Bitcoin और Ethereum के बाद सबसे इम्पोर्टेन्ट मानी जाने वाली क्रिप्टोकरेंसी XRP की पैरेंट कंपनी के द्वारा नया रोडमैप जारी किया गया है। जिसमें इसके DeFi में एक्सपेंशन और नयी यूटिलिटी के बारे में बात की गयी है। जिसके बाद XRP Price के बहुप्रतीक्षित लेवल $10 तक पहुँचने की संभावनाओं को बल मिला है। हम Ripple Price Prediction से जुड़े इस आर्टिकल में इस सम्भावना को टटोलेंगे और जानेंगे की लॉन्ग टर्म में इसका प्राइस पर क्या असर हो सकता है ।
हाल ही में जारी किए गए XRPL Roadmap में नए कंप्लायंस टूल्स जैसे Credential, Deep Freeze तथा Simulate के बारे में बात की गयी है, जो पहले से लाइव हैं। यह टूल्स KYC Process को आसान बनाने, लेंडिंग के लिए फण्ड फ्रीज़ करने और ट्रांज़ैक्शन के पहले अमाउंट चेक करने जैसे यूज़र फ्रेंडली फीचर जोड़ते हैं। इसके अलावा Real World Asset Tokenization को बेहतर बनाने के लिए नए Multipurpose Tokens Standard जारी करने की घोषणा की गयी है । जो XRPL को इन्स्टिट्यूशनल यूटिलिटी के लिए तैयार करेगा।
इन सभी के साथ XRPL 3.0.0 Version लॉन्च करने की घोषणा की गयी है, जो लेंडिंग को ऑन-चेन लाने का काम करेगा। ट्रांज़ैक्शन में प्राइवेसी तथा रेगुलेशन के बीच बैलेंस लाने के लिए XRPL से Zero Knowledge Proof को भी इन्टीग्रेट किया जाएगा। जो की इन्स्टिट्यूशनल प्लेयर्स की इसे लेकर सबसे बड़ी डिमांड थी।
इस तरह से देखा जाए तो इसके द्वारा जारी किया गया यह रोडमैप इन्स्टिट्यूशन्स के बीच इसका एडॉप्शन बढ़ाने के उद्देश्य से लाया गया है ।
अब जब ZKPs और नेटिव लेंडिंग प्रोटोकॉल जैसी इन्स्टिट्यूशन फ्रेंडली सुविधाएं इस पर बढ़ने वाली है, तो इसके अपने सबसे बड़े TradiFi राइवल SWIFT के मार्केट शेयर में तथा अधिक डेंट डालने की संभावनाएं भी बढ़ गयी है। एक अनुमान के मुताबिक़ SWIFT सालाना $150 ट्रिलियन के ट्रांज़ैक्शन करता है जबकि XRP केवल $2 ट्रिलियन।
वहीं अगर तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो ट्रांज़ैक्शन के समय और लागत के मामले में यह एक सेकंड के अन्दर $0.0002 की लागत में जो काम करता है उसी काम को SWIFT पर करने में 1 से 5 दिन और $20 से $50 की लागत लगती है। ऐसे में इन सभी इंटीग्रेशन के बाद इसे एक बड़े बाजार में एंट्री लेने की सम्भावना कई गुना बढ़ गयी है ।
अगर XRPL, SWIFT के मार्केट शेयर का छोटा हिस्सा भी अपनी ओर करता है तो इसकी प्राइस में कई गुना वृद्धि हो सकती है ।
XRP भले ही मार्केट कैप के हिसाब से तीसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी हो लेकिन इसकी रियल वर्ल्ड यूटिलिटी बहुत हाई है। इसके साथ साथ इसके इकोसिस्टम के अन्य टोकन जैसे RLUSD भी अपने सेक्टर में बेहतरीन परफॉर्म कर रहे हैं। ऐसे में SEC के साथ Case के ख़त्म होने तथा हाल ही में लॉन्च हुए XRP ETF के बाद इसके प्राइस को लेकर कई कयास लगे जा रहे थे, लेकिन अब तक उस तरह का परिवर्तन देखने को नहीं मिला है ।
एनालिस्ट का मानना है कि इन सभी का असली प्रभाव इकोसिस्टम का एडॉप्शन बढ़ने के बाद ही होगा, चूँकि इसका Tokenomics इस प्रकार है कि इसमें नए टोकन लगातार सर्कुलेशन में आते रहते हैं। यही कारण है कि स्टेकिंग और होल्डिंग बढ़ने के बाद भी इसका प्रभाव प्राइस पर देखने को कम मिलता है ।
अब भी लगभग 30B टोकन सर्कुलेशन में आना बाकी है, इसके अलावा बड़ी मात्रा में रिलीज़ हुए टोकन को Ripple एस्क्रो अकाउंट में लॉक कर देता है और धीरे धीरे रिलीज़ करता है । ऐसे में वर्तमान स्थिति के अनुसार इनके 2035 तक रिलीज़ होने की सम्भावना है । यही कारण है कि ट्रेडिंग वॉल्यूम में बढ़ोतरी तथा ETF Launch जैसे कदम के बाद भी इसके प्राइस में बहुत अधिक बदलाव देखने को नहीं मिला है ।
लेकिन अगर एडॉप्शन बढ़ता है तो रिलीज़ होने की रेट बढ़ सकती है, इसके अलावा बर्न मैकेनिज्म भी सप्लाई कम कर सकता है। इस तरह से देखा जाए तो एडॉप्शन का बढ़ना लॉन्ग टर्म में 2 तरह से XRP Price पर इम्पैक्ट डालेगा, एक तरफ तो टोकन जल्दी रिलीज़ होंगे और दूसरी ओर बर्न मैकेनिज्म सप्लाई कम करेगा।

Source: XRP Price की यह इमेज CoinMarketCap से ली गयी है।
आज 23 सितम्बर को XRP 1.69% बढ़कर $2.87 पर ट्रेड कर रहा है, इसी टाइम पीरियड में इसके ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी 18.26% की बढ़ोतरी देखने को मिली है। यह टोकन लम्बे समय से $3.2 के स्ट्रांग रेजिस्टेंस को क्रॉस की कोशिश कर रहा है। फिलहाल यह टोकन, 20, 30 और 50 Days के SMA से नीचे ट्रेड कर रहा है जो इसमें बियरिश मोमेंटम को दिखाते हैं।
हालांकि यह मोमेंटम मैक्रो क्रिप्टो मार्केट सेंटिमेंट का प्रभाव है, क्योंकि हाल ही में आये ETF के डिसिजन, Ripple-SEC Case के ख़तम होने के कारण XRP को लेकर मार्केट सेंटिमेंट पॉजिटिव है। इसीलिए Short Term में इसमें रिबाउंड देखने को मिल सकता है, इसका नेक्स्ट टारगेट $3 है, अगर यह इसे पार करता है तो $3.2 इसका नेक्स्ट टारगेट होगा।
आइये अब Long Term Ripple Price Prediction पर नज़र डालते हैं।
XRPL का लेटेस्ट रोडमैप इसे इन्स्टिट्यूशन रेडी बनाने पर फोकस करता है, नेटिव लेंडिंग प्रोटोकॉल और ZKP Integration के बाद इसका एडॉप्शन तेजी से बढ़ने की सम्भावना है। यह फैसिलिटी 2026 के अंत से पहले लाइव होने की सम्भावना है। इसके बाद RWA Tokenization और क्रॉस बॉर्डर पेमेंट में इन्स्टिट्यूशनल एडॉप्शन बढ़ने की सम्भावना है। अगर इस रोडमैप को सही समय पर लागू किया जाता है और यह SWIFT के मार्केट शेयर में से 10% भी अपनी ओर लाता है तो 2026 के आसपास XRP $8 से $10 के बीच ट्रेड कर सकता है।
लेकिन इसके प्राइस में वास्तविक बड़ा बदलाव तब आएगा जब इसके सभी टोकन सर्कुलेशन में आयेंगे।
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