Russia Crypto Trading Law: संसद ने Crypto Trading को दी कानूनी मंजूरी
Russia में Retail Investors के लिए Crypto Trading पर रहेंगी सीमाएं
रूस की संसद State Duma ने 21 जुलाई को "Digital Currency and Digital Rights" बिल की दूसरी और तीसरी रीडिंग एक ही दिन में पारित कर दी। इसके साथ ही देश में पहली बार एक कानूनी घरेलू Crypto Trading Market का रास्ता साफ हो गया है।
हालांकि, नया ढांचा पूरी तरह खुला नहीं होगा। कानून के तहत Qualified Investors और Licensed Financial Institutions को अपेक्षाकृत व्यापक पहुंच मिलेगी, जबकि आम (Non-Qualified) निवेशकों के लिए निवेश सीमा और अन्य शर्तें लागू रहेंगी। इससे साफ है कि रूस ने Crypto को कानूनी मान्यता तो दी है, लेकिन नियंत्रित तरीके से।
रूस की Crypto Policy कैसे बदली?
2024 तक रूस की Crypto Policy काफी हद तक प्रतिबंधात्मक रही। हालांकि, पश्चिमी प्रतिबंधों (Sanctions) के बाद पारंपरिक Cross-Border Payment Channels प्रभावित हुए, जिसके चलते सरकार ने विदेशी व्यापार के भुगतान के लिए Bitcoin (BTC) जैसी Digital Currencies के सीमित उपयोग की अनुमति देना शुरू किया।
मार्च 2025 में पहली बार घरेलू निवेशकों के लिए एक औपचारिक ढांचे की घोषणा हुई, लेकिन उस समय यह सुविधा केवल "Specially Qualified Investors" तक सीमित थी। इस श्रेणी में वही निवेशक शामिल थे जिनके पास 100 मिलियन रूबल से अधिक की Securities या Deposits हों, या जिनकी वार्षिक आय 50 मिलियन रूबल से अधिक हो।
इसके बाद दिसंबर 2025 में रूसी सेंट्रल बैंक ने दायरा बढ़ाते हुए Non-Qualified Investors के लिए भी सीमित निवेश की व्यवस्था बनाई। अप्रैल 2026 में सरकार ने इसी ढांचे को विधेयक के रूप में संसद में पेश किया और अब दोनों सदनों की आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह कानूनी रूप लेने की ओर बढ़ रहा है।
Retail Investors के लिए क्या बदलेगा?
नए कानून के तहत रूसी निवेशक पहली बार Central Bank से Licensed Exchange Operators, Brokers, Trust Management Institutions और Digital Asset Custodians के माध्यम से कानूनी तरीके से Crypto खरीद और बेच सकेंगे। विश्लेषकों का मानना है कि इससे अनियमित Platforms पर निर्भरता कम हो सकती है।
हालांकि, आम निवेशकों के लिए निवेश सीमा पहले की तरह 300,000 रूबल प्रति वर्ष (प्रति Intermediary) ही रहेगी। इसे बढ़ाकर 600,000 रूबल करने का प्रस्ताव State Duma की Financial Market Committee ने स्वीकार नहीं किया।
Committee के प्रमुख Anatoly Aksakov के अनुसार, यह सीमा अनुभवहीन निवेशकों को अत्यधिक जोखिम वाले बाजार में बड़े नुकसान से बचाने के उद्देश्य से रखी गई है।
वहीं, Digital Depositories के लिए Hacking या Technical Failure से होने वाले Client Losses पर Mandatory Insurance लागू करने का प्रस्ताव भी अंतिम बिल में शामिल नहीं किया गया। ऐसे मामलों में निवेशकों की सुरक्षा संबंधित संस्था की पूंजी और Contractual व्यवस्था पर निर्भर करेगी।
किन Crypto Assets को मिलेगी मंजूरी?
सार्वजनिक ट्रेडिंग के लिए किसी Crypto Asset को कुछ तय मानकों को पूरा करना होगा। इनमें पिछले दो वर्षों का औसत Market Cap 5 ट्रिलियन रूबल से अधिक, औसत Daily Trading Volume 1 ट्रिलियन रूबल से अधिक और Licensed विदेशी Exchanges पर कम-से-कम पांच वर्षों का Price History शामिल है।
इन शर्तों के आधार पर फिलहाल Bitcoin और Ethereum ही पूरी तरह पात्र दिखाई देते हैं, जबकि अधिकांश Altcoins इस दायरे से बाहर रहेंगे। इसके अलावा, Privacy Coins को Qualified Investors के लिए भी अनुमति नहीं दी गई है।
Stablecoins के लिए अलग व्यवस्था बनाई गई है। USDT और USDC जैसे Foreign Stablecoins में Non-Qualified Investors तभी निवेश कर सकेंगे, जब Russian Central Bank उन्हें Approved List में शामिल करेगा। ऐसी स्थिति में भी 300,000 रूबल की वार्षिक सीमा लागू रहेगी। हालांकि, Foreign Trade Settlement के लिए इन Stablecoins के उपयोग पर अपेक्षाकृत अधिक छूट दी गई है।
Russia के Crypto Market के लिए इसका क्या मतलब है?
विश्लेषकों के अनुसार, यह कानून केवल घरेलू निवेश नीति नहीं बल्कि रूस की व्यापक Geopolitical Strategy का भी हिस्सा है।
पश्चिमी प्रतिबंधों के बाद पारंपरिक बैंकिंग चैनलों तक पहुंच सीमित होने से Crypto, खासकर Cross-Border Settlement के लिए, रूस के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर उभरा है। यही वजह है कि सरकार ने विदेशी व्यापार में Crypto के उपयोग को अपेक्षाकृत अधिक स्वतंत्रता दी है, जबकि घरेलू निवेशकों के लिए नियंत्रण बनाए रखा है।
इसी उद्देश्य से कानून में Capital Outflow पर निगरानी रखने के लिए कुछ अतिरिक्त प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। उदाहरण के तौर पर, Non-Custodial Wallets में तय सीमा से अधिक राशि ट्रांसफर करने पर 48 घंटे का Cooling-Off Period लागू होगा।
बिल के मुख्य प्रावधान 1 सितंबर 2026 से लागू होने की उम्मीद है, जबकि मौजूदा Crypto Platforms को Central Bank Registry में पंजीकरण कराने के लिए जुलाई 2027 तक का समय मिलेगा।
भारत के लिए क्या मायने रखता है यह कदम?
यह फैसला ऐसे समय आया है जब भारत में भी Virtual Digital Assets (VDA) को लेकर नीति पर चर्चा जारी है।
फिलहाल भारत का मॉडल मुख्य रूप से Tax-Based Framework पर आधारित है, जिसमें Section 115BBH के तहत 30% टैक्स और Section 194S के तहत 1% TDS लागू है। इसके विपरीत, रूस ने निवेशकों को उनकी आय और Net Worth के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटते हुए Access-Based Regulation अपनाया है।
यदि भविष्य में भारत VDA Policy में बदलाव करता है, तो रूस का मॉडल Investor Categorization, Asset Classification, Custodian Responsibility और Investor Protection जैसे विषयों पर एक महत्वपूर्ण संदर्भ बन सकता है।
कन्क्लूजन
Russia का नया Crypto Trading कानून यह दिखाता है कि किसी देश में Crypto को कानूनी मान्यता मिलने का अर्थ यह नहीं होता कि सभी निवेशकों को समान अधिकार मिल जाएंगे। रूस ने एक ऐसा मॉडल अपनाया है जिसमें संस्थागत निवेशकों और Qualified Investors को अधिक स्वतंत्रता दी गई है, जबकि Retail Investors के लिए निवेश सीमा और नियामकीय नियंत्रण बनाए रखे गए हैं। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मॉडल रूस के Crypto Market और वैश्विक Digital Asset Regulation पर कितना प्रभाव डालता है।
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अस्वीकरण: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे निवेश, वित्तीय या ट्रेडिंग सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले स्वयं रिसर्च करें और आवश्यकता होने पर वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।
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