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Ethena USDe क्या है और यह कैसे काम करता है, जानें इसका भविष्य

Ethena USDe: DeFi में क्रांति लाने वाला पहला क्रिप्टो-बैक्ड स्टेबलकॉइन

Ethena USDe एक सिंथेटिक डॉलर-बैक्ड स्टेबलकॉइन है, जिसे Ethena प्रोटोकॉल ने Ethereum पर जारी किया गया है। यह ट्रेडिशनल फिएट-बैक्ड स्टेबलकॉइन्स जैसे USDC और USDT से अलग है, क्योंकि यह बैंकिंग सिस्टम या फिएट रिजर्व पर निर्भर नहीं है। इसके बजाय, USDe अपनी 1:1 अमेरिकी डॉलर की पिग बनाए रखने के लिए ETH, BTC, लिक्विड स्टेकिंग टोकन्स (LSTs) और अन्य स्टेबलकॉइन्स (जैसे USDC/USDT) का उपयोग करता है।

इसे "डिजिटल डॉलर्स फॉर द इंटरनेट इकोनॉमी" के रूप में भी जाना जाता है, जो एक स्केलेबल और सेंसरशिप-रेजिस्टेंट डिजिटल करेंसी है, जिसे DeFi इकोसिस्टम में उपयोग के लिए डिज़ाइन किया गया है। तो आइए जानते हैं इससे जुड़े फायदे और नुकसान, साथ ही जानेंगे इसका भविष्य कैसा रहेगा। 

कौन है Ethena के फाउंडर?

Ethena Labs के फाउंडर और CEO Guy Young हैं, जो Financial Engineering और क्रिप्टो सिस्टम्स के एक्सपर्ट हैं। इस प्रोजेक्ट को कई बड़े इन्वेस्टर्स सपोर्ट करते हैं, जिनमें शामिल हैं, Arthur Hayes (BitMEX के फाउंडर), निवेश फर्म Franklin Templeton, Galaxy Digital, और Binance Labs। इसकी टीम में क्रिप्टो और फाइनेंशियल इंजीनियरिंग के विशेषज्ञ हैं, जो Complex Strategies जैसे delta-hedging पर काम करते हैं।

इसकी स्थापना 2023-2024 के आसपास हुई थी जिसके बाद यह तेज़ी से विकसित हुआ है, जिसमें 836,000 से अधिक यूजर्स और 24 ब्लॉकचेंस पर Availability के साथ यह एक ग्लोबल प्लेटफॉर्म बन चुका है।

Ethena USDe कैसे काम करता है?

Ethena USDe का Mechanism delta-neutral hedging पर आधारित है, जो इसे स्टेबल बनाए रखने में मदद करता है। जैसे कि…

  1. मिंटिंग: यूजर्स ETH, BTC, LSTs (जैसे stETH), या स्टेबलकॉइन्स (USDC/USDT) को प्रोटोकॉल में डिपॉजिट करके USDe प्राप्त करते हैं। ये असेट्स ऑफ-एक्सचेंज कस्टडी में सुरक्षित रूप से रखे जाते हैं।

  2. हेजिंग स्ट्रेटेजी: USDe के वैल्यू को स्टेबल रखने के लिए, इसके डिपॉजिटेड असेट्स के खिलाफ perpetual futures contracts में शॉर्ट पोजीशन्स को दर्शाता है (जैसे Binance और Bybit पर)। यह delta (प्राइस एक्सपोजर) को न्यूट्रल कर देता है, यानी इन असेट्स की कीमतों में उतार-चढ़ाव इसके मूल्य को प्रभावित नहीं करते।

  3. यील्ड जनरेशन: यील्ड funding rates (जब लॉन्ग पोजीशन्स शॉर्ट पोजीशन्स को पे करते हैं) और basis trading (स्पॉट और फ्यूचर्स की कीमतों के बीच अंतर) से आती है। उदाहरण के तौर पर, 2024 में sUSDe पर 19% का औसत APY था, जबकि 2026 में यह 2.4% है।

  4. रिडेम्पशन: यूजर्स USDe को बर्न करके बैकिंग असेट्स वापस प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन यह KYC/KYB चेक्स के साथ होता है।

क्या है इसके फायदे?

Ethena USDe कई महत्वपूर्ण फायदे है, विशेषकर DeFi यूजर्स के लिए…

  1. हाई यील्ड: 2024 में स्टेकिंग से 19%+ का औसत APY, जो ट्रेडिशनल स्टेबलकॉइन्स (जैसे USDC/USDT) से अधिक है।

  2. स्केलेबिलिटी और सेंसरशिप-रेजिस्टेंस: यह बैंकिंग सिस्टम पर निर्भर नहीं है, जिससे यह ग्लोबल और डीसेंट्रलाइज्ड होता है। 24 ब्लॉकचेंस पर उपलब्ध है, जिससे इसकी पहुंच और प्रभाव बढ़ता है।

  3. कैपिटल एफिशिएंसी: DeFi प्लेटफार्मों जैसे Aave और Pendle के साथ इंटीग्रेशन से कंपोजेबिलिटी बढ़ती है, जिससे यूजर्स के पास अधिक Financial Opportunities होते हैं।

  4. ट्रांसपेरेंसी: इसकी ऑन-चेन बैकिंग और हेजिंग प्रोसेस ट्रेडिशनल स्टेबलकॉइन्स की तुलना में अधिक ट्रांसपेरेंट है।

  5. क्रिप्टो-नेटिव सॉल्यूशन: यह मार्केट वॉलेटिलिटी से हेज करता है, बिना फिएट रिजर्व के, जिससे इसे क्रिप्टो स्पेस के लिए एक उपयुक्त समाधान माना जाता है।


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क्या है Ethena USDe के नुकसान?

