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UNI में 50% की तेज़ी, Uniswap के फीस-बर्न और Arc विस्तार से बढ़ी चर्चा

Hindi News Writer
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आखिर ऐसा क्या हुआ कि Uniswap पर टूटा बाजार का फोकस?
आखिर ऐसा क्या हुआ कि Uniswap पर टूटा बाजार का फोकस?

जब किसी बड़े डीफाइ टोकन की कीमत कुछ ही दिनों में लगभग 50% बढ़ जाए और उसी समय प्रोटोकॉल फीस, टोकन बर्न, नए नेटवर्क और टोकनाइज़्ड एसेट्स से जुड़े डेवलपमेंट सामने आएं, तो बाजार का ध्यान उस टोकन पर जाना स्वाभाविक है। यही स्थिति इस समय UNI के साथ दिखाई दे रही है।

19 सितंबर 2026 को उपलब्ध बाजार डेटा के अनुसार UNI करीब ₹850–₹866 के आसपास ट्रेड कर रहा था। 18 सितंबर को UNI ने लगभग ₹886 का इंट्राडे हाई बनाया, जबकि पिछले एक सप्ताह में इसकी बढ़त करीब 50% तक पहुंच गई। इसी दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी बढ़ोतरी देखी गई।

UNI की इस तेजी को केवल सामान्य ऑल्टकॉइन तेजी मानना पूरी तस्वीर नहीं बताता, क्योंकि इसी दौरान Uniswap के फीस-बर्न मॉडल, Arc नेटवर्क पर विस्तार, Uniswap v4 के नए फीचर्स और टोकनाइज़्ड एसेट्स से जुड़े कई डेवलपमेंट सामने आए हैं। यही वजह है कि UNISWAP की News इस समय चर्चा में है।

UNI आज चर्चा में क्यों है?

UNI की हालिया तेजी के पीछे कीमत के साथ उसके फंडामेंटल डेवलपमेंट भी महत्वपूर्ण हैं। 19 सितंबर के उपलब्ध डेटा के अनुसार UNI का भाव करीब ₹866 और मार्केट कैप करीब ₹53,821 करोड़ था। पिछले एक महीने में इसकी बढ़त करीब 145% बताई गई है, हालांकि अलग-अलग डेटा प्लेटफॉर्म पर कीमत और वॉल्यूम में अंतर हो सकता है।

Uniswap के लिए सबसे अहम बदलाव फीस से UNI बर्न करने वाला मॉडल है। इसके साथ Arc पर Uniswap का लाइव होना और वहां प्रोटोकॉल फीस सक्रिय करने से जुड़ा गवर्नेंस प्रस्ताव भी सामने आया है।

यहीं से UNI की मौजूदा तेजी का सबसे महत्वपूर्ण फंडामेंटल पहलू सामने आता है।

सबसे बड़ा कैटेलिस्ट: UNI बर्न और प्रोटोकॉल फीस

UNI की मौजूदा चर्चा में प्रोटोकॉल फीस और UNI बर्न सबसे महत्वपूर्ण पहलू हैं।Uniswap Governance

Uniswap के आधिकारिक डेवलपर दस्तावेज के अनुसार दिसंबर 2025 से प्रोटोकॉल फीस से प्राप्त एसेट्स का इस्तेमाल UNI को बर्न करने के लिए किया जा रहा है। फीस ऑन-चेन कलेक्टर में जमा होती है और संबंधित मैकेनिज्म के जरिए UNI खरीदा और बर्न किया जाता है।

यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। UNI होल्डर्स को प्रोटोकॉल फीस का सीधा हिस्सा नहीं मिलता। फीस से UNI बर्न होने के कारण टोकन की सप्लाई पर असर पड़ता है।

फिलहाल यह फीस मॉडल Uniswap v2 और v3 पर सक्रिय है, जबकि गवर्नेंस के जरिए इसके दायरे को और बढ़ाने पर काम हो रहा है। इसलिए प्रोटोकॉल की गतिविधि और फीस बढ़ने पर UNI बर्न भी बढ़ सकता है।

