Crypto News Today

Narco Trafficking रोकने को Crypto ट्रांजैक्शन पर सरकार की कड़ी नजर

Crypto और Narco Trafficking से जुड़ी गतिविधियों पर भारत सरकार हुई सख्त

Indian Government ने ड्रग तस्करी और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार ने Darknet और Cryptocurrency से जुड़े प्लेटफॉर्म्स की निगरानी के लिए एक विशेष Taskforce का गठन किया है। यह जानकारी लोकसभा में गृह राज्य मंत्री Nityanand Rai ने लिखित जवाब के ज़रिये दी।

Crypto News

Source-  Website


सरकार का कहना है कि अब ड्रग तस्करी केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, एन्क्रिप्टेड नेटवर्क और Crypto ट्रांजैक्शंस के ज़रिये भी अवैध कारोबार किया जा रहा है। ऐसे में इन गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए Multi Agency Centre (MAC) के तहत यह नई व्यवस्था बनाई गई है।


यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब Darknet और Cryptocurrency के जरिए Narco Trafficking के मामले दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहे हैं। भारत सरकार का यह फैसला डिजिटल अपराधों के खिलाफ लड़ाई में एक अहम मोड़ माना जा रहा है।


Darknet और Cryptocurrency क्यों बने ड्रग तस्करों की पहली पसंद

पिछले कुछ वर्षों में Darknet प्लेटफॉर्म्स और Cryptocurrency का इस्तेमाल अवैध ड्रग व्यापार में काफी बढ़ा है। Darknet ऐसे नेटवर्क होते हैं जहाँ यूज़र की पहचान छिपी रहती है और एक्टिविटी को ट्रैक करना बेहद मुश्किल होता है। वहीं, Crypto ट्रांजैक्शन ट्रेडिशनल बैंकिंग सिस्टम से बाहर होते हैं, जिससे पैसा भेजने और पाने का रास्ता ज्यादा गोपनीय बन जाता है।


इसी वजह से ड्रग माफिया इन तकनीकों का इस्तेमाल ड्रग पेमेंट और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए कर रहे हैं।  सरकार का नया Taskforce इन सभी पहलुओं पर गहराई से निगरानी करेगा ताकि डिजिटल माध्यमों से होने वाले नशे के कारोबार पर रोक लगाई जा सके।


Multi Agency Centre के तहत काम करेगा नया Taskforce

गृह मंत्रालय के अनुसार, यह नया Taskforce Multi Agency Centre यानी MAC के तहत बनाया गया है। MAC पहले से ही खुफिया एजेंसियों और कानून प्रवर्तन संस्थाओं के बीच जानकारी साझा करने का एक प्रमुख मंच है। अब इसके जरिए Darknet और Crypto आधारित अपराधों पर भी नजर रखी जाएगी।


गृह राज्य मंत्री Nityanand Rai ने बताया कि इस Taskforce का मुख्य उद्देश्य उन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की पहचान करना है जो Cryptocurrency को Narco Trafficking में इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके साथ ही विभिन्न एजेंसियों के बीच जानकारी शेयर करना, ड्रग नेटवर्क को तोड़ना और नए तरीकों से हो रही तस्करी के पैटर्न को समझना भी इसके काम में शामिल होगा।


Narcotics Control Bureau और सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका होगी अहम

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस Taskforce में Narcotics Control Bureau यानी NCB की भूमिका बेहद अहम होगी। इसके अलावा State Anti Narcotics Task Forces, Border Security Force, Navy और Coast Guard जैसी एजेंसियाँ भी मिलकर काम करेंगी।


सरकार का कहना है कि अब ड्रग तस्करी केवल जमीन या समुद्र तक सीमित नहीं रही, बल्कि Crypto के माध्यम से इसका दायरा डिजिटली और ज्यादा फैल गया है।


Joint Coordination Committee से बड़े मामलों की होगी निगरानी

सरकार ने सिर्फ Taskforce ही नहीं, बल्कि एक Joint Coordination Committee यानी JCC भी बनाई है। यह समिति केंद्र और राज्य स्तर पर बड़े Crypto Fraud और ड्रग जब्ती मामलों की निगरानी करेगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महत्वपूर्ण मामलों की जांच में कोई ढिलाई न हो और सभी एजेंसियाँ मिलकर तेजी से कार्रवाई करें।


सरकार का मानना है कि कई बार अलग-अलग राज्यों और एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी के कारण ड्रग नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना मुश्किल हो जाता है। JCC के जरिए इन कमियों को दूर करने की कोशिश की जाएगी।


Crypto Industry के लिए क्या मायने रखता है सरकार का यह कदम

सरकार के इस फैसले का असर केवल ड्रग तस्करों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका प्रभाव पूरे Crypto Ecosystem पर भी देखने को मिल सकता है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य Crypto Technology को रोकना नहीं, बल्कि इसके गलत इस्तेमाल को नियंत्रित करना है।


