Hong Kong सरकार डिजिटल एसेट्स और क्रिप्टो मार्केट के लिए एक रेगुलेटेड इकोसिस्टम बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। Hong Kong Stablecoin License प्रक्रिया पर काम कर रहा है और आने वाले हफ्तों में पहले लाइसेंस जारी किए जा सकते हैं।
Source- X Post
यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब China Crypto Ban कर चुका है या अब भी सख्त प्रतिबंध लागू है। इसके बावजूद होन्गकोंग खुद को एक सुरक्षित, नियमों के तहत काम करने वाला Web3 और डिजिटल फाइनेंस हब बनाने की कोशिश कर रहा है।
Stablecoin ऐसे डिजिटल टोकन होते हैं जिनकी कीमत किसी स्थिर एसेट जैसे फिएट करेंसी जैसे कि USD, से जुड़ी होती है। इनका मकसद क्रिप्टो मार्केट में उतार-चढ़ाव से बचते हुए डिजिटल पेमेंट को आसान और तेज बनाना है।
Hong Kong Monetary Authority (HKMA) के अनुसार, Stablecoin का उपयोग
Cross Border Payments को तेज बनाने
Bank Deposits को Tokenized करने
Refund और Settlement प्रक्रिया को आसान बनाने
जैसे मामलों में किया जा सकता है।
HKMA Chief Executive Eddie Yue ने Legislative Council बैठक में बताया कि हम उम्मीद करते हैं कि March 2026 तक Stablecoin लाइसेंस जारी किए जा सकते हैं।
HKMA फिलहाल करीब 36 कंपनियों के आवेदन की समीक्षा कर रहा है। May 2025 में Hong Kong Stablecoins Ordinance पास हुआ था, जो August से लागू हो गया। इसके तहत
जो कंपनियां होन्गकोंग में स्टेबलकॉइन जारी करेंगी
या होन्गकोंग Dollar से जुड़े Stablecoin बनाएंगी
उन्हें लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
Hong Kong Stablecoin Ordinance सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। यहां की Securities and Futures Commission (SFC) Crypto Trading से जुड़े नए नियम लाने की तैयारी कर रही है।
SFC CEO Julia Leung ने बताया कि जल्द ही Perpetual Futures Contracts को Institutional Investors के लिए मंजूरी दी जा सकती है Crypto Platforms को ऐसे प्रोडक्ट ऑफर करने की अनुमति मिलेगी।
इसके अलावा Brokers को Bitcoin और Ethereum जैसी डिजिटल एसेट्स को Collateral बनाकर फाइनेंस देने की इजाजत मिल सकती है।
Crypto Hindi News के एक्सपर्ट्स का मानना है कि होन्गकोंग की नीति China के Crypto Ban रुख के खिलाफ नहीं है, बल्कि एक Controlled Experiment है। सरकार का कहना है कि
यह कदम फाइनेंशियल इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए है
न कि China की Crypto नीति को चुनौती देने के लिए
इसलिए इसे एक सीमित और सावधानी से लागू किया गया मॉडल माना जा रहा है।
अगर HKD backed Stablecoin लॉन्च होते हैं, तो इससे
विदेश में पैसे भेजना आसान और सस्ता- अभी इंटरनेशनल पेमेंट में समय और ज्यादा फीस लगती है। स्टेबलकॉइन से पैसे मिनटों में और कम खर्च में भेजे जा सकते हैं।
तुरंत पेमेंट- कंपनियों को पेमेंट क्लियर होने के लिए 1-2 दिन इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पैसा लगभग तुरंत मिल सकता है, जिससे कैश फ्लो बेहतर होगा।
डिजिटल पेमेंट सिस्टम मजबूत होगा- यह डिजिटल वॉलेट और फिनटेक ऐप्स के साथ आसानी से काम कर सकता है। इससे होन्गकोंग डिजिटल फाइनेंस में और आगे बढ़ सकता है।
Retail और Institutional Investors के लिए
Regulated स्टेबलकॉइन से ट्रस्ट बढ़ेगा
Crypto Payments ज्यादा Stable और Usable बनेंगे
Institutional Participation से Liquidity बढ़ सकती है
हालांकि Crypto Investments में जोखिम बना रहता है इसलिए निवेश से पहले सही जानकारी और रिस्क समझना जरूरी है।
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Crypto Market में 4 साल का अनुभव के आधार पर मेरा मानना है कि Hong Kong Stablecoin License और Crypto Market Reforms कदम यह दिखाता है कि यह खुद को एशिया का प्रमुख डिजिटल फाइनेंस हब बनाना चाहता है।
आने वाले महीनों में जब पहले स्टेबलकॉइन लाइसेंस जारी होंगे और नए Crypto Trading नियम लागू होंगे, तब यह साफ हो जाएगा कि इसका यह मॉडल कितना सफल साबित होता है।
डिस्क्लेमर- यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। क्रिप्टो मार्केट काफ़ी वोलेटाइल है, इसलिए निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च ज़रूर करें।
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