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TUT Crypto Price Prediction: क्या अभी और बढ़ेगा Tutorial Crypto?

Hindi News Writer
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TUT Crypto Price Prediction
TUT Crypto Price Prediction

10 अगस्त 2026: पिछले कुछ दिनों में Tutorial Crypto (TUT) ने क्रिप्टो मार्केट में सबसे ज्यादा चर्चा बटोरी है। CoinMarketCap के अनुसार, पिछले 24 घंटों में TUT करीब 33.75% उछलकर $0.1933 तक पहुंच गया, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम में 110% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस तेजी के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि TUT Crypto Price Prediction क्या कहती है? क्या यह रैली आगे भी जारी रह सकती है या अब करेक्शन का समय आ गया है?

इस सवाल का जवाब समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि TUT की कीमत बढ़नी आखिर शुरू कहां से हुई थी।

Aster DEX Listing बनी रैली की पहली वजह

TUT की मौजूदा तेजी की शुरुआत 6 अगस्त को हुई, जब Aster DEX ने TUT Perpetual Futures को 5x Leverage के साथ लिस्ट करने की घोषणा की। नई Perpetual Listing के साथ ही TUT पहली बार बड़ी संख्या में Futures Traders की नजर में आया और टोकन में Speculative Buying बढ़ने लगी। 

लिस्टिंग के तुरंत बाद TUT का ट्रेडिंग वॉल्यूम तेजी से बढ़ा और बाजार में नई Liquidity आने लगी। आमतौर पर किसी छोटे Market Cap वाले टोकन में Perpetual Listing का असर ज्यादा देखने को मिलता है, क्योंकि Futures Trading नए खरीदारों और Leveraged Positions को आकर्षित करती है। यही TUT के साथ भी हुआ और यहीं से इसकी Price Rally की शुरुआत हुई। 

Aster Listing के बाद Short Squeeze ने दी दूसरी बड़ी तेजी

tut crypto liquidationSource: Coinglass Website 

Aster DEX Listing के बाद बढ़ती खरीदारी ने उन ट्रेडर्स को मुश्किल में डाल दिया जिन्होंने TUT की कीमत गिरने की उम्मीद में Short Position बनाई हुई थी।

CoinGlass के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में TUT से जुड़े लगभग 43.7 मिलियन डॉलर के पोजीशन लिक्विडेट हुए। इनमें लगभग 39.73 मिलियन डॉलर केवल Short Positions थीं, जबकि Long Liquidations काफी कम रहीं।

जैसे-जैसे कीमत ऊपर बढ़ती गई, Short Traders को अपनी Position बंद करने के लिए मजबूरन TUT खरीदना पड़ा। इसी प्रक्रिया को Short Squeeze कहा जाता है। यह जबरन खरीदारी पहले से चल रही तेजी में और ईंधन डालती गई, जिससे TUT की कीमत ने और तेज रफ्तार पकड़ ली।

यानी TUT की मौजूदा रैली केवल सामान्य Buying का परिणाम नहीं थी। इसकी शुरुआत Aster DEX Listing से हुई और उसके बाद Short Squeeze ने इस तेजी को कई गुना बढ़ा दिया। 

TUT Tokenomics भी बना चर्चा का विषय

tut crypto news

हालिया तेजी के बीच TUT Tokenomics भी निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

प्रोजेक्ट के अनुसार, TUT की Maximum Supply 1 अरब (1 Billion) टोकन है, जबकि वर्तमान में लगभग 833 मिलियन टोकन ही सर्कुलेशन में दिखाई दे रहे हैं। इससे यह चर्चा शुरू हुई कि शुरुआती सप्लाई का लगभग 16.67% हिस्सा अब बाजार में उपलब्ध नहीं है।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह अंतर Token Burn, Locked Supply या Unreleased Allocation की वजह से है। इसलिए केवल सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। निवेशकों को आधिकारिक दस्तावेजों और प्रोजेक्ट अपडेट की भी जांच करनी चाहिए।

Technical Analysis क्या संकेत दे रहा है?