इसी मॉडल का अगला संभावित विस्तार Arc नेटवर्क पर देखने को मिल सकता है।

Arc पर Uniswap का नया विस्तार

16 सितंबर 2026 को Uniswap Arc पर लाइव हुआ। Circle का यह लेयर-1 नेटवर्क स्टेबलकॉइन-केंद्रित है और Uniswap ने वहां v2, v3, v4 तथा UniswapX उपलब्ध कराए हैं। Uniswap के वेब ऐप, वॉलेट और एपीआई का सपोर्ट भी Arc पर उपलब्ध है।

Uniswap के अनुसार Arc पर ब्लॉक फाइनलाइज़ेशन एक सेकंड से कम समय में होता है और नेटवर्क फीस USDC जैसे स्टेबलकॉइन में दी जाती है।

इसके बाद 18 सितंबर को Uniswap Governance में Protocol Fee Expansion: Arc प्रस्ताव पेश किया गया। इसमें Arc पर Uniswap v2, v3 और v4 के लिए प्रोटोकॉल फीस कलेक्शन सक्रिय करने की बात है। प्रस्ताव का Snapshot 18 से 23 सितंबर तक चलना है, जिसके बाद सफल होने पर ऑन-चेन वोट हो सकता है।

अगर प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो Arc पर Uniswap की गतिविधि भी फीस और UNI बर्न मॉडल से जुड़ सकती है।

टोकनाइज़्ड एसेट्स से भी जुड़ रहा Uniswap

Uniswap ने परमिशन्ड पूल्स के जरिए टोकनाइज़्ड फंड्स जैसे एसेट्स को एएमएम लिक्विडिटी से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इन पूल्स में एसेट जारी करने वाले संस्थान के रूल्स को स्वैप के दौरान लागू किया जा सकता है।

यह डेवलपमेंट 17 सितंबर के SEC के इनोवेशन एग्ज़ेम्प्शन से जुड़े व्यापक बाजार बदलाव के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। SEC ने कुछ शर्तों के तहत टोकनाइज़्ड NMS स्टॉक्स की ऑन-चेन ट्रेडिंग के लिए अस्थायी और सशर्त राहत दी है।

हालांकि, SEC की यह राहत सीधे UNI या Uniswap के लिए कोई विशेष मंजूरी नहीं है। इसलिए इसे UNI की तेजी का सीधा कारण मानना सही नहीं होगा। इतना जरूर है कि टोकनाइज़्ड एसेट्स को लेकर बढ़ती गतिविधि Uniswap की इस दिशा से जुड़ती है।

इसी के साथ Uniswap v4 के नए फीचर्स भी प्रोटोकॉल की उपयोगिता बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा हैं।Uniswap का StablePair Hook अपडेट

UNI में व्हेल एक्टिविटी भी चर्चा में

6 सितंबर को BitMEX के सह-संस्थापक Arthur Hayes से जुड़े एक वॉलेट ने करीब 244,406 UNI खरीदे थे। Lookonchain के अनुसार यह खरीद Flowdesk के ओटीसी माध्यम से लगभग $1.73 मिलियन में हुई और औसत कीमत करीब $7.06 थी।

यह खरीद UNI के फीस और बर्न मॉडल को लेकर चर्चा के बीच सामने आई, लेकिन ओटीसी खरीद को सीधे एक्सचेंज पर होने वाली स्पॉट खरीदारी के बराबर नहीं माना जा सकता। किसी एक बड़े निवेशक की खरीद को UNI की भविष्य की कीमत का निश्चित संकेत भी नहीं माना जाना चाहिए।

अब कीमत और वॉल्यूम के आंकड़ों से समझते हैं कि हालिया तेजी कितनी बड़ी रही है।

UNI की तेजी कितनी बड़ी है?

Investing.com के ऐतिहासिक डेटा के अनुसार 16 सितंबर को UNI करीब $6.71 पर बंद हुआ, 17 सितंबर को करीब $7.80 और 18 सितंबर को करीब $8.87 पर बंद हुआ। 18 सितंबर का इंट्राडे हाई लगभग $9.39 रहा।

Gadgets 360 के अनुसार UNI 17 सितंबर को करीब ₹740.61 पर बंद हुआ और 18 सितंबर को करीब ₹852.97 पर बंद हुआ, जबकि उसी दिन का हाई ₹886.20 रहा।

इसी अवधि में ट्रेडिंग वॉल्यूम भी बढ़ा। Gadgets 360 के डेटा में 17 सितंबर का वॉल्यूम करीब ₹113.7 बिलियन से बढ़कर 18 सितंबर को लगभग ₹200.7 बिलियन हो गया।

इसलिए मौजूदा रैली में कीमत के साथ बढ़ा हुआ ट्रेडिंग वॉल्यूम भी महत्वपूर्ण डेटा पॉइंट है। आगे UNI की स्थिति समझने के लिए कुछ प्रमुख संकेतकों पर नजर रखना जरूरी होगा।

uniswap price

अब UNI के लिए क्या महत्वपूर्ण रहेगा?

