मुख्य सामग्री पर जाएँ
Blockchain News
शेयर करें:

Senate में Crypto Bill पर बहस तेज, Coinbase ने खड़े किए सवाल

Hindi News Writer
प्रकाशित
Senate
Senate

Coinbase के विरोध के बाद Senate ने Crypto Bill की वोटिंग टाली


अमेरिका में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ा एक अहम कानून फिलहाल आगे नहीं बढ़ पाया है। अमेरिकी सीनेट बैंकिंग कमेटी ने डिजिटल एसेट्स से जुड़े प्रस्तावित Crypto Bill पर होने वाली वोटिंग को टाल दिया है। Coinbase ने खुले तौर पर इस ड्राफ्ट का विरोध किया है। कंपनी का कहना है कि मौजूदा बिल क्रिप्टो इंडस्ट्री के डेवलपमेंट को नुकसान पहुंचा सकता है। यह मामला केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्रिप्टो सेक्टर के भविष्य से जुड़ा माना जा रहा है। 


US Senate

Source: यह इमेज Wise Advice की X पोस्ट से ली गई है, जिसकी लिंक यहां दी गई है।


वोटिंग क्यों टली, क्या है पूरा मामला


Senate Banking Committee में इस बिल पर 15 जनवरी 2026 को चर्चा और वोटिंग होनी थी। लेकिन उससे पहले Coinbase ने साफ कर दिया कि वह मौजूदा ड्राफ्ट का सपोर्ट नहीं कर सकता। इसके बाद कमेटी ने फैसला लिया कि पहले सभी पक्षों से बातचीत की जाएगी।


Committee Chairman Tim Scott ने बयान में कहा कि नियम ऐसे होने चाहिए जो कंज्यूमर की सुरक्षा करें, लेकिन इनोवेशन को नुकसान न पहुंचाएं। इसी वजह से अब Crypto Bill पर आगे की चर्चा के लिए समय लिया जा रहा है।


Coinbase की आपत्तियां क्या हैं


Coinbase का मानना है कि यह प्रस्तावित कानून कई अहम क्षेत्रों में क्रिप्टो को सीमित कर सकता है। कंपनी ने चेतावनी दी है कि अगर यह Crypto Bill मौजूदा रूप में पास हुआ, तो इसके गंभीर असर देखने को मिल सकते हैं। 


Coinbase के CEO Brian Armstrong ने इसे “नो बिल से भी खराब” बताया है। उनके अनुसार, यह नियम स्पष्टता लाने की बजाय भ्रम और डर पैदा कर सकते हैं।


Crypto Bill को लेकर उठाए गए प्रमुख सवाल


  • टोकनाइज़्ड शेयरों पर रोक लगने का खतरा।

  • DeFi प्लेटफॉर्म्स की आज़ादी घट सकती है।

  • यूज़र्स की प्राइवेसी पर असर पड़ने की आशंका।

  • रेगुलेशन का कंट्रोल CFTC से SEC को जा सकता है।

  • Stablecoin पर मिलने वाले रिवॉर्ड बंद हो सकते हैं।

  • बैंकों को Crypto से ज्यादा फायदा मिलने की संभावना।


इन बिंदुओं को लेकर इंडस्ट्री में असंतोष देखा जा रहा है।


ब्रायन आर्मस्ट्रॉन्ग का सख्त रुख


Coinbase के CEO ने सोशल मीडिया पर साफ शब्दों में कहा कि यह कानून क्रिप्टो इकोसिस्टम को नुकसान पहुंचा सकता है। उनके मुताबिक, नियम इतने सख्त हैं कि नए प्रयोग और टेक्नोलॉजी आगे बढ़ ही नहीं पाएगी।


उन्होंने यह भी कहा कि इंडस्ट्री को स्पष्ट दिशा चाहिए, न कि ऐसे नियम जो पहले से चल रहे सिस्टम को बाधित कर दें।


मार्केट और इंडस्ट्री के रिएक्शन 


Crypto Bill टलने के बावजूद मार्केट में फिलहाल बड़ी हलचल नहीं दिखी। Bitcoin जैसे प्रमुख डिजिटल एसेट्स में सीमित उतार-चढ़ाव देखा गया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशक अभी स्थिति साफ होने का इंतजार कर रहे हैं। क्रिप्टो सेक्टर से जुड़े कई जानकारों ने कहा है कि जल्दबाजी में बनाए गए कानून लंबे समय में नुकसानदायक हो सकते हैं।


