Bengaluru Sarvam AI ने भारतीय यूज़र्स के लिए विकसित अपने एआई मॉडल्स Bulbul V3 और Sarvam Vision को लॉन्च कर ChatGPT और Google Gemini दिग्गजों को चुनौती दी है।
इन मॉडलों ने विशेष रूप से OCR (Optical Character Recognition) और इंडिक भाषाओं में टास्क पर ChatGPT, Google Gemini और DeepSeek OCR v2 को पीछे छोड़ा है।
Optical Character Recognition- का मतलब है कंप्यूटर को किसी इमेज या स्कैन किए हुए दस्तावेज़ में लिखे टेक्स्ट को पढ़ने और डिजिटल टेक्स्ट में बदलने की क्षमता देना।
Source- X Post
इसने December 2023 में Series A फंडिंग राउंड में $41 मिलियन जुटाए, जिसमें Lightspeed, Peak XV Partners और Khosla Ventures प्रमुख निवेशक रहे।
Sarvam AI Founder Dr. Pratyush Kumar और Dr. Vivek Raghavan ने की थी। दोनों पहले IIT Madras आधारित AI4Bharat रिसर्च ग्रुप में साथ काम कर चुके हैं।
इसका मुख्य उद्देश्य Sovereign AI विकसित करना है, यानी ऐसे मॉडल जो भारत में बनाए, भारत के डेटा पर ट्रेन किए जाएं और भारतीय इन्फ्रास्ट्रक्चर पर चलें।
यह सुनिश्चित करता है कि Artificial Intelligence टेक्नोलॉजी पर देश का Control बना रहे और डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और स्थानीय जरूरतों के अनुसार सोल्यूशन तैयार हो।
इसके एआई टूल्स को भारतीय बैंकिंग, बीमा, पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी परियोजनाओं में इस्तेमाल करने को तैयार किया गया है।
Bulbul V3:
Sarvam AI Text-to-speech और Speech-to-text सिस्टम है। टेलीफोन ग्रेड ऑडियो, नाम और संख्या पहचान में यह मॉडल विशेष रूप से मजबूत है। भारत के कोड मिक्स और मल्टी लैंग्वेज डेटा में Bulbul V3 ने कम एरर रेट रिकॉर्ड किए हैं, जिससे यह कॉल सेंटर, ग्राहक सहायता और मोबाइल एप्लिकेशन में बहुत उपयोगी साबित हो रहा है।
Sarvam Vision:
यह OCR और डॉक्यूमेंट रीडिंग टूल है। इसने olmOCR-Bench पर 84.3% और OmniDoc Bench v1.5 पर 93.28% की सटीकता हासिल की। जटिल टेबल्स, टेक्निकल फॉर्मुला और मल्टी-लैंग्वेज डॉक्यूमेंट्स में यह मॉडल ग्लोबल एआई मॉडल्स से बेहतर प्रदर्शन करता है।
इन मॉडलों के प्रदर्शन से यह साफ है कि छोटे, केंद्रित एआई मॉडल बड़े जनरल एआई मॉडल्स की तुलना में देश विशेष समस्याओं में अधिक प्रभावी साबित हो सकते हैं।
सर्वम एआई की सफलता भारत की सरकार की Sovereign Artificial Intelligence रणनीति से मिलती है। Finance Minister Nirmala Sitharaman ने Union Budget 2026-27 में यह घोषणा की कि भारत में आधारित डेटा सेंटर से ग्लोबल क्लाउड सेवा देने वाली विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स में छूट मिलेगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि भारत में बनी कंप्यूटिंग पावर भारत में ही रहे।
भारत सरकार का लक्ष्य है कि भारत Artificial Intelligence में इन्फ्रास्ट्रक्चर और बेसिक सर्विसेज पर ध्यान दे, जबकि फ्यूचर एआई मॉडल डेवलपमेंट में ग्लोबल कंपनियां निवेश करें। इसके जैसी स्टार्टअप्स स्थानीय डेटा और भारतीय यूज़र्स पर ध्यान केंद्रित करके इस रणनीति को जमीन पर उतार रही हैं।
OCR और डॉक्यूमेंट प्रोसेसिंग- जटिल टेबल्स, फॉर्मुला और मल्टी-लैंग्वेज डॉक्यूमेंट्स में Sarvam Vision ने बेहतर प्रदर्शन किया।
इंडिक भाषाओं में स्पीच टूल्स- Bulbul V3 ने हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और Hinglish में कम एरर रेट दिया।
लोकल यूज़र्स के लिए अनुकूल मॉडल- भारतीय भाषा, स्थानीय संदर्भ और मोबाइल फ्रेंडली एप्लिकेशन के लिए मॉडल अधिक प्रभावी हैं।
हालांकि, ChatGPT और Google Gemini अभी भी Reasoning, कोडिंग, मल्टी-स्टेप प्रॉब्लम सॉल्विंग और मल्टीमीडिया एनालिसिस में आगे हैं। यह वर्तमान में Text Only Artificial Intelligence मॉडल है।
Ex Google Employee Deedy Das ने इसके मॉडल की विशेष तारीफ़ की है। उन्होंने कहा कि इसने Indic भाषाओं में सबसे बेहतरीन text-to-speech, speech-to-text और OCR टूल्स बनाए हैं।
Source- Deedy Das X Post
इसके अलावा, यह मॉडल सस्ती कीमत और आसान इंटरफेस के साथ उपलब्ध हैं, जो बड़े ग्लोबल लैब्स के लिए फोकस करने योग्य नहीं हैं।
Union Minister Ashwini Vaishnaw ने भी Sarvam AI को भारत की Sovereign AI रणनीति में एक सफल उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि युवा इंजीनियर्स स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा और मटीरियल साइंस जैसे क्षेत्रों में भी नए एआई मॉडल्स विकसित कर रहे हैं, जो वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित करेंगे।
यह भारतीय यूज़र्स और कंपनियों के लिए एआई टेक्नोलॉजी को ज्यादा लोकल और किफायती बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कंपनियों को सस्ते और स्थानीय भाषा वाले वॉइस एजेंट मिलेंगे
इंडिक स्क्रिप्ट के लिए बेहतरीन OCR उपलब्ध होगा
ग्राहक सेवा, डेटा प्रोसेसिंग और दस्तावेज़ ऑटोमेशन तेज़ और किफायती होंगे
सरकारी और टेलीकॉम प्रोजेक्ट्स में इस्तेमाल की संभावना बढ़ी
हालिया परिणाम भारत की टेक इंडस्ट्री और डेटा सेंट्रिक इंजीनियरिंग के लिए सकारात्मक संकेत देते है।
इसकी प्रगति से यह स्पष्ट होता है कि भारत अपने एआई मॉडल्स के निर्माण में आत्मनिर्भर बन सकता है। सरकारी परियोजनाओं, BFSI सेक्टर और लोकल भाषाओं में एआई सोल्यूशन के लिए यह स्टार्टअप भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इसको अभी पूरी तरह टेस्ट और दुनिया भर में मान्यता की जरूरत है, लेकिन यह India के टेक सेक्टर के लिए बड़ा कदम है।
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Sarvam AI की सफलता India की Artificial Intelligence स्वदेशी क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसने साबित किया कि छोटे, लक्षित और स्थानीय डेटा पर आधारित मॉडल ग्लोबल एआई दिग्गजों के मुकाबले विशेष क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर- यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। क्रिप्टो मार्केट काफ़ी वोलेटाइल है, इसलिए निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें।
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