हालांकि इसके कई फायदे हैं, लेकिन इसके कुछ नुकसान और जोखिम भी हैं..

  1. फंडिंग रिस्क: नकारात्मक funding rates (बियर मार्केट में) से लॉस हो सकता है। जबकि इसका रिजर्व फंड इस रिस्क को कवर करता है, लंबे समय तक नकारात्मक फंडिंग रहने पर यह समस्या बन सकती है।

  2. लिक्विडेशन और कोलेटरल रिस्क: यदि ETH या stETH की कीमत में भारी गिरावट होती है, तो शॉर्ट पोजीशन्स लिक्विडेट हो सकती हैं, जिससे फंड्स को खतरा हो सकता है।

  3. कस्टोडियल और एक्सचेंज फेलियर रिस्क: जैसे Bybit हैक (2025) जैसी घटनाओं से प्रभावित हो सकता है। Ethena Copper ClearLoop का उपयोग करता है, लेकिन एक्सचेंज रिस्क अभी भी मौजूद है।

क्या है इसका भविष्य?

Ethena का भविष्य काफी आशाजनक है, लेकिन साथ ही कुछ अनिश्चितताएं भी हैं। 2025-2026 में इसकी तेजी से वृद्धि की संभावना है जिससे यह USDC जैसे प्रतिस्पर्धियों को चुनौती दे सकता है। 

  • मल्टी-चेन एक्सपैंशन: अधिक ब्लॉकचेंस पर विस्तार।

  • अधिक असेट्स का समर्थन: BTC जैसे नए बैकिंग एसेट्स को जोड़ा जा सकता है।

  • गवर्नेंस सुधार: ENA टोकन के माध्यम से गवर्नेंस एक्टिवेशन पर चर्चा हो रही है, जिससे कुछ शॉर्ट-टर्म रिस्क हो सकते हैं।

अगर क्रिप्टो मार्केट बुलिश रहता है, तो इसकी वृद्धि जारी रह सकती है। हालांकि, एक बेयर मार्केट में संकुचन की संभावना है। कुल मिलाकर, Ethena USDe DeFi इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, लेकिन निवेशकों को रिसर्च और Risk Management पर ध्यान देना चाहिए।

फाइनल वर्डिक्ट 

ये एक क्रिप्टो-नेटिव सिंथेटिक डॉलर स्टेबलकॉइन है, जो ट्रेडिशनल Fiat-Backed Stablecoins से अधिक यील्ड, स्केलेबिलिटी और ट्रांसपेरेंसी प्रोवाइड करता है। इसका delta-neutral hedging Mechanism इसे स्थिर बनाए रखता है और DeFi इकोसिस्टम में एक मजबूत विकल्प साबित हो सकता है। हालांकि, इसमें कुछ रिस्क जैसे फंडिंग रिस्क, कस्टोडियल रिस्क और रेगुलेटरी चैलेंजेस भी हैं, जिन्हें इन्वेस्टर्स को समझना और मैनेज करना जरूरी है। 

डिस्क्लेमर:

यह आर्टिकल केवल सूचना उद्देश्यों से लिखा गया है और इसे investment advice के नहीं माना जाना चाहिए। Ethena या किसी अन्य क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेस्टमेंट करने से पहले, कृपया अपनी Independent Research करें और एक योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें। 

पूजा सूर्यवंशी एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 6 वर्षों का अनुभव है और वे क्रिप्टो रेगुलेशन, ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को आसान भाषा में समझने योग्य बनाने के लिए जानी जाती हैं। वे डीप रिसर्च और एनालिटिकल एप्रोच के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। पूजा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और टेक्निकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य अपने रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।

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Ethena USDe एक सिंथेटिक डॉलर-बैक्ड स्टेबलकॉइन है जो Ethereum पर Ethena प्रोटोकॉल द्वारा जारी किया गया है। यह बैंकिंग सिस्टम या फिएट रिजर्व पर निर्भर नहीं है, बल्कि ETH, BTC, लिक्विड स्टेकिंग टोकन्स (LSTs) और अन्य स्टेबलकॉइन्स का उपयोग करता है।
Ethena USDe का मिकैनिज़म delta-neutral hedging पर आधारित है। इसमें यूजर्स अपने एसेट्स को Ethena प्रोटोकॉल में डिपॉजिट करते हैं, जिनका उपयोग शॉर्ट पोजीशन्स में किया जाता है, जिससे USDe के मूल्य को स्थिर बनाए रखा जाता है।
Ethena USDe के फायदे में उच्च यील्ड (19%+ APY), स्केलेबिलिटी, सेंसरशिप-रेजिस्टेंस, ट्रांसपेरेंसी, और क्रिप्टो-नेटिव सॉल्यूशंस शामिल हैं। यह DeFi प्लेटफार्मों पर कैपिटल एफिशिएंसी बढ़ाता है और पारंपरिक स्टेबलकॉइन्स से अधिक उपयुक्त है।
Ethena USDe के नुकसान में फंडिंग रिस्क, लिक्विडेशन रिस्क, और कस्टोडियल/एक्सचेंज फेलियर रिस्क शामिल हैं। अगर ETH या stETH की कीमत गिरती है तो शॉर्ट पोजीशन्स लिक्विडेट हो सकती हैं, जिससे फंड्स को खतरा हो सकता है।
Ethena USDe का भविष्य काफी आशाजनक है। 2025-2026 में इसकी तेजी से वृद्धि की संभावना है और यह USDC जैसे प्रतिस्पर्धियों को चुनौती दे सकता है। मल्टी-चेन एक्सपैंशन और नए बैकिंग एसेट्स के साथ इसकी भविष्यवाणी की जा रही है।