आगे क्या हो सकता है


  • दोबारा बातचीत और सुधार की संभावना।

  • इंडस्ट्री से सुझाव लिए जा सकते हैं।

  • बाइपार्टिसन सहमति बनाने की कोशिश।

  • मौजूदा सेशन में बिल पास होना मुश्किल।

  • ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट पर असर।

  • अमेरिका में रेगुलेटरी स्पष्टता में देरी।


एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह फैसला सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्लोबल लेवल पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा।


कन्क्लूजन 


अमेरिकी सीनेट में Crypto Bill पर लगी रोक यह दिखाती है कि डिजिटल एसेट्स को लेकर पॉलिसी बनाना अब भी आसान नहीं है। Coinbase जैसे बड़े प्लेयर का विरोध यह संकेत देता है कि इंडस्ट्री और सरकार के बीच बैलेंस बनाना जरूरी है। स्पष्ट और व्यावहारिक नियम ही ऐसे सॉल्यूशन दे सकते हैं, जो कंज्यूमर  सुरक्षा के साथ-साथ इनोवेशन को भी आगे बढ़ाएं।


पिछले 7 सालों के अनुभव में मैंने देखा है कि क्रिप्टो से जुड़े नियम अक्सर बिना इंडस्ट्री से सही बातचीत के बनाए जाते हैं, जिससे वे अटक जाते हैं। Coinbase का विरोध दिखाता है कि मौजूदा ड्राफ्ट व्यवहारिक नहीं है। अगर नियम साफ, संतुलित और व्यावहारिक हों, तो वे यूज़र्स की सुरक्षा के साथ-साथ नई टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाने में भी मदद कर सकते हैं।


कन्क्लूजन 


US Senate द्वारा Crypto Bill की वोटिंग टालना यह दिखाता है कि डिजिटल एसेट्स पर सहमति बनाना अभी भी चुनौतीपूर्ण है। Coinbase जैसी बड़ी कंपनी का विरोध इस बात का संकेत है कि मौजूदा ड्राफ्ट इंडस्ट्री की चिंताओं को पूरी तरह नहीं समझता। अगर नियम जल्दबाजी में बनाए गए, तो इनोवेशन को नुकसान हो सकता है। आने वाले समय में सरकार और इंडस्ट्रीज के बीच बेहतर कम्युनिकेशन ही इस मुद्दे का परमानेंट सॉल्यूशन निकाल सकता है।


डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश, कानूनी या फाइनेंशियल सलाह न माना जाए। क्रिप्टो एसेट्स जोखिम से जुड़े होते हैं। कोई भी डिसीजन  लेने से पहले ऑफिशियल सोर्स और एक्सपर्ट सलाह अवश्य लें।

लेखक परिचय
Akansha Vyas Hindi News Writer
आकांक्षा व्यास एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 7 वर्षों का अनुभव है और वे ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को सरल और समझने योग्य बनाने में एक्सपर्ट हैं। वे डीप रिसर्च के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। आकांक्षा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और एनालिटिकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।
Leave a comment
FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

Coinbase और अन्य पक्षों की आपत्तियों के बाद बातचीत के लिए समय लिया गया।

कंपनी का कहना है कि बिल DeFi, प्राइवेसी और इनोवेशन को नुकसान पहुंचा सकता है।

15 जनवरी 2026 को Senate Banking Committee में वोटिंग तय थी।

DeFi पर रोक, यूज़र प्राइवेसी और स्टेबलकॉइन रिवॉर्ड खत्म होने का डर।

उन्होंने कहा कि यह बिल न होने से भी ज्यादा नुकसानदायक है।

नहीं, फिलहाल इसे होल्ड पर रखा गया है।

फिलहाल क्रिप्टो मार्केट में बड़ी हलचल नहीं दिखी।

रेगुलेटरी पावर CFTC से SEC की ओर जा सकती है।

हाँ, रिवॉर्ड सिस्टम पर असर पड़ने की आशंका है।

बिल में बदलाव, नई बातचीत और बाइपार्टिसन सहमति की कोशिश।