिली है। हालांकि, होस्ट्स का मानना है कि अभी और साफ पॉलिसी की जरूरत है।
टोकनाइजेशन जैसे विषयों पर स्पष्ट नियम बनने से भारत दूसरे देशों के साथ बेहतर मुकाबला कर सकता है। इससे स्टार्टअप्स और निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा।
MST Blockchain पॉडकास्ट में आने वाले खतरों पर भी बात की गई। बताया गया कि टेक्नोलॉजी के साथ सुरक्षा जोखिम भी बढ़ते हैं। भविष्य में आने वाले साइबर खतरों से बचने के लिए सिस्टम को मजबूत बनाना जरूरी है।
इसके साथ ही शिक्षा और ट्रेनिंग पर भी जोर दिया गया। अगर लोग टेक्नोलॉजी को सही से समझेंगे, तभी इसका सही इस्तेमाल हो पाएगा।
सिर्फ दिखाने के लिए नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल न करें।
निवेश करने से पहले यह समझें कि फायदा क्या होगा।
शुरुआत से ही सिस्टम को सुरक्षित बनाना जरूरी है।
सही शिक्षा से ही मजबूत टेक्नोलॉजी तैयार होगी।
सरकार और कंपनियों को मिलकर काम करना होगा।
भारत के पास आगे बढ़ने का अच्छा मौका है।
सही नियमों से देश की पहचान दुनिया में बन सकती है।
MST Blockchain का यह पहला पॉडकास्ट भारत के डिजिटल भविष्य को लेकर एक पॉजिटिव पहल मानी जा रही है। कंपनी का कहना है कि आगे आने वाले एपिसोड में और भी विषयों पर चर्चा की जाएगी।
यह सीरीज उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है, जो टेक्नोलॉजी को समझना चाहते हैं लेकिन भारी शब्दों से दूर रहना चाहते हैं। आने वाले समय में यह देखा जाएगा कि यह पहल कितनी बड़ी कम्युनिटी बना पाती है और लोगों को कितना फायदा पहुंचाती है।
पिछले 7 सालों में मैंने देखा है कि टेक्नोलॉजी तभी सफल होती है जब वह जमीन से जुड़कर काम करे। केवल शब्दों और ट्रेंड से आगे बढ़कर असली उपयोग जरूरी होता है। ऐसी चर्चाएं सही दिशा दिखाने में मदद करती हैं, अगर उन्हें गंभीरता से लिया जाए।
MST Blockchain का पहला पॉडकास्ट भारत के डिजिटल भविष्य को सरल तरीके से समझाने की एक अच्छी कोशिश है। AI और Blockchain जैसे विषयों को आम भाषा में रखना इसकी खास बात रही। चर्चा से साफ होता है कि टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल बिजनेस और सरकारी सिस्टम दोनों को बेहतर बना सकता है। MST Blockchain के आने वाले एपिसोड यह तय करेंगे कि यह पहल सिर्फ जानकारी तक सीमित रहती है या एक मजबूत टेक कम्युनिटी तैयार कर पाती है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल सूचना और शिक्षा के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश, कानूनी या टेक्निकल सलाह न माना जाए। किसी भी फैसले से पहले अपनी रिसर्च करें और जरूरत पड़ने पर एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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