TUT की तेजी केवल कीमत तक सीमित नहीं है, बल्कि टेक्निकल इंडिकेटर्स भी इस समय महत्वपूर्ण संकेत दे रहे हैं।

TradingView के अनुसार, RSI (14) लगभग 97 के स्तर तक पहुंच चुका है, जो सामान्य तौर पर Overbought Zone माना जाता है। इसका अर्थ यह नहीं कि कीमत तुरंत गिर जाएगी, बल्कि यह संकेत देता है कि हालिया खरीदारी बहुत तेज रही है और शॉर्ट-टर्म में मुनाफावसूली (Profit Booking) देखने को मिल सकती है।

इसके अलावा Commodity Channel Index (CCI) और Momentum Indicator भी कमजोरी के शुरुआती संकेत दिखा रहे हैं। दूसरी ओर, लगभग सभी प्रमुख Moving Averages और MACD अब भी तेजी के पक्ष में बने हुए हैं। इसका मतलब है कि Medium-Term Trend अभी भी Bullish दिखाई देता है, लेकिन Short-Term में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।

TUT Crypto Price Prediction: अब आगे क्या हो सकता है?

अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या Aster Listing से शुरू हुई यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है?

मौजूदा डेटा को देखें तो TUT की रैली का पहला ट्रिगर Aster DEX Listing थी, जबकि इसके बाद आई तेज उछाल Short Squeeze और भारी Leveraged Trading की वजह से देखने को मिली। इसका मतलब यह है कि शुरुआती तेजी एक वास्तविक Market Catalyst से शुरू हुई थी, लेकिन बाद का बड़ा Price Move Leverage Driven भी रहा।

ऐसे में TUT Crypto Price Prediction तीन संभावित संकेत देती है।

पहला Scenario: यदि Aster Listing के बाद भी Trading Volume मजबूत बना रहता है और Spot Buyers लगातार बाजार में आते रहते हैं, तो TUT अपनी तेजी को कुछ समय तक बनाए रख सकता है।

दूसरा Scenario: यदि मौजूदा Volume घटने लगता है और Futures Market में Leveraged Positions कम होने लगती हैं, तो Overbought RSI के कारण Profit Booking देखने को मिल सकती है। यह सामान्य Correction होगा, जरूरी नहीं कि Trend पूरी तरह बदल जाए।

तीसरा Scenario: यदि आने वाले दिनों में Project Team किसी नई Exchange Listing, Ecosystem Update या Tokenomics से जुड़ी स्पष्ट घोषणा करती है, तो Market Sentiment दोबारा मजबूत हो सकता है। लेकिन यदि कोई नया Catalyst नहीं आता, तो केवल Short Squeeze के दम पर बनी तेजी लंबे समय तक टिकना मुश्किल हो सकता है। 

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डिस्क्लेमर: यह लेख वित्तीय सलाह नहीं है। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश जोखिम भरा है और कीमतें तेजी से बदल सकती हैं। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपनी स्वतंत्र रिसर्च (DYOR) अवश्य करें। 

लेखक परिचय
Ronak Ghatiya Hindi News Writer

Ronak Ghatiya एक उभरते हुए क्रिप्टो कंटेंट राइटर हैं, जिनका एजुकेशन और टेक्नोलॉजी में मजबूत बैकग्राउंड रहा है। उन्होंने पिछले 6 वर्ष में फाइनेंस, ब्लॉकचेन, Web3 और डिजिटल एसेट्स जैसे विषयों पर डेटा-ड्रिवन और SEO-अनुकूल कंटेंट लिखा है, जो नए और प्रोफेशनल रीडर्स दोनों के लिए उपयोगी साबित हुआ है। रोनक की लेखनी का फोकस जटिल तकनीकी टॉपिक्स को आसान भाषा में समझाना है, जिससे क्रिप्टो स्पेस में ट्रस्ट और क्लैरिटी बनी रहे। उन्होंने CoinGabbar.com, Medium और अन्य क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए ब्लॉग्स और न्यूज़ स्टोरीज़ लिखी हैं, जिनमें क्रिएटिविटी और रिसर्च का संतुलन होता है। रोनक की स्टाइल डिटेल-ओरिएंटेड और रिस्पॉन्सिव है, और वह तेजी से बदलते क्रिप्टो परिदृश्य में एक विश्वसनीय आवाज़ बनने की ओर अग्रसर हैं। LinkedIn पर प्रोफ़ाइल देखें या उनके आर्टिकल्स यहाँ पढ़ें।