आने वाले दिनों में UNI को समझने के लिए मुख्य रूप से इन चार संकेतकों पर नजर रखी जा सकती है:

  • UNI बर्न: प्रोटोकॉल फीस से कितना UNI बर्न हो रहा है, क्योंकि इससे टोकन सप्लाई पर सीधा असर पड़ता है।

  • Arc एक्सपैंशन: Arc पर प्रोटोकॉल फीस सक्रिय करने वाले गवर्नेंस प्रस्ताव का परिणाम UNI के फीस-बर्न मॉडल के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण होगा।

  • Uniswap v4: स्टेबलपेयर हुक और दूसरे फीचर्स से वास्तविक ट्रेडिंग और लिक्विडिटी कितनी आती है, यह उनके प्रभाव को तय करेगा।

  • प्राइस और वॉल्यूम: तेजी के साथ स्पॉट डिमांड और ट्रेडिंग वॉल्यूम बने रहते हैं या नहीं, इससे बाजार की भागीदारी को समझने में मदद मिल सकती है।

तेज़ प्राइस रैली के बाद वोलैटिलिटी भी बढ़ सकती है, इसलिए UNI को केवल प्राइस चार्ट के आधार पर देखना पर्याप्त नहीं होगा।

Final Remark

UNI की मौजूदा तेजी के दौरान कई महत्वपूर्ण डेवलपमेंट एक साथ सामने आए हैं। फीस से UNI बर्न करने वाला मॉडल, Arc पर Uniswap का विस्तार, Arc के लिए प्रोटोकॉल फीस का गवर्नेंस प्रस्ताव, Uniswap v4 के नए हुक्स और टोकनाइज़्ड एसेट्स से जुड़े फीचर्स ने UNI की मौजूदा कहानी को केवल कीमत की तेजी से आगे बढ़ाया है।

हालांकि, इन डेवलपमेंट्स को UNI की कीमत बढ़ने का एकमात्र कारण नहीं माना जा सकता। आगे की स्थिति समझने के लिए प्रोटोकॉल फीस, UNI बर्न, Arc पर गतिविधि, Uniswap v4 का उपयोग और ट्रेडिंग वॉल्यूम को साथ देखना ज्यादा उपयोगी रहेगा।

डिस्क्लेमर

यह लेख केवल जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से है और इसे निवेश सलाह या खरीद-बिक्री की सिफारिश नहीं माना जाना चाहिए। क्रिप्टो एसेट्स में कीमतों में तेज़ उतार-चढ़ाव होता है और किसी भी समय पूंजी का बड़ा हिस्सा या पूरी पूंजी खोने का रिस्क रहता है। UNI से जुड़े किसी भी फैसले से पहले खुद रिसर्च करें और कीमत के साथ प्रोटोकॉल डेटा, गवर्नेंस अपडेट्स, वॉल्यूम और अपने रिस्क को ध्यान में रखें।



लेखक परिचय
Bharat Batwal Hindi News Writer

Bharat Batwal एक उभरते हुए क्रिप्टो कंटेंट राइटर हैं, जिनका एजुकेशन और टेक्नोलॉजी में मजबूत बैकग्राउंड रहा है। उन्होंने पिछले 6 वर्ष में फाइनेंस, ब्लॉकचेन, Web3 और डिजिटल एसेट्स जैसे विषयों पर डेटा-ड्रिवन और SEO-अनुकूल कंटेंट लिखा है, जो नए और प्रोफेशनल रीडर्स दोनों के लिए उपयोगी साबित हुआ है। रोनक की लेखनी का फोकस जटिल तकनीकी टॉपिक्स को आसान भाषा में समझाना है, जिससे क्रिप्टो स्पेस में ट्रस्ट और क्लैरिटी बनी रहे। उन्होंने CoinGabbar.com, Medium और अन्य क्रिप्टो प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए ब्लॉग्स और न्यूज़ स्टोरीज़ लिखी हैं, जिनमें क्रिएटिविटी और रिसर्च का संतुलन होता है। रोनक की स्टाइल डिटेल-ओरिएंटेड और रिस्पॉन्सिव है, और वह तेजी से बदलते क्रिप्टो परिदृश्य में एक विश्वसनीय आवाज़ बनने की ओर अग्रसर हैं। LinkedIn पर प्रोफ़ाइल देखें या उनके आर्टिकल्स यहाँ पढ़ें।

