Nova NFT इस समय भारत, पाकिस्तान और कई एशियाई देशों में सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले प्लेटफॉर्म्स में से एक है। यह खुद को AI-पावर्ड NFT मार्केटप्लेस बताता है, जहां यूजर्स को डेली रिटर्न और रेफरल इनकम का वादा किया जाता है। लेकिन इसके ट्रेंड होने की असली वजह इसका इनोवेशन नहीं, बल्कि एक कुख्यात कोलैप्स हो चुके प्लेटफॉर्म से इसका कनेक्शन है। इस रिपोर्ट में जानिए Nova NFT की पूरी सच्चाई।
इस प्लेटफॉर्म को समझने के लिए पहले Treasure NFT को समझना जरूरी है। Treasure NFT ने 