Budget 2026

Budget 2026 में क्या मोदी सरकार देगी Crypto Tax पर निवेशकों को राहत

Budget 2026 में Crypto Tax से क्या मोदी सरकार इन्वेस्टर्स को देगी राहत

भारत में मोदी सरकार में केन्द्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman आने वाली 01 February को Budget 2026 पेश करने वाली हैं, जिसकी तैयारियां जोरों से चल रही है। इसको लेकर भारत में Budget 2026 Expectations बढ़ती जा रही हैं।


भारत में Cryptocurrency का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। अनुमान है कि क्रिप्टो यूजर्स की संख्या भारत में 11 करोड़ से भी ज्यादा है। Bitcoin, Ethereum और अन्य Digital Assets में निवेश करने वालों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। लेकिन भारी टैक्स, सख्त Crypto Regulation और क्लियर कानून की कमी की वजह से कई निवेशक अभी भी असमंजस में हैं। 

Crypto Tax Budget 2026

Source-  X Post


Finance Budget 2026 से पहले, Crypto यूजर्स सरकार से कुछ महत्वपूर्ण बदलाव की उम्मीद लगाए हुए हैं।

सभी की नजरें Union Budget 2026 पर टिकी हैं क्या इस बार मोदी सरकार क्रिप्टो टैक्सेशन और नियमों को आसान बनाएगी?


Budget 2025 में क्रिप्टो को लेकर क्या ऐलान हुआ था?

अगर Budget 2025 की बात की जाए, तो Indian Government ने क्रिप्टो पर लागू 30% Tax (Capital Gains Tax) को पहले जैसा ही बनाए रखा। यानी प्रॉफिट पर कोई राहत नहीं दी गई। 


इसके साथ ही हर ट्रांजैक्शन पर लगने वाला 1% TDS को भी जारी रखा गया। हालांकि, सरकार ने क्रिप्टो और वर्चुअल डिजिटल एसेट्स की ट्रांजैक्शन रिपोर्टिंग को अनिवार्य बनाने के लिए टैक्स कानून में बदलाव का प्रस्ताव जरूर रखा।


भारत में Crypto Tax के मौजूदा नियम क्या हैं? जानिए

साल 2022 में मोदी सरकार ने Virtual Digital Assets यानी VDA पर नया टैक्स नियम बनाया। इसके तहत क्रिप्टो से होने वाली कमाई पर 30% फ्लैट टैक्स लगता है। इसमें कोई छूट नहीं मिलती, चाहे आपकी इनकम कितनी भी हो।


साथ ही हर ट्रांजैक्शन पर 1% TDS कट जाता है, भले ही उसमें प्रॉफिट हो या लॉस। लॉस को दूसरे प्रॉफिट से एडजस्ट नहीं किया जा सकता।


क्रिप्टो खरीदने या बेचने पर गैस फीस और दूसरी फीस लगती है, लेकिन अभी Cryptocurrency Tax नियमों में इन्हें नहीं जोड़ा जाता। उम्मीद है कि Budget 2026 में इन खर्चों को शामिल किया जाएगा।


इन नियमों से ट्रेडिंग वॉल्यूम में बहुत कमी देखने को मिली है। कई लोग विदेशी प्लेटफॉर्म पर चले गए हैं। इंडस्ट्री का कहना है कि ये नियम बहुत सख्त हैं और विकास को रोक रहे हैं। 


Crypto Investors के लिए क्यों मुश्किल बना मौजूदा सिस्टम?

आज भारत में क्रिप्टो निवेशक इन बड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं जो कि इस प्रकार हैं


  • 30% Tax बहुत ज्यादा माना जा रहा है।

  • 1% TDS का लगाया जाना।

  • नुकसान होने पर टैक्स एडजस्टमेंट नहीं मिलती।

  • टैक्स कैलकुलेशन के नियम साफ नहीं हैं।

  • हर ट्रांजैक्शन पर रिकॉर्ड रखना मुश्किल होता है।


इसी वजह से कई ट्रेडर्स विदेशी एक्सचेंज या P2P प्लेटफॉर्म का रुख कर रहे हैं, जिससे मोदी सरकार का टैक्स रेवेन्यू भी प्रभावित होता है।


Budget 2026 से Crypto सेक्टर को क्या उम्मीदें हैं?

अब जब Union Budget 2026 आने वाला है, तो टैक्स एक्सपर्ट्स, क्रिप्टो इंडस्ट्री और निवेशकों को उम्मीद है कि सरकार कुछ अहम सुधार करेगी जो कि इस प्रकार हैं


1. Crypto Tax Rules में क्लियर दिशा-निर्देश

क्रिप्टो टैक्सेशन में सबसे बड़ी जरूरत है स्पष्ट नियमों की जैसे कि


  • नुकसान का कैसे हिसाब हो

  • अलग-अलग टोकन का टैक्स कैसे तय हो

  • ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट में फर्क कैसे समझा जाए


अगर सरकार साफ गाइडलाइन लाती है तो निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।


2. Capital Gains जैसा टैक्स सिस्टम लागू होने की उम्मीद

US और UK जैसे देशों में क्रिप्टो को Capital Asset माना जाता है और उसी हिसाब से टैक्स लगता है। वहां पर


  • लॉन्ग टर्म होल्डिंग पर कम टैक्स

  • नुकसान को सेट-ऑफ करने की सुविधा


भारत में भी एक्सपर्ट्स चाहते हैं कि क्रिप्टो को शेयर या म्यूचुअल फंड की तरह ट्रीट किया जाए।


3. 1% TDS और 30% Tax घटाने की मांग

India में 1% TDS  और 30% Tax ने ट्रेडिंग वॉल्यूम को काफी नुकसान पहुंचाया है। इंडस्ट्री की डिमांड है कि इसे घटाकर 0.01% किया जाए, ताकि


  • ट्रेडिंग आसान बने

  • लिक्विडिटी बढ़े

  • निवेशक भारत में ही ट्रेड करें


4. Crypto Income की कैलकुलेशन को आसान बनाने की मांग

अभी सबसे बड़ी परेशानी है क्रिप्टो इनकम किस तरह कैलकुलेट की जाए, इस पर कोई भी साफ नियम नहीं हैं। निवेशक चाहते हैं कि


  • ट्रेडिंग इनकम और निवेश इनकम अलग-अलग मानी जाए

  • छोटे निवेशकों को स्लैब रेट टैक्स का विकल्प मिले

  • टैक्स फाइलिंग आसान बने


इसलिए India में Crypto Regulation और Tax पर सुधार की मांग की जा रही है।


क्या Budget 2026 में सच में मिल सकती है राहत?

हालांकि उम्मीदें बहुत हैं, लेकिन Crypto Market में 4 साल के अनुभव से मेरा मानना है कि Indian Government फिलहाल क्रिप्टो को लेकर ज्यादा नरमी नहीं दिखाएगी।


  • Indian Government क्रिप्टो को अभी भी हाई रिस्क एसेट मानती है, इसलिए टैक्स में बड़ी राहत की उम्मीद कम है।

  • Indian Government ग्लोबल लेवल पर नियम बनने का इंतजार कर रही है, इसलिए जल्द बदलाव मुश्किल है।


इससे साफ पता चलता है कि बजट में नियमों को और भी क्लियर किया जा सकता है, लेकिन टैक्स में बड़ी कटौती शायद ही देखने को मिले।


भारत में क्यों जरूरी है Crypto Tax Reform?

भारत दुनिया का सबसे बड़ा क्रिप्टो यूजर बेस बन चुका है। अगर Tax सिस्टम ज्यादा आसान और इन्वेस्टर फ्रेंडली हो जाए, तो इसके फायदे होंगे

Crypto Tax 2026


  • इससे भारत में ज्यादा इन्वेस्टमेंट आ सकता है

  • क्रिप्टो एडॉप्शन में बढ़त हो सकती है

  • Web3 और Blockchain स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिल सकता है

  • सरकार को ज्यादा टैक्स रेवेन्यू मिल सकता है

  • नौकरी और टेक इनोवेशन बढ़ सकते हैं


अभी Indian Government के सख्त Tax की वजह से कई भारतीय ट्रेडर्स विदेशी प्लेटफॉर्म पर जा रहे हैं, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान हो सकता है।


Crypto Investors के लिए क्यों अहम है Budget 2026

अगर आप Bitcoin, Ethereum, Solana या किसी भी Cryptocurrency में निवेश करते हैं, तो आने वाला बजट आपके लिए बेहद जरूरी है क्योंकि

Budget 2026 Expactations


  • Tax नियम आसान होने की संभावना है

  • लॉन्ग टर्म निवेश को बढ़ावा मिल सकता है

  • ट्रेडिंग कॉस्ट कम होने की संभावना है

  • कंप्लायंस आसान बन सकता है


यह बजट तय करेगा कि भारत में Crypto भविष्य में निवेश का अवसर बनेगा या सिर्फ टैक्स बोझ।


कन्क्लूजन

Union Budget 2026 भारत के Crypto Investors के लिए एक अहम मोड़ साबित हो सकता है। अगर मोदी सरकार टैक्स नियमों को स्पष्ट करती है, TDS कम करती है और कंप्लायंस आसान बनाती है, तो इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है और Indian Crypto Market को नई मजबूती मिल सकती है। 


हालांकि Budget 2026 में बड़ी टैक्स कटौती की उम्मीद कम है, लेकिन साफ और संतुलित नियम भारत को Web3 और Blockchain Innovation का मजबूत केंद्र बना सकते हैं।


YMYL Disclaimer-  यह आर्टिकल केवल जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई किसी भी जानकारी को निवेश, ट्रेडिंग या फाइनेंशियल सलाह न समझें। Crypto Market रिस्क से भरा होता है, इसलिए कोई भी फैसला लेने से पहले अपनी खुद की रिसर्च जरुर करें। लेखक या प्लेटफॉर्म किसी भी प्रकार के फायदे, नुकसान या वित्तीय परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।

Shubham Sharma पिछले 4 वर्षों से Web3, ब्लॉकचेन, NFT और क्रिप्टोकरेंसी पर गहराई से लेखन कर रहे हैं। वे मार्केट ट्रेंड्स को जल्दी पहचानने, तकनीकी अपडेट्स को सरल भाषा में समझाने और भारतीय क्रिप्टो निवेशकों को विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं। Shubham ने कई प्रमुख क्रिप्टो मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए योगदान दिया है और उनका उद्देश्य पाठकों को तेजी से बदलती Web3 दुनिया में सटीक, निष्पक्ष और इनसाइटफुल कंटेंट देना है।

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Budget 2026 में सरकार से उम्मीद की जा रही है कि वह Crypto Tax Rules को ज्यादा क्लियर बनाएगी, TDS कम करने पर विचार करेगी और टैक्स कैलकुलेशन को आसान बना सकती है, हालांकि बड़ी राहत की संभावना कम मानी जा रही है।
भारत में क्रिप्टो से होने वाली कमाई पर 30% फ्लैट टैक्स लगता है और हर ट्रांजैक्शन पर 1% TDS कटता है, चाहे प्रॉफिट हो या लॉस।
Budget 2025 में क्रिप्टो पर 30% टैक्स और 1% TDS को पहले जैसा ही रखा गया था और ट्रांजैक्शन रिपोर्टिंग को अनिवार्य बनाया गया था।
30% टैक्स, 1% TDS, लॉस सेट-ऑफ की सुविधा न होना और जटिल टैक्स नियमों की वजह से निवेशकों और ट्रेडर्स को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
फिलहाल ऐसा माना जा रहा है कि सरकार क्रिप्टो को हाई रिस्क एसेट मानती है, इसलिए 30% टैक्स में बड़ी कटौती की संभावना कम है।