bharat ki cryptocurrency ka naam kya hai

क्या है भारत की Cryptocurrency? डीटेल्स में जानें पूरी जानकारी

ये हैं भारत की Cryptocurrency, जानिए इसके फायदें क्या है?

भारत में बिटकॉइन, एथेरियम या किसी भी प्राइवेट Cryptocurrency को सरकार ने लीगल टेंडर के रूप में मान्यता नहीं दी है। भारत सरकार और RBI ने बार-बार स्पष्ट किया है कि प्राइवेट Cryptocurrency लीगल टेंडर नहीं हैं और इनके इस्तेमाल पर नियम सख्त हैं। इसके बजाय, भारत ने अपनी सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी विकसित की है, जिसे e-Rupee (डिजिटल रुपया) कहा जाता है। आइए डीटेल्स में जानते हैं इसके बारे में  

e-Rupee क्या है?

  • e-Rupee भारत का आधिकारिक डिजिटल रुपया है।

  • यह फिजिकल नोट और सिक्कों का डिजिटल रूप है, जिसे RBI जारी करता है।

  • यह Blockchain Technology पर आधारित है, लेकिन प्राइवेट क्रिप्टो जैसी नहीं।

  • केंद्रीकृत, RBI पूरी तरह इसके लिए जिम्मेदार है।

  • मूल्य स्थिर: 1 e-Rupee = 1 INR, कोई वोलैटिलिटी नहीं।

ये हैं e-Rupee के दो प्रकार

  • Wholesale e-Rupee: बड़े बैंक और वित्तीय संस्थानों के बीच लेन-देन के लिए।

  • Retail e-Rupee: आम नागरिक और मर्चेंट्स के लिए रोजमर्रा के लेन-देन में।

क्रिप्टोकरेंसी क्या है? जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

कब हुआ लॉन्च और पायलट
  • अक्टूबर 2022: RBI ने CBDC का कॉन्सेप्ट नोट जारी किया।

  • नवंबर 2022: Wholesale पायलट शुरू।

  • दिसंबर 2022: Retail पायलट शुरू।

  • मार्च 2025: e-Rupee का सर्कुलेशन ₹10.16 बिलियन (~$122 मिलियन), 334% वृद्धि पिछले साल से।

  • 2025: Retail सैंडबॉक्स में 19+ बैंक और फिनटेक कंपनियां नए यूज केस टेस्ट कर रही हैं।

क्या है e-Rupee के फायदे
  • तेज और सस्ता ट्रांजेक्शन: UPI से भी तेज, बिना इंटरमीडियरी।

  • फाइनेंशियल इंक्लूजन: ग्रामीण और बैंकिंग कम क्षेत्रों में मदद।

  • कम प्रिंटिंग कॉस्ट: नोट छपाई, परिवहन और स्टोरेज का खर्च घटेगा।

  • ट्रांसपेरेंसी: ब्लैक मनी और फेक करेंसी पर नियंत्रण।

  • क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स: BRICS देशों के CBDC से लिंक करने का प्रस्ताव।

e-Rupee को कैसे रखें और इस्तेमाल करें?

e-Rupee को उपयोग करने के लिए आपको एक अधिकृत ई-वॉलेट की आवश्यकता होती है, जिसे बैंक या अधिकृत गैर-बैंक संस्थाएं उपलब्ध कराती हैं।

  • ई-₹ स्टोर करना: ई-₹ को मोबाइल आधारित ई-वॉलेट में सुरक्षित रखा जाता है, ठीक वैसे ही जैसे आप नकद पैसे को अपने पर्स में रखते हैं।

  • पेमेंट करना:
    व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) ट्रांसफर
    व्यक्ति से व्यापारी (P2M) भुगतान
    CBDC QR कोड या UPI QR कोड स्कैन करके भुगतान

  • शुरू करने की प्रक्रिया:
  • अपने Bank द्वारा उपलब्ध ई-₹ ऐप को Google Play Store या Apple App Store से डाउनलोड करें, इसके बाद मोबाइल नंबर और KYC के जरिए रजिस्ट्रेशन पूरा करें ऐप में दिए गए निर्देशों का पालन करें
क्या e-Wallet  सुरक्षित हैं?

हाँ, e-Wallet सुरक्षित होते हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक के तहत इनकी सुरक्षा के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा सिस्टम लागू किया जाता है। यदि आपका मोबाइल खो भी जाए, तब भी आपका e-₹ सुरक्षित रहता है और आप उसी मोबाइल नंबर/सिम से नए डिवाइस पर वॉलेट को आसानी से रिकवर कर सकते हैं।

यहाँ देखें Cryptocurrency vs e-Rupee

विशेषता

प्राइवेट क्रिप्टो (Bitcoin जैसी Cryptocurrency)

e-Rupee

कंट्रोल

विकेंद्रीकृत

RBI केंद्रीयकृत

मूल्य

हाई वोलैटाइल

स्थिर (1:1 INR)

लीगल टेंडर

ये Cryptocurrency नहीं

हाँ

ट्रैकिंग

अनाम

ट्रैकेबल लेकिन प्राइवेसी सुरक्षित

रेगुलेशन

इस Cryptocurrency का कम

पूरी तरह रेगुलेटेड


क्या e-₹ और UPI में कोई अंतर है?

e-₹ और UPI दोनों डिजिटल भुगतान से जुड़े हैं, लेकिन इनकी प्रकृति अलग है। भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी डिजिटल रुपया खुद एक डिजिटल मुद्रा है, जिसे आप वॉलेट में स्टोर कर सकते हैं, ठीक नकदी की तरह। वहीं UPI सिर्फ एक भुगतान प्रणाली है, जो बैंक खाते से सीधे पैसे ट्रांसफर करने का माध्यम है।

e-₹ के जरिए किए गए P2P और P2M लेनदेन सीधे एक वॉलेट से दूसरे वॉलेट में होते हैं और इनमें बैंक खाते की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे भुगतान तुरंत सेटल हो जाता है। दूसरी ओर, UPI में ट्रांजैक्शन बैंक के माध्यम से प्रोसेस होता है। हालांकि, अब ई-₹ ऐप से UPI QR कोड स्कैन करने की सुविधा भी उपलब्ध है, लेकिन ऐसे मामलों में भुगतान UPI की प्रक्रिया और समय-सीमा के अनुसार ही पूरा होता है।

क्या आएगी चुनौतियां?
  • यूजर अडॉप्शन: लोग पहले से UPI का इस्तेमाल करते हैं।

  • साइबर सुरक्षा और प्राइवेसी।

  • टेक्निकल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार।

  • ऑफलाइन इस्तेमाल को मजबूत करना।

कन्क्लूजन

भारत की आधिकारिक डिजिटल करेंसी है e-Rupee। यह स्पेकुलेटिव एसेट नहीं, बल्कि रुपए का डिजिटल रूप है। भविष्य में यह कैशलेस इकोनॉमी का बड़ा हिस्सा बनेगा। RBI लगातार पायलट बढ़ा रहा है और फुल लॉन्च जल्द होने की संभावना है।

डिस्क्लेमर 

यह जानकारी केवल शैक्षिक और सूचना के उद्देश्य से है। इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में न लें। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।

पूजा सूर्यवंशी एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 6 वर्षों का अनुभव है और वे क्रिप्टो रेगुलेशन, ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को आसान भाषा में समझने योग्य बनाने के लिए जानी जाती हैं। वे डीप रिसर्च और एनालिटिकल एप्रोच के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। पूजा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और टेक्निकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य अपने रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।

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