दुनिया के सबसे बड़े Decentralised Exchange Uniswap को लेकर बड़ी News सामने आई है। इसकी कम्युनिटी ने 25 December 2025 को अपने बहुचर्चित “UNIfication” गवर्नेंस प्रस्ताव को सफलतापूर्वक पास कर दिया है। इस फैसले के तहत Uniswap ट्रेजरी से 100 मिलियन $UNI Token Burn की मंजूरी दी गई है, जिसे कम्युनिटी की मजबूत भागीदारी और ट्रांसपेरेंट वोटिंग का समर्थन मिला। यह कदम न सिर्फ इसकी टोकन इकॉनॉमिक्स बल्कि पूरे DeFi इकोसिस्टम के लिए अहम माना जा रहा है।
Source: Uniswap Foundation
UNIfication के इस प्रस्ताव को कुल 125 मिलियन वोट मिले, जबकि मात्र 742 वोट इसके विरोध में दर्ज हुए। यह आंकड़ा 40 मिलियन की तय क्वोरम लिमिट से कहीं अधिक रहा, जिससे समुदाय की स्पष्ट सहमति सामने आई। इस फैसले के जरिए Total Circulation के लगभग 10% टोकन को स्थायी रूप से हटाने का रास्ता साफ हुआ है।
इसके साथ ही Uniswap Labs ने फ्रंटएंड फीस को शून्य करने और सालाना 20 मिलियन $UNI के ग्रोथ बजट की घोषणा भी की है, जिसका उपयोग प्रोटोकॉल डेवलपमेंट और Unichain जैसे इनोवेटिव टूल्स को आगे बढ़ाने में किया जाएगा।
Source: CMC
UNI Token Burn से जुड़ी खबर के बाद बाजार में शुरुआती सकारात्मक संकेत देखने को मिले हैं। वोटिंग शुरू होने के बाद $UNI की कीमत में करीब 13.5% की बढ़त दर्ज की गई और यह $5.91 पर ट्रेड कर रहा है।
इस फैसले से ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ने की संभावना है, क्योंकि निवेशकों का ध्यान सप्लाई में कमी और संभावित रेवेन्यू मॉडल की ओर गया है। हालांकि, तेज मूवमेंट के चलते शोर्ट टर्म अनस्टेबिलिटी भी बढ़ सकती है, खासकर उन निवेशकों के कारण जो प्रॉफिट बुकिंग करना चाहते हैं। वहीं, प्रोटोकॉल फीस लागू होने से लिक्विडिटी प्रोवाइडर्स की इनकम पर प्रेशर पड़ सकता है।
लॉन्ग टर्म में 100 मिलियन टोकन की बर्निंग से $UNI की उपलब्धता घटेगी, जिससे इसकी स्कार्सिटी बढ़ सकती है। यदि प्रोटोकॉल का उपयोग लगातार बढ़ता रहा, तो यह कदम टोकन वैल्यू के लिए सकारात्मक साबित हो सकता है।
यह निर्णय Uniswap को DeFi सेक्टर में Curve और Balancer जैसे कॉम्पिटिटर के मुकाबले और मजबूत स्थिति में ला सकता है। साथ ही, निवेशक अब $UNI को केवल गवर्नेंस टोकन नहीं बल्कि संभावित रेवेन्यू-लिंक्ड एसेट के रूप में भी देख सकते हैं।
रिस्क की बात करें तो फीस मॉडल के कारण कुछ यूजर्स सस्ते ऑप्शन की ओर जा सकते हैं। इसके अलावा, ग्लोबल रेगुलेटरी अनसर्टैनिटी भी भविष्य में चुनौती बन सकती है।
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Uniswap पर आई इस बड़ी News ने यह दिखा दिया है कि डिसेंट्रलाइज़्ड गवर्नेंस के जरिए बड़े और प्रभावशाली बदलाव संभव हैं। शॉर्ट टर्म में बाजार में उत्साह नजर आ रहा है, जबकि लॉन्ग टर्म में $UNI का प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करेगा कि प्रोटोकॉल अपनाने की गति और कम्पटीशन के बीच संतुलन कैसे बनाता है। 27 दिसंबर को बर्निंग प्रोसेस और फीस स्विच लागू होने के बाद मार्केट रिएक्शन पर इन्वेस्टर और एनालिस्ट की नजर बनी रहेगी।
Disclaimer: यह आर्टिकल एजुकेशनल पर्पस से लिखा गया है, इसमें किसी भी तरह की निवेश सलाह नहीं है। क्रिप्टो मार्केट वोलेटाइल है, किसी भी इन्वेस्टमेंट से पहले अपनी रिसर्च जरुर करें।
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