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FAQ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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19 सितंबर 2026 के उपलब्ध बाजार डेटा के अनुसार UNI करीब ₹850–₹866 के आसपास ट्रेड कर रहा था और पिछले एक सप्ताह में इसकी बढ़त लगभग 50% तक पहुंच गई थी। इसी दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ने के साथ Uniswap के फीस-बर्न मॉडल, Arc विस्तार, Uniswap v4 और टोकनाइज़्ड एसेट्स से जुड़े डेवलपमेंट भी सामने आए।

UNI की मौजूदा चर्चा में Uniswap का प्रोटोकॉल फीस और UNI बर्न मॉडल प्रमुख फंडामेंटल पहलू है। दिसंबर 2025 से प्रोटोकॉल फीस से प्राप्त एसेट्स का इस्तेमाल UNI खरीदकर उसे बर्न करने के लिए किया जा रहा है, जिससे प्रोटोकॉल गतिविधि बढ़ने पर टोकन सप्लाई पर असर पड़ सकता है।

Uniswap के डेवलपर दस्तावेज के अनुसार प्रोटोकॉल फीस ऑन-चेन कलेक्टर में जमा होती है और संबंधित मैकेनिज्म के जरिए UNI खरीदा और बर्न किया जाता है। इसका मतलब यह नहीं है कि UNI होल्डर्स को फीस का सीधा हिस्सा मिलता है; फीस से होने वाला बर्न मुख्य रूप से टोकन सप्लाई को प्रभावित करता है।

नहीं। लेख के अनुसार UNI होल्डर्स को प्रोटोकॉल फीस का सीधा हिस्सा नहीं मिलता। फीस से UNI बर्न होने के कारण इसका प्रभाव टोकन की सप्लाई पर पड़ता है।

लेख के अनुसार फीस-बर्न मॉडल फिलहाल Uniswap v2 और v3 पर सक्रिय है। इसके दायरे को और बढ़ाने के लिए गवर्नेंस के जरिए प्रस्तावों पर काम किया जा रहा है, जिसमें Arc पर फीस कलेक्शन का विस्तार भी शामिल है।

16 सितंबर 2026 को Uniswap Arc पर लाइव हुआ, जहां v2, v3, v4 और UniswapX उपलब्ध कराए गए हैं। Arc एक stablecoin-focused Layer-1 है और Uniswap के अनुसार यहां ब्लॉक फाइनलाइज़ेशन एक सेकंड से कम समय में होता है तथा नेटवर्क फीस USDC जैसे stablecoins में दी जाती है।

18 सितंबर को Uniswap Governance में Protocol Fee Expansion: Arc प्रस्ताव पेश किया गया। इसमें Arc पर Uniswap v2, v3 और v4 के लिए प्रोटोकॉल फीस कलेक्शन सक्रिय करने की बात है और लेख के अनुसार Snapshot 18 से 23 सितंबर तक चलना था।

अगर Arc पर प्रोटोकॉल फीस कलेक्शन का प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो वहां Uniswap की गतिविधि भी फीस और UNI बर्न मॉडल से जुड़ सकती है। हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव Arc पर होने वाली ट्रेडिंग, फीस और प्रोटोकॉल उपयोग पर निर्भर करेगा।

Uniswap ने permissioned pools के जरिए tokenized funds जैसे एसेट्स को AMM liquidity से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इन pools में एसेट जारी करने वाले संस्थान के नियम swap के दौरान लागू किए जा सकते हैं।

नहीं। लेख के अनुसार SEC का Innovation Exemption कुछ शर्तों के तहत tokenized NMS stocks की on-chain trading से जुड़ी अस्थायी और सशर्त राहत है। इसे UNI या Uniswap के लिए किसी विशेष regulatory approval या UNI की तेजी का सीधा कारण नहीं माना जाना चाहिए।

Uniswap v4 के नए hooks, जैसे StablePair Hook, प्रोटोकॉल की functionality और liquidity use cases बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा हैं। इनके वास्तविक प्रभाव को समझने के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इनसे कितनी वास्तविक trading और liquidity आती है।

लेख के अनुसार 6 सितंबर को BitMEX के सह-संस्थापक Arthur Hayes से जुड़े एक wallet ने लगभग 244,406 UNI खरीदे थे। Lookonchain के अनुसार यह खरीद Flowdesk के OTC माध्यम से लगभग $1.73 million में हुई और औसत कीमत करीब $7.06 थी।

निश्चित रूप से नहीं। यह एक बड़े निवेशक से जुड़ी खरीदारी थी, लेकिन OTC transaction को सीधे exchange पर होने वाली spot buying के बराबर नहीं माना जा सकता। किसी एक whale की खरीदारी से UNI की भविष्य की कीमत का निश्चित अनुमान भी नहीं लगाया जा सकता।

Investing.com के ऐतिहासिक डेटा के अनुसार UNI लगभग $6.71 से 16 सितंबर को बंद होकर 17 सितंबर को $7.80 और 18 सितंबर को $8.87 तक पहुंचा। 18 सितंबर का intraday high लगभग $9.39 था, जबकि लेख में एक सप्ताह की बढ़त करीब 50% तक बताई गई है।

Gadgets 360 के डेटा के अनुसार UNI का ट्रेडिंग वॉल्यूम 17 सितंबर को लगभग ₹113.7 billion से बढ़कर 18 सितंबर को करीब ₹200.7 billion हो गया। कीमत के साथ वॉल्यूम का बढ़ना हालिया rally में market participation को समझने के लिए महत्वपूर्ण data point है।

चार प्रमुख संकेतकों पर ध्यान देना उपयोगी है: UNI burn, Arc पर protocol fee expansion, Uniswap v4 features का वास्तविक उपयोग और price-volume activity। इन सभी को साथ देखने से केवल price chart की तुलना में Uniswap की मौजूदा स्थिति की बेहतर तस्वीर मिल सकती है।

UNI burn की मात्रा यह समझने में मदद कर सकती है कि protocol fees का token supply पर कितना प्रभाव पड़ रहा है। इसलिए Uniswap की activity और fee generation बढ़ने के साथ होने वाले वास्तविक UNI burns पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

Arc पर protocol fee collection को लेकर governance proposal का परिणाम महत्वपूर्ण data point है। इसके बाद Arc पर Uniswap की वास्तविक trading activity, liquidity और fees को देखना जरूरी होगा, क्योंकि केवल proposal की मौजूदगी से आर्थिक प्रभाव तय नहीं होता।

सिर्फ कीमत बढ़ना यह नहीं बताता कि market participation कितनी मजबूत है। कीमत के साथ trading volume भी बढ़ता है तो उससे बाजार में बढ़ी हुई activity का संकेत मिल सकता है, हालांकि इससे भविष्य की कीमत की कोई गारंटी नहीं मिलती।

लेख के अनुसार केवल सामान्य altcoin rally मानना पूरी तस्वीर नहीं बताता। इसी अवधि में UNI burn model, Arc expansion, Uniswap v4 features और tokenized assets से जुड़े developments भी सामने आए, इसलिए price movement को protocol-specific developments के साथ देखना अधिक उपयुक्त है।

तेज price rally के बाद volatility बढ़ सकती है और केवल price momentum पर निर्भर रहना जोखिमपूर्ण हो सकता है। UNI को समझते समय protocol fees, actual UNI burns, Arc activity, Uniswap v4 adoption, trading volume और broader crypto market conditions को भी देखना जरूरी है।

नहीं। फीस-बर्न, Arc expansion, v4 features और tokenized assets जैसे developments UNI की fundamental story को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन इन्हें कीमत बढ़ने का एकमात्र कारण या भविष्य के returns की गारंटी नहीं माना जा सकता।

UNI पर विचार करते समय कीमत और market cap के साथ protocol fee generation, actual UNI burn, Arc governance outcome, Uniswap v4 usage, liquidity और trading volume की जांच करनी चाहिए। साथ ही crypto assets की high volatility और अपने risk tolerance को ध्यान में रखना जरूरी है।