भारत में Crypto को लेकर पहले ही नियमों को सख्त किया जा रहा है। अब Darknet और अवैध गतिविधियों से जुड़ी Crypto Transactions पर ज्यादा निगरानी रखी जाएगी। इससे Crypto Exchange, वॉलेट सर्विस प्रोवाइडर्स और अन्य Crypto Platform पर KYC और ट्रांजैक्शन मॉनिटरिंग से जुड़े नियम और मजबूत हो सकते हैं।


Darknet क्या है? जानिए

Darknet इंटरनेट का वह हिस्सा होता है जो सामान्य ब्राउज़र से एक्सेस नहीं किया जा सकता और खास सॉफ्टवेयर जैसे Tor Browser की जरूरत होती है। यहां यूज़र्स अपनी पहचान छिपाकर बातचीत और लेनदेन कर सकते हैं, जिससे प्राइवेसी बनी रहती है। 


हालांकि Darknet Browser का इस्तेमाल रिसर्च, पत्रकारिता और सेंसरशिप से बचने के लिए भी होता है, लेकिन इसका गलत उपयोग अवैध गतिविधियों जैसे ड्रग तस्करी और साइबर अपराध में भी किया जाता है। इसलिए सुरक्षा एजेंसियां इसकी लगातार निगरानी करती हैं।


आगे क्या हो सकता है बदलाव

आने वाले समय में सरकार Darknet और Cryptocurrency से जुड़े कानूनों और नियमों की समीक्षा कर सकती है। Taskforce द्वारा जुटाए गए डेटा और ट्रेंड्स के आधार पर नई नीतियां बनाई जा सकती हैं, ताकि डिजिटल अपराधों को पहले ही रोका जा सके।


इसके अलावा Crypto Exchanges और टेक प्लेटफॉर्म्स से ज्यादा सहयोग की उम्मीद की जा रही है। सरकार चाहती है कि निजी कंपनियाँ भी संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करें और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर सुरक्षित डिजिटल माहौल बनाने में योगदान दें।


Crypto Market में 4 साल के अनुभव से मेरा मानना है कि, अगर यह मॉडल सफल रहता है तो भारत अन्य देशों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है कि कैसे टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अपराध से लड़ने में किया जा सकता है।


इस तरह की और भी क्रिप्टो न्यूज़ पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट CryptoHindiNews पर क्लिक करें।


कन्क्लूजन

Indian Government का नया Taskforce यह साफ संकेत देता है कि भारत अब Darknet और Cryptocurrency के जरिए हो रहे Narco Trafficking को हल्के में लेने के मूड में नहीं है। Multi Agency Centre के तहत बनी यह व्यवस्था विभिन्न एजेंसियों को एक मंच पर लाकर डिजिटल ड्रग नेटवर्क पर कड़ा प्रहार करने की दिशा में काम करेगी।


हालांकि सरकार ने यह भी साफ किया है कि उसका मकसद Cryptocurrency या नई टेक्नोलॉजी को रोकना नहीं, बल्कि इनके गलत इस्तेमाल को नियंत्रित करना है।


डिस्क्लेमर-  यह लेख केवल सामान्य जानकारी और न्यूज़ रिपोर्टिंग उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की कानूनी, वित्तीय या निवेश सलाह नहीं है। क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल एसेट्स में निवेश जोखिम से जुड़ा होता है, इसलिए किसी भी निर्णय से पहले खुद की रिसर्च जरुर करें। लेखक और प्रकाशक किसी भी नुकसान या कार्रवाई के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।

Shubham Sharma पिछले 4 वर्षों से Web3, ब्लॉकचेन, NFT और क्रिप्टोकरेंसी पर गहराई से लेखन कर रहे हैं। वे मार्केट ट्रेंड्स को जल्दी पहचानने, तकनीकी अपडेट्स को सरल भाषा में समझाने और भारतीय क्रिप्टो निवेशकों को विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं। Shubham ने कई प्रमुख क्रिप्टो मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए योगदान दिया है और उनका उद्देश्य पाठकों को तेजी से बदलती Web3 दुनिया में सटीक, निष्पक्ष और इनसाइटफुल कंटेंट देना है।

Leave a comment
faq Explore Our FAQs

Find quick answers to commonly asked questions and understand how things work around here.

सरकार ने Darknet और Cryptocurrency से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी के लिए एक विशेष Taskforce का गठन किया है।
यह Taskforce Multi Agency Centre (MAC) के तहत काम करेगा।
क्योंकि ये प्लेटफॉर्म यूज़र की पहचान छिपाते हैं और ट्रांजैक्शन को ट्रैक करना मुश्किल बनाते हैं।
इसमें Narcotics Control Bureau (NCB), State Anti Narcotics Task Forces, BSF, Navy और Coast Guard जैसी एजेंसियां शामिल होंगी।
बड़े Crypto Fraud और ड्रग जब्ती मामलों की निगरानी करना और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना।