आज के डिजिटल दौर में इन्वेस्टमेंट करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। मोबाइल ऐप, ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के माध्यम से लोग शेयर मार्केट, क्रिप्टोकरेंसी और अन्य Investment Options में पैसा लगा रहे हैं। लेकिन इसी सुविधा का फायदा उठाकर Cyber Fraudster भी बड़े पैमाने पर लोगों को निशाना बना रहे हैं।
गृह मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत में साइबर फ्रॉड के कारण लगभग ₹22,495 करोड़ का नुकसान हुआ, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा Fraudulent Investment और ट्रेडिंग स्कैम का था। ये ठग आकर्षक रिटर्न, फर्जी एक्सपर्ट्स और नकली ट्रेडिंग ऐप्स के माध्यम से लोगों की जीवनभर की कमाई हड़प लेते हैं। आइए जानते हैं भारत के कुछ बड़े फेक ट्रेडिंग स्कैम और उनसे बचने के तरीके।
Sea Prime Capital भारत के सबसे बड़े उजागर हुए ट्रेडिंग स्कैम में से एक माना जाता है। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने इस मामले के मास्टरमाइंड Jatindra Ram को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क में 3,500 से अधिक एजेंट और 30,000 से ज्यादा फर्जी यूजर आईडी शामिल सलिप्त थें।
इस App के माध्यम से इन्वेस्टर्स को क्रिप्टोकरेंसी और USDT में, हाई रिटर्न का लालच दिया जाता था। इन्वेस्टर्स को एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर नकली लाभ दिखाया जाता था, ताकि वे और अधिक पैसा निवेश करें। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस घोटाले में लगभग ₹700 से ₹800 करोड़ तक की रकम निवेशकों से हड़पी गई। सोशल मीडिया विज्ञापन, यूट्यूब वीडियो और Investment Seminars के माध्यम से लोगों को इस जाल में फंसाया गया।
जनवरी 2026 में Maharashtra Police ने एक बड़े ऑनलाइन Forex और Gold ट्रेडिंग फ्रॉड का खुलासा किया, जिसमें करीब ₹200 करोड़ की ठगी हुई थी। इस मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
ये ठग शादी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से संपर्क कर पहले भरोसा जीतते थे, फिर उन्हें फर्जी Investment schemes में फंसाते थे। पैसा असली ट्रेडिंग में नहीं लगता था, बल्कि म्यूल बैंक अकाउंट्स के माध्यम से विदेश भेज दिया जाता था। यह केस दर्शाता है कि, ऑनलाइन ठगी अब एक International network बन चुकी है।
आजकल साइबर अपराधी Popular investment apps की, हूबहू कॉपी बनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। Groww, Zerodha, Paytm Money, Kotak Securities और अन्य प्रसिद्ध प्लेटफॉर्म्स के नाम पर नकली ऐप्स और वेबसाइट्स तैयार की जाती हैं।
स्कैमर्स व्हाट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप्स में खुद को निवेश सलाहकार बताकर लोगों को जोड़ते हैं। इसके बाद उन्हें फर्जी ऐप डाउनलोड करने या नकली वेबसाइट पर अकाउंट खोलने के लिए कहा जाता है। कर्नाटक में ऐसे क्लोन ट्रेडिंग ऐप स्कैम से 2022 में ₹203 करोड़, 2023 में ₹630 करोड़ और 2024 के पहले छह महीनों में ₹903 करोड़ तक का नुकसान दर्ज किया गया। यह आंकड़े बताते हैं कि, यह खतरा लगातार तेजी से बढ़ रहा है।
फेक ट्रेडिंग स्कैम आज भारत में तेजी से बढ़ता साइबर खतरा बन चुके हैं। Sea Prime Capital, OctaFX और नकली ट्रेडिंग ऐप्स जैसे मामलों ने साबित किया है कि, लालच और जल्द मुनाफे का वादा अक्सर धोखाधड़ी का संकेत होता है। इसलिए किसी भी तरह का इन्वेस्टमेंट करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें, केवल Authorized Platform का उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करें।
Disclaimer: यह आर्टिकल केवल जानकारी और शैक्षिक उद्देश्य के लिए लिखा गया है। इसमें दी गई किसी भी जानकारी को निवेश सलाह (Investment Advice) न माना जाए। क्रिप्टोकरेंसी मार्केट अत्यधिक रिस्की होता है। किसी भी निवेश से पहले अपनी स्वयं की रिसर्च (DYOR) करें।
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