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HPZ Token Scam: 94 बैंक अकाउंट सील, ED ने खोला करोड़ों रूपए का राज

HPZ Token Scam: ED ने 94 बैंक अकाउंट अटैच कर ₹10.24 करोड़ जब्त किए

भारत में तेजी से बढ़ रहे ऑनलाइन निवेश घोटालों के बीच HPZ Token Scam एक बड़ा मामला बनकर सामने आया है। इस केस में Directorate of Enforcement (ED) ने सख्त कार्रवाई करते हुए 94 बैंक अकाउंट अटैच किए हैं, ED Raid में करीब ₹10.24 करोड़ की रकम पाई गई है जिसको जब्त कर लिया गया है। यह कार्रवाई Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत की गई है। इसकी जानकारी ED ने अपने Official X Account पर पोस्ट कर के दी है।


यह मामला दिखाता है कि कैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल करके हजारों लोगों से ठगी की जा रही है।

HPZ Token News

Source- Official X Post by ED


HPZ Crypto Token Scam क्या है?

HPZ Token एक कथित निवेश स्कीम थी, जिसमें लोगों को ज्यादा रिटर्न का लालच देकर पैसा निवेश करने के लिए कहा गया। शुरुआत में इसे एक वैध निवेश प्लेटफॉर्म की तरह पेश किया गया, लेकिन जांच में यह एक बड़ा फाइनेंशियल फ्रॉड निकला।


इस स्कीम में देशभर के हजारों निवेशकों को टारगेट किया गया। लोगों को बताया गया कि वे कम समय में ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोगों ने इसमें पैसा लगाया।


HPZ Token App Scam कैसे काम करता था?

Enforcement Directorate की जांच में सामने आया कि यह घोटाला एक सोची-समझी योजना के तहत किया गया। इसमें कई तरीके अपनाए गए:


  • HPZ Token App के जरिए लोगों को निवेश के लिए जोड़ा गया

  • ज्यादा रिटर्न का झूठा वादा किया गया

  • शुरुआत में कुछ निवेशकों को पैसा लौटाया गया ताकि भरोसा बने

  • इसके बाद में बड़े पैमाने पर फंड इकट्ठा किया गया


इस तरह यह स्कीम एक Ponzi Scam की तरह काम करती रही, जहां पुराने निवेशकों को नए निवेशकों के पैसे से भुगतान किया जाता था।


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HPZ Token Fraud में पैसों की हेराफेरी कैसे हुई?

ED की जांच में मनी लॉन्ड्रिंग का बड़ा नेटवर्क सामने आया है। पैसे को छिपाने और ट्रैकिंग से बचाने के लिए कई तरीके अपनाए गए:


  • निवेशकों से पैसा UPI और ऑनलाइन पेमेंट के जरिए लिया गया

  • कई फर्जी बैंक अकाउंट का इस्तेमाल किया गया

  • शेल कंपनियों के जरिए पैसे को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर किया गया

  • पेमेंट गेटवे जैसे PayU, Easebuzz और Aggrepay का गलत इस्तेमाल हुआ

  • हवाला और विदेशी चैनलों के जरिए पैसा बाहर भेजा गया


इन सभी तरीकों का मकसद पैसों के असली स्रोत को छिपाना था।


HPZ Token Scam में मुख्य आरोपी कौन हैं?

HPZ Token Crypto Scam में मुख्य आरोपी के रूप में Bhupesh Arora का नाम सामने आया है। जांच में यह भी पता चला कि:


  • उनके साथ उनके पिता Gulshan Arora और अन्य लोग जुड़े हुए थे

  • कई कंपनियां उनके कंट्रोल में थीं

  • इन कंपनियों में फर्जी डायरेक्टर बनाए गए थे

  • कर्मचारियों के नाम पर भी कंपनियां रजिस्टर की गई थीं


यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था, जिससे बड़े स्तर पर ठगी को अंजाम दिया गया।


HPZ Crypto Scam में कितना पैसा शामिल है?

