2026 की शुरुआत से ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट्स की नजर US Supreme Court Tariff Decision पर टिकी हुई है। यह मामला सिर्फ अमेरिका की ट्रेड पॉलिसी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर Crypto Market और खासतौर पर Bitcoin जैसे रिस्क एसेट्स पर भी साफ दिख रहा है।
9 January 2026 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा Trump Tariff पर फैसले को 14 January तक टाल दिया है। इस खबर के सामने आने के बाद Bitcoin में शार्प शोर्ट रैली देखने को मिली। इसके बाद अब सभी निवेशकों की नज़र 14 January पर टिकी हुई है, जो इस मैक्रो इवेंट को एक बड़े ट्रिगर के रूप में देख रहे हैं।
Source: CoinMarketCap
यह केस ट्रंप प्रशासन के दौरान लगाए गए टैरिफ्स से जुड़ा है, जिन्हें International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) के तहत लागू किया गया था। इन टैरिफ्स में 10% से लेकर 50% तक की इंपोर्ट ड्यूटी शामिल थी। October 2025 में Donald Trump द्वारा China पर Tariff लगाने के बाद Crypto Market Crash देखने को मिला था।
हालांकि लोअर कोर्ट्स ने इन टैरिफ्स को Trump के अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। November 2025 में सुनवाई शुरू हुई, लेकिन January 2026 में भी अंतिम फैसला नहीं आया।
प्रेडिक्शन मार्केट्स के अनुसार, टैरिफ्स के रद्द होने की संभावना ज्यादा मानी जा रही है। यही वजह है कि फाइनेंशियल मार्केट्स, खासकर क्रिप्टो सेक्टर, इस फैसले को लेकर काफी संवेदनशील बना हुआ है।
फैसले में देरी को मार्केट ने “नो नेगेटिव सरप्राइज” के तौर पर लिया। इसी दौरान Bitcoin में तेज मूवमेंट देखा गया और अन्य बड़े डिजिटल एसेट्स में भी मजबूती आई। फैसला टलने के बाद Bitcoin $89,925 से बढ़ते हुए तेज उछाल के साथ $91,814 तक पहुँच गया। हालांकि अब यह फिर से कुछ करेक्शन के साथ $90,000 के ऊपर कंसोलिडेट हो रहा है।
इस रैली की बड़ी वजह यह रही कि Trump Tariff से जुड़े इन्फ्लेशन और सप्लाई-चेन प्रेशर फिलहाल टलते नजर आए। नतीजतन, शॉर्ट पोजिशन लेने वाले ट्रेडर्स को नुकसान हुआ और बड़ा लिक्विडेशन देखने को मिला।
यह ट्रेंड दिखाता है कि अब Bitcoin सिर्फ टेक या रिटेल सेंटिमेंट पर नहीं, बल्कि ग्लोबल मैक्रो पॉलिसीज पर भी तेजी से रिएक्ट कर रहा है।
Crypto Market में लेखन के अपने 6 वर्षों के अनुभव के आधार पर में यह कह सकता हूँ कि, इस केस के तीन संभावित नतीजे हो सकते हैं:
अगर Trump Tariff रद्द होते हैं, तो इकोनॉमी में अतिरिक्त लिक्विडिटी आ सकती है, जिसका फायदा Bitcoin जैसे अल्टरनेटिव एसेट्स को मिल सकता है।
अगर टैरिफ्स बरकरार रहते हैं, तो डॉलर मजबूत होने और इन्फ्लेशन बढ़ने की स्थिति में रिस्क एसेट्स पर दबाव आ सकता है।
अगर फैसला आगे भी टलता है, तो शॉर्ट टर्म में पॉजिटिव सेंटिमेंट रह सकता है, लेकिन वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका रहेगी।
हालांकि इस फैसले से Bitcoin की टेक्नोलॉजी या नेटवर्क फंडामेंटल्स नहीं बदलेंगे, लेकिन ग्लोबल इन्वेस्टमेंट सेंटिमेंट जरूर प्रभावित होगा।
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US Supreme Court Tariff Decision January 2026 का एक अहम मैक्रो इवेंट बन चुका है, जिसका सीधा असर Crypto Market और Bitcoin की दिशा पर पड़ सकता है। फिलहाल फैसले में देरी से राहत मिली है, लेकिन जैसे ही कोर्ट का अंतिम निर्णय आएगा, मार्केट में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
Disclaimer: निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे जोखिम प्रबंधन पर ध्यान दें, लेवरेज सीमित रखें और किसी भी फैसले से पहले खुद रिसर्च करें। यह रिपोर्ट केवल जानकारी के उद्देश्य से है, न कि निवेश सलाह। मार्केट तेजी से बदलता है, इसलिए अपडेटेड रहना बेहद जरूरी है।
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