ED Raid

ED Raid ने खोली Haryana में Crypto Scam पोल, करोड़ों की संपत्ति जब्त

Enforcement Directorate ने की Crypto Scam में ₹10.86 करोड़ की संपत्ति जब्त

Enforcement Directorate ने Haryana के एक बड़े प्रॉपर्टी सेलिंग और Crypto Scam मामले में सख्त कदम उठाया है। ED Raid के तहत टोटल ₹10.86 करोड़ की संपत्ति जब्त की है, जिसमें फ्लैट, जमीन और Cryptocurrency शामिल हैं। 

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Source-  Official X Post


यह मामला इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें जमीन के फर्जी सौदों को Crypto Investment के साथ जोड़कर आम लोगों को ठगा गया। Enforcement Directorate की यह कार्रवाई साफ दिखाती है कि अब जमीन और डिजिटल एसेट से जुड़े अपराधों पर एजेंसियां गंभीर नजर रख रही हैं और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में तेजी से कदम उठा रही हैं।


Haryana से पहले भी Crypto Scam से जुड़ी खबर सामने आती रही हैं जहाँ पर Enforcement Directorate Raid कर चुकी है।


ED Raid में कैसे सामने आया Crypto Scam?

ED Raid पड़ने के बाद हुई जांच के अनुसार आरोपी Sandeep Yadav, Manoj Yadav और उनके साथियों ने लोगों को सस्ते दामों पर प्लॉट दिलाने और Crypto में ज्यादा मुनाफा देने का लालच दिया। इस भरोसे में कई लोगों ने अपनी जमा पूंजी इन लोगों को सौंप दी। 


बाद में जांच में सामने आया कि जमीन के सौदे फर्जी थे और क्रिप्टो निवेश के नाम पर भी लोगों को गुमराह किया गया। निवेशकों से लिया गया पैसा किसी वैध प्रोजेक्ट में न लगाकर निजी फायदे के लिए इस्तेमाल किया गया, जिससे कई लोग आर्थिक नुकसान का शिकार हो गए।


ED Raid में क्या-क्या संपत्ति जब्त की गई?

Chandigarh Zonal Office की ED टीम ने Prevention of Money Laundering Act- PMLA 2002 के तहत कार्रवाई करते हुए जमीन और फ्लैट समेत Crypto Scam से जुड़ी बड़ी संपत्तियों को अटैच किया। जब्त की गई संपत्तियों में करीब ₹6.06 करोड़ की संपत्ति और लगभग ₹4.79 करोड़ की कीमत के Ramifi Tokens शामिल हैं, जो Crypto Wallet में रखे गए थे। 


इसके अलावा कई बैंक खातों को फ्रीज किया गया, जिनमें लाखों रुपये जमा थे। यह कार्रवाई बताती है कि जांच एजेंसियां अब Crypto Wallet और डिजिटल ट्रांजैक्शन को भी गंभीरता से ले रही हैं।


Crypto Fraud से कमाया पैसा कहां और कैसे छिपाने की हुई कोशिश?

ED Raid में यह भी सामने आया कि Crypto Fraud से कमाया गया पैसा सीधे इस्तेमाल न करके पहले उसे छुपाने की कोशिश की गई। आरोपी रकम को जमीन और फ्लैट खरीदने में लगाते थे और एक हिस्सा क्रिप्टो टोकन में निवेश किया गया। 


कई मामलों में पैसे को तीसरे व्यक्ति के Bank Account में ट्रान्सफर किया गया और कैश में निकाला गया, ताकि पैसों का सीधा लिंक सामने न आए।


Enforcement Directorate की जांच की शुरुआत और अब तक की कार्रवाई जानिए

इस पूरे मामले की शुरुआत Haryana Police द्वारा दर्ज की गई FIR से हुई थी। इसके बाद Enforcement Directorate ने Money Laundering के एंगल से जांच शुरू की। August 2025 में Gurugram के कई ठिकानों पर छापेमारी की गई, जहां से अहम दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद हुए। 


जांच के दौरान ₹15 करोड़ से ज्यादा की संपत्तियों की पहचान भी की गई। इन सब तथ्यों के आधार पर ED ने अब ₹10.86 करोड़ की संपत्ति को जब्त कर लिया है।


Crypto और Money Laundering पर ED की सख्ती

यह मामला साफ संकेत देता है कि भारत में क्रिप्टो से जुड़े अपराधों पर Enforcement Directorate की नजर और सख्त हो चुकी है। अगर Digital Assets का इस्तेमाल गलत तरीके से किया गया है, तो उन्हें भी जब्त किया जा सकता है। 


हाल के समय में Enforcement Directorate ने कई Fake Crypto Websites का खुलासा किया है और बड़े Bitcoin पोंजी मामलों में पूछताछ तेज की है। इससे यह भरोसा बढ़ता है कि नियमों के बाहर काम करने वालों पर कार्रवाई होगी।


निवेशकों के लिए जरूरी सीख

इस पूरे मामले से निवेशकों के लिए यह सीख निकलती है कि 


  • ज्यादा रिटर्न के वादों पर तुरंत भरोसा न करें

  • निवेश से पहले पूरी जानकारी जरूर लें

  • दस्तावेज और लीगल स्थिति चेक करें

  • सिर्फ सोशल मीडिया या हाइप देखकर पैसा न लगाएं

  • बिना समझे किसी टोकन या स्कीम में निवेश न करें


कन्क्लूजन

Enforcement Directorate (ED) की यह कार्रवाई एक साफ संदेश देती है कि जमीन और क्रिप्टो के नाम पर ठगी करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। गलत तरीके से कमाया गया पैसा चाहे जमीन में लगा हो या क्रिप्टो में, उसे कानून के तहत जब्त किया जाएगा। 


आने वाले समय में भारत में क्रिप्टो स्कैम और Money laundering के खिलाफ कार्रवाई और तेज होने की पूरी संभावना है, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हो सकता है।


डिस्क्लेमर- यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। क्रिप्टो मार्केट काफ़ी वोलेटाइल है, इसलिए निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें।

Shubham Sharma पिछले 4 वर्षों से Web3, ब्लॉकचेन, NFT और क्रिप्टोकरेंसी पर गहराई से लेखन कर रहे हैं। वे मार्केट ट्रेंड्स को जल्दी पहचानने, तकनीकी अपडेट्स को सरल भाषा में समझाने और भारतीय क्रिप्टो निवेशकों को विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं। Shubham ने कई प्रमुख क्रिप्टो मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए योगदान दिया है और उनका उद्देश्य पाठकों को तेजी से बदलती Web3 दुनिया में सटीक, निष्पक्ष और इनसाइटफुल कंटेंट देना है।

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ED ने इस मामले में कुल ₹10.86 करोड़ की संपत्ति जब्त की है, जिसमें जमीन, फ्लैट और Cryptocurrency शामिल हैं।
यह मामला Haryana से जुड़ा है, जहां जमीन बेचने और Crypto Investment के नाम पर लोगों से ठगी की गई।
ED की जांच में Sandeep Yadav, Manoj Yadav और उनके सहयोगियों के नाम सामने आए हैं।
यह कार्रवाई Prevention of Money Laundering Act (PMLA) 2002 के तहत की गई है।
ED ने करीब ₹4.79 करोड़ की कीमत के Ramifi Tokens को Crypto Wallet से जब्त किया है।