Bitcoin scam

285 Bitcoin का मामला: राज कुंद्रा को जमानत, आगे क्या होगा?

क्या है राज कुंद्रा का Bitcoin Scam? ऐसे खुली 150 करोड़ घोटाले की पोल


बॉलीवुड इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के पति और मशहूर बिजनेसमैन राज कुंद्रा को मुंबई की स्पेशल पीएमएलए (PMLA) कोर्ट ने करोड़ों रुपये के कथित Bitcoin Scam से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दे दी है। हैरानी वाली बात ये है कि, इतने बड़े स्कैम में नाम आने के बावजूद राज कुंद्रा के चेहरे पर शिकंज तक नहीं दिखी। उन्होंने जमानत के बाद पैपराजी के सामने जमकर पोज दिए। आइए जानते हैं राज कुंद्रा के ‘बिटकॉइन स्कैम’ से जुड़ा पूरा मामला आखिर क्या है?


साल 2018 का है ये मामला

आपकी जानकारी के लिए बता दें, बिटकॉइन स्कैम से जुड़ा यह मामला 2018 का है जो करीब 150 करोड़ रुपए से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप था कि राज कुंद्रा और उनके साथियों ने मिलकर इस स्कैम को अंजाम दिया। उन्होंने अवैध तरीके से बिटकॉइन के जरिए भारी-भरकम रकम का लेनदेन किया और निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की। जाँच एजेंसी ने ये तक कहा कि, इस पूरे खेल में राज और उनके दोस्तों ने बड़ी रकम को इधर-उधर किया गया, जो मनी लॉन्ड्रिंग के दायरे में आता है।


जाँच के दौरान पहले मुकर गए थे राज कुंद्रा 

ED के मुताबिक, बिटकॉइन पोंजी घोटाले के मास्टरमाइंड प्रमोटर अमित भारद्वाज से राज कुंद्रा को यूक्रेन में बिटकॉइन माइनिंग फॉर्म स्थापित करने के लिए 285 बिटकॉइन मिले थे। लेकिन ये सौदा बीच में ही अटक गया, ऐसे में ईडी का मानना है कि 285 बिटकॉइन अब भी राज कुंद्रा के पास ही है जिसकी कीमत करीब 150 करोड़ के आसपास आंकी गई है। कठिन स्थिति तब और बनी जब पूछताछ के दौरान राज कुंद्रा ने उन डिजिटल वॉलेट्स की जानकारी देने से साफ इनकार कर दिया, जिनमें ये बिटकॉइन रखे गए थे।


बस फिर क्या था? इसके बाद से ईडी ने राज कुंद्रा पर शिकंजा कस दिया। तगड़ी पूछताछ के दौरान राज कुंद्रा ने फिर ईडी का सहयोग किया। वहीं राज कुंद्रा के वकील प्रशांत पाटिल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि, ईडी ने राज कुंद्रा के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है जिसका कोई ठोस आधार नहीं है। राज 2018 से ईडी का साथ दे रहे हैं, राज को 1 लाख रुपए की जमानत पर रिहा किया गया है। हालाँकि उन्हें विदेश यात्रा के लिए अदालत से अनुमति लेनी होगी।


raj kundra


जमानत मिलने के बाद क्यों बोले राज कुंद्रा?

जमानत के बाद राज कुंद्रा मीडिया के सामने आए और खुद को निर्दोष बताया, साथ ही उन्होंने 'सत्यमेव जयते' के नारे लगाए। इस दौरान उन्होंने अपने बयान में कहा कि, “दुर्भाग्य से मीडिया ने इस मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है। ऐसा कुछ नहीं है। शायद आपको कानूनी शब्दावली की समझ नहीं है, इसलिए आप जो समझ पाते हैं वही रिपोर्ट करते हैं। मैंने अब मुखौटा पहनना छोड़ दिया है क्योंकि मेरे सारे मुखौटे उतर चुके हैं। अब दूसरों के मुखौटे उतारने का समय आ गया है।”


अब आगे की स्थिति कैसी रहेगी?

राज कुंद्रा की क़ानूनी टीम की तरफ से ये जानकारी सामने आई है कि, अब वे इस मामले को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। वे ED द्वारा जारी समन और पूरी कार्यवाही को ही चुनौती देंगे ताकि उन्हें इस केस से पूरी तरह राहत मिल सके। अब ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि, आखिर राज कुंद्रा को इस केस से राहत मिल पाती है या नही?


पहले भी जेल की हवा खा चुके हैं राज कुंद्रा 

वेसे ये कोई पहली दफा नही थे जब राज कुंद्रा को जेल की हवा खानी पड़ी। इससे पहले भी वह सलाखों के पीछे जा चुके हैं। इससे पहले साल 2021 में भी उन्हें ‘पोर्नोग्राफी प्रोडक्शन’ केस में गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान 19 जुलाई 2021 को गिरफ्तारी के बाद उन्हें मुंबई की आर्थर रोड जेल में करीब 63 दिन गुजारने पड़े थे। इसके बाद 20 सितंबर 2021 को उन्हें उस मामले में राहत मिली थी।


कन्क्लूजन:

कुल मिलाकर, Raj Kundra से जुड़ा 150 करोड़ के कथित Bitcoin Scam का मामला अभी कानूनी प्रक्रिया में है और सच-झूठ का अंतिम फैसला अदालत में ही होगा। जमानत मिलना राहत जरूर है, लेकिन ED के आरोप और आगे की कानूनी चुनौतियां इस केस को अभी खत्म नहीं होने देतीं। अब सबकी नजर अदालत की अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां तय होगा कि राज कुंद्रा को पूरी राहत मिलती है या नहीं?


डिस्क्लेमर:

यह आर्टिकल अलग अलग मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। इस सामग्री का उद्देश्य केवल जानकारी देना है, न कि किसी की छवि को प्रभावित करना।


पूजा सूर्यवंशी एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 6 वर्षों का अनुभव है और वे क्रिप्टो रेगुलेशन, ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को आसान भाषा में समझने योग्य बनाने के लिए जानी जाती हैं। वे डीप रिसर्च और एनालिटिकल एप्रोच के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। पूजा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और टेक्निकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य अपने रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।

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यह मामला साल 2018 से जुड़ा है, जिसमें करीब 150 करोड़ रुपये के कथित बिटकॉइन लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए गए हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, यह मामला अवैध निवेश और धोखाधड़ी से संबंधित है।
ED का आरोप है कि राज कुंद्रा को कथित तौर पर 285 बिटकॉइन मिले थे, जिनका इस्तेमाल यूक्रेन में बिटकॉइन माइनिंग फॉर्म स्थापित करने के लिए होना था। एजेंसी का दावा है कि ये बिटकॉइन अब भी उनके पास हो सकते हैं।
हाँ, मुंबई की स्पेशल PMLA कोर्ट ने उन्हें 1 लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दी है। हालांकि, उन्हें विदेश यात्रा के लिए अदालत से अनुमति लेनी होगी।
जमानत मिलने के बाद राज कुंद्रा ने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि मीडिया ने मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है। उन्होंने 'सत्यमेव जयते' का नारा भी लगाया।
राज कुंद्रा की कानूनी टीम बॉम्बे हाई कोर्ट में ED की कार्यवाही को चुनौती देने की तैयारी कर रही है। अंतिम फैसला अदालत की आगामी सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।