इस Crypto Scam की रकम बेहद बड़ी बताई जा रही है:


  • कुल घोटाला: लगभग ₹2200 करोड़

  • ED Raid में अब तक अटैच: ₹662 करोड़ से ज्यादा

  • हालिया कार्रवाई: ₹10.24 करोड़ (94 बैंक अकाउंट से)


यह आंकड़े दिखाते हैं कि यह भारत के बड़े ऑनलाइन निवेश घोटालों में से एक है।


ED की जांच और कोर्ट में मामला

ED ने इस मामले की जांच FIR के आधार पर शुरू की जो Cyber Crime Police Station Kohima में दर्ज की गई थी। इसके अलावा Central Bureau of Investigation (CBI) और अन्य एजेंसियों की FIR भी जांच में शामिल की गई।


इस केस में ED ने Special PMLA Court, Dimapur में चार्जशीट दाखिल कर दी है। फिलहाल मामला कोर्ट में चल रहा है और जांच अभी भी जारी है।


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निवेशकों के लिए जरूरी चेतावनी

HPZ Token Fraud से आम लोगों को कुछ महत्वपूर्ण सीख मिलती है:


  • ज्यादा रिटर्न का वादा अक्सर धोखा होता है

  • अनजान ऐप या वेबसाइट पर भरोसा न करें

  • निवेश से पहले कंपनी की पूरी जानकारी जांचें

  • किसी भी स्कीम में पैसा लगाने से पहले रिसर्च जरूर करें


कन्क्लूजन

HPZ Token Scam यह साबित करता है कि ऑनलाइन निवेश के नाम पर बड़े स्तर पर ठगी की जा सकती है। ED की लगातार कार्रवाई यह दिखाती है कि एजेंसियां ऐसे मामलों पर नजर रख रही हैं लेकिन निवेशकों की सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है।


अगर आप सुरक्षित निवेश करना चाहते हैं, तो हमेशा भरोसेमंद प्लेटफॉर्म का ही चुनाव करें और किसी भी जल्दी अमीर बनने वाली स्कीम से दूर रहें।


डिस्क्लेमर-  यह आर्टिकल केवल जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों और उपलब्ध रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी प्लेटफॉर्म या योजना में पैसा लगाने से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें।

Shubham Sharma पिछले 4 वर्षों से Web3, ब्लॉकचेन, NFT और क्रिप्टोकरेंसी पर गहराई से लेखन कर रहे हैं। वे मार्केट ट्रेंड्स को जल्दी पहचानने, तकनीकी अपडेट्स को सरल भाषा में समझाने और भारतीय क्रिप्टो निवेशकों को विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं। Shubham ने कई प्रमुख क्रिप्टो मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए योगदान दिया है और उनका उद्देश्य पाठकों को तेजी से बदलती Web3 दुनिया में सटीक, निष्पक्ष और इनसाइटफुल कंटेंट देना है।

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HPZ Token Scam एक कथित निवेश धोखाधड़ी है, जिसमें लोगों को ज्यादा रिटर्न का लालच देकर पैसा निवेश करने के लिए कहा गया। बाद में जांच में यह एक पोंजी स्कीम निकली।
HPZ Token App के जरिए लोगों को जोड़ा गया, शुरुआत में कुछ निवेशकों को रिटर्न दिया गया और बाद में बड़े स्तर पर पैसा जुटाकर ठगी की गई।
ED ने 94 बैंक अकाउंट अटैच किए हैं और करीब ₹10.24 करोड़ की रकम जब्त की है। यह कार्रवाई PMLA के तहत की गई है।
इस घोटाले में कुल रकम लगभग ₹2200 करोड़ बताई जा रही है, जिसमें से अब तक ₹662 करोड़ से ज्यादा अटैच किए जा चुके हैं।
इस मामले में मुख्य आरोपी के रूप में Bhupesh Arora का नाम सामने आया है, जिनके साथ उनके पिता Gulshan Arora और अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं।