Updated Date: November 28, 2025
Madras High Court के द्वारा हाल ही में WazirX Hack से जुड़े मामले में निर्णय देते हुए क्रिप्टोकरेंसी को भारतीय कानून के तहत “संपत्ति (Property)” बताया था। इस बड़े बयान के अलावा भी इस फैसले में कुछ ऐसी बातें कही गयी है जिसके बाद यह माना जा रहा है कि WazirX Withdrawal पर भी इसका असर पड़ सकता है।
यह फैसला Rhutikumari v। Zanmai Labs Pvt Ltd केस में सुनाया गया है, जो इस Exchange पर एक निवेशक के XRP होल्डिंग्स को 2024 के साइबरअटैक के बाद फ्रीज़ करने से सम्बंधित था।

Source: यह इमेज Crypto Influencer Ajay Kashyap की X Post से ली गयी है।
जस्टिस N Anand Venkatesh ने 54 पेज के इस फैसले में कहा कि
Madras High Court के निर्णय में शामिल इन सभी ऑब्जरवेशन के कारण कई एनालिस्ट मान रहे हैं कि भारत में इसके आधार पर फिर से Singapore Restructuring Scheme पर सुनवाई हो सकती है।
इस केस में इसकी पैरेंट कंपनी Zettai Pte Ltd (Singapore) ने अपने नुकसान को कवर करने के लिए Singapore High Court की परमिशन के बाद एक Restructuring Scheme लागू की थी, जिसके तहत सभी यूज़र्स को नुकसान में बराबर हिस्सा उठाना था।
हालांकि, Madras High Court ने इसे “Unsustainable” बताते हुए कहा कि यह योजना उन यूज़र्स पर लागू नहीं की जा सकती जिनकी होल्डिंग्स उस साइबरअटैक में प्रभावित नहीं हुई थीं।
कोर्ट ने यह पाया कि निवेशक के 3,532.30 XRP कॉइन इस अटैक से सुरक्षित थे, क्योंकि हमला केवल Ethereum और ERC-20 टोकन्स पर हुआ था। निर्णय के अनुसार, “What were subjected to cyber attack on 18.7.2024 were ERC-20 coins, which are completely different from the XRP holdings of the applicant।”
इसके बाद ऐसे निवेशक जिनके फंड अटैक में सुरक्षित थे फिर भी उन्हें WazirX से पूरा Withdrawal नहीं मिल पा रहा है, के बीच फिर से उम्मीद जागने लगी है ।
यह फैसला अब WazirX Withdrawal प्रक्रिया पर भी गहरा असर डाल सकता है। वर्तमान में कई यूज़र्स के फंड्स Singapore Restructuring Plan के तहत फ्रीज़ हैं। मगर अब, कोर्ट के इस निर्णय के बाद, उन निवेशकों को राहत मिल सकती है जिनके डिजिटल एसेट्स हैक या प्रभावित नहीं हुए थे।
यह निर्णय भारतीय न्यायालयों द्वारा क्रिप्टो एसेट्स को “Property Rights” के रूप में मान्यता देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
साथ ही, कोर्ट ने यह भी कहा कि WazirX Hack की घटना के समय Zanmai Labs, जो भारत में Financial Intelligence Unit (FIU) के तहत रजिस्टर्ड है, वही भारत में कानूनी रूप से क्रिप्टो लेनदेन हैंडल करने का अधिकार रखता है।
इससे WazirX, Binance, और Zettai Pte Ltd के बीच लंबे समय से चल रहे अधिकार क्षेत्र विवाद पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। गौरतलब है कि WazirX ने लम्बे समय के बाद हाल ही में भारत में अपनी सर्विस फिर से शुरू की है।
क्रिप्टो स्पेस में अपने 6 वर्षों के अनुभव के आधार पर में यह कह सकता हूँ कि यह फैसला भारत में Crypto Legal Recognition की दिशा में एक माइलस्टोन साबित हो सकता है।
पहली बार किसी हाई कोर्ट ने क्रिप्टोकरेंसी को लीगल प्रॉपर्टी के रूप में स्पष्ट मान्यता दी है, जो आने वाले समय में टैक्सेशन, रेगुलेशन और एक्सचेंज ऑपरेशन के रेगुलेटरी स्ट्रक्चर को प्रभावित करेगी।
इस फैसले से यह संदेश जाता है कि भारत में Crypto Ownership को जुडिशल सिक्योरिटी मिल सकती है, बशर्ते कि निवेशक अपनी संपत्ति का लीगल सोर्स और ओनरशिप साबित कर सकें।
Madras High Court का यह फैसला WazirX Withdrawal की दिशा भी बदल सकता है। जहाँ एक ओर यह निवेशकों को कानूनी सुरक्षा देता है, वहीं दूसरी ओर यह क्रिप्टो एक्सचेंजों पर ट्रांसपेरेंसी और कस्टोडियल जिम्मेदारी बढ़ाने का दबाव भी बनाता है।
अगर यह रुख आगे भी कायम रहा, तो आने वाले महीनों में भारत में क्रिप्टो एसेट्स की लीगल क्लैरिटी और इन्वेस्टर ट्रस्ट दोनों में वृद्धि देखने को मिल सकती है।
Disclaimer: क्रिप्टो मार्केट वोलेटाइल है किसी भी इन्वेस्टमेंट से पहले अपनी रिसर्च जरुर करें। यह आर्टिकल केवल एजुकेशनल पर्पस से लिखा गया है।
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