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FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

TUT Crypto की हालिया तेजी की शुरुआत Aster DEX पर TUT Perpetual Futures की 5x Leverage के साथ लिस्टिंग से हुई। इसके बाद ट्रेडिंग वॉल्यूम और नई लिक्विडिटी बढ़ी, जिससे खरीदारी तेज हुई। बाद में बड़े पैमाने पर Short Squeeze ने कीमत को और ऊपर धकेल दिया।

Aster DEX Listing के बाद TUT पहली बार बड़ी संख्या में Futures Traders की नजर में आया। इससे Speculative Buying और ट्रेडिंग वॉल्यूम में तेज बढ़ोतरी हुई। छोटे Market Cap वाले टोकन होने के कारण इस लिस्टिंग का प्रभाव कीमत पर अधिक देखने को मिला।

Short Squeeze तब होता है जब कीमत बढ़ने पर Short Position रखने वाले ट्रेडर्स अपनी पोजीशन बंद करने के लिए मजबूरन टोकन खरीदते हैं। TUT में बड़ी संख्या में Short Liquidations होने से अतिरिक्त खरीदारी हुई, जिसने कीमत को और तेजी से ऊपर पहुंचाया।

हालिया डेटा के अनुसार, TUT से जुड़े लगभग 43.7 मिलियन डॉलर के पोजीशन लिक्विडेट हुए। इनमें लगभग 39.73 मिलियन डॉलर केवल Short Positions थीं, जिसने रैली को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

TUT की Maximum Supply 1 Billion टोकन है, जबकि लगभग 833 Million टोकन ही सर्कुलेशन में हैं। इससे बाकी सप्लाई के Token Burn, Locked Supply या Unreleased Allocation होने को लेकर चर्चा शुरू हुई है। हालांकि, इसकी पुष्टि के लिए आधिकारिक प्रोजेक्ट दस्तावेजों और अपडेट की जांच करना जरूरी है।

TradingView के अनुसार, TUT का RSI (14) लगभग 97 तक पहुंच चुका है, जो Overbought Zone माना जाता है। इसका मतलब यह नहीं कि कीमत तुरंत गिर जाएगी, लेकिन शॉर्ट-टर्म में Profit Booking और उतार-चढ़ाव की संभावना बढ़ सकती है।

हाँ, अधिकांश प्रमुख Moving Averages और MACD अभी भी तेजी का संकेत दे रहे हैं। हालांकि RSI और कुछ Momentum Indicators शॉर्ट-टर्म कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं, फिर भी Medium-Term Trend फिलहाल Bullish माना जा सकता है।

यदि ट्रेडिंग वॉल्यूम मजबूत बना रहता है और Spot Buyers सक्रिय रहते हैं, तो TUT की तेजी कुछ समय तक जारी रह सकती है। वहीं, वॉल्यूम घटने और Leveraged Positions कम होने पर Profit Booking के कारण सामान्य Correction देखने को मिल सकता है। भविष्य में नई Exchange Listing, Ecosystem Update या Tokenomics से जुड़ी सकारात्मक घोषणा कीमत को दोबारा सपोर्ट दे सकती है।

आमतौर पर केवल Short Squeeze से बनी रैली लंबे समय तक टिकाऊ नहीं मानी जाती। यदि नई खरीदारी, मजबूत ट्रेडिंग वॉल्यूम और प्रोजेक्ट से जुड़े सकारात्मक अपडेट नहीं आते हैं, तो कीमत में सामान्य करेक्शन देखने को मिल सकता है।

निवेश से पहले Tokenomics, ट्रेडिंग वॉल्यूम, ऑन-चेन डेटा, एक्सचेंज लिस्टिंग और आधिकारिक प्रोजेक्ट अपडेट की जांच करनी चाहिए। केवल सोशल मीडिया ट्रेंड या तेज प्राइस रैली के आधार पर निवेश का फैसला लेने से बचना बेहतर होता है, क्योंकि क्रिप्टो मार्केट में अस्थिरता काफी अधिक होती है।