Google DeepMind India Partnership

Google DeepMind India Partnership से रिसर्च और एजुकेशन में बड़ा बदलाव

Google DeepMind India Partnership: भारत में AI मिशन शुरू

Google DeepMind India Partnership ने भारत केAI इकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन स्थापित किया है। 18 फरवरी 2026 को AIImpact Summit 2026 में Google के CEO Sundar Pichai ने भारत सरकार के साथ इस रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की। यह पहल Google की ग्लोबल “National Partnerships forAI” रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य फ्रंटियर AI को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के लिए अधिक सुलभ बनाना है।

Google DeepMind India Partnership

Source: X(Twitter)

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Google DeepMind India Partnership का उद्देश्य

Google DeepMind IndiaPartnership का मुख्य फोकस साइंस, एजुकेशन, रेजिलिएंस और पब्लिक सर्विसेज जैसे क्षेत्रों में है, ताकि एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ सके। इससे भारतीय रिसर्चर्स, एजुकेशन सिस्टम और सरकारी संस्थानों को फ्रंटियर AI मॉडल्स तक सीधा एक्सेस मिलेगा। यह साझेदारी अमेरिका और ब्रिटेन के बादभारत के साथ GoogleDeepMind की नई सरकारी पहल मानी जा रही है।


रिसर्च और साइंस सेक्टर में प्रभाव

इस Google DeepMind India Partnership के तहत GoogleDeepMind, Google Research और Google.org ने Anusandhan National Research Foundation (ANRF) के साथ सहयोग किया है। इस पहल के माध्यम से भारतीय वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को AlphaGenome और Earth एआई जैसे फ्रंटियर मॉडल्स का उपयोग करने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा हैकाथॉन, ट्रेनिंग प्रोग्राम और मेंटरशिप सपोर्ट भी उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसी साझेदारियां आमतौर पर रिसर्च और स्किल डेवलपमेंट को तेज करती हैं।


Google के अनुसार, भारत AlphaFold का चौथा सबसे बड़ा यूजर्स है, जहां 180,000 से अधिक शोधकर्ता इस टेक्नोलॉजी का उपयोग कर रहे हैं। यह डेटा दर्शाता है कि GoogleDeepMind India Partnership भारतीय वैज्ञानिक कम्युनिटी के लिए नई संभावनाओं के रास्ते खोल सकती है।

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एजुकेशन सेक्टर में बड़ा बदलाव

Google DeepMind India Partnership का सबसे बड़ा प्रभाव एजुकेशन सेक्टर में देखने को मिलेगा। गूगल ने Atal Tinkering Labs (ATL) के साथ साझेदारी की है, जो Atal Innovation Mission का हिस्सा है। यह पहल 10,000 से अधिक स्कूलों और लगभग 11 मिलियन छात्रों तक पहुंचती है।


Google DeepMind India Partnership पहल के तहत GenAI असिस्टेंट्स को स्कूलों में लाया जाएगा, जिनका फोकस रोबोटिक्स, कोडिंग और नेशनल करिकुलम पर रहेगा। शिक्षकों के वर्कफ्लो में Gemini AI को इंटीग्रेट किया जाएगा, जबकि छात्रों के लिए सुरक्षित AI असिस्टेंट्स विकसित किए जाएंगे ताकि जिम्मेदार एआई उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।


भारत के AI इकोसिस्टम पर असर

Google DeepMindIndia Partnership भारत के तेजी से बढ़ते एआई इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यह पहल रिसर्च, स्टार्टअप इनोवेशन और डिजिटल स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा दे सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, सरकारी सहयोग के साथ फ्रंटियर AI का एक्सेस भारत की वैश्विक AI प्रतिस्पर्धा को मजबूत कर सकता है।


कन्क्लूजन 

Google DeepMind India Partnership भारत में एआई  अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक पहल है। रिसर्च सहयोग, शिक्षा में GenAI इंटीग्रेशन और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर फोकस इस साझेदारी को खास बनाते हैं। हालांकि इस पहल का वास्तविक प्रभाव समय के साथ स्पष्ट होगा, लेकिन शुरुआती संकेत बताते हैं कि यह भारत के एआई  भविष्य को मजबूत करने की क्षमता रखती है।

Disclaimer: यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। तकनीकी घोषणाओं का प्रभाव समय के साथ बदल सकता है, इसलिए आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि करना आवश्यक है।




Niharika Singh एक अनुभवी क्रिप्टो और ब्लॉकचेन जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में CryptoHindiNews.in से जुड़ी हुई हैं। उनके पास 5+ वर्षों का मीडिया और कम्युनिकेशन अनुभव है, जिसमें उन्होंने दूरदर्शन और आकाशवाणी जैसे प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स पर एंकर और कंटेंट प्रेजेंटर के रूप में काम किया है। इस अनुभव ने उन्हें जटिल विषयों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करने की गहरी समझ दी है। क्रिप्टो इंडस्ट्री में, निहारिका ने अपनी पहचान एक ऐसे पत्रकार के रूप में पहचान बनाई है, जो Web3, DeFi, NFTs और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी जैसे कठिन टॉपिक्स को आसान भाषा में पाठकों तक पहुँचाती हैं। उनकी लेखन शैली में SEO-ऑप्टिमाइजेशन, रिसर्च-बेस्ड एनालिसिस और क्रिएटिव अप्रोच का संतुलन है, जिससे उनका कंटेंट न केवल सूचनाप्रद और प्रासंगिक होता है, बल्कि Google Discover और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर भी बेहतर परफॉर्म करता है।

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यह Google DeepMind और भारत सरकार के बीच रणनीतिक साझेदारी है, जिसका उद्देश्य फ्रंटियर AI को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के लिए सुलभ बनाना है।
इस साझेदारी की घोषणा 18 फरवरी 2026 को India AI Impact Summit 2026 में Sundar Pichai ने की।
मुख्य उद्देश्य साइंस, एजुकेशन, पब्लिक सर्विसेज और रेजिलिएंस जैसे क्षेत्रों में एडवांस्ड AI तकनीक का उपयोग बढ़ाना है।
भारतीय शोधकर्ताओं को AlphaGenome और Earth AI जैसे फ्रंटियर मॉडल्स तक एक्सेस मिलेगा, साथ ही ट्रेनिंग और मेंटरशिप भी मिलेगी।
भारत AlphaFold का चौथा सबसे बड़ा उपयोगकर्ता है, जहां 180,000 से अधिक शोधकर्ता इस तकनीक का उपयोग कर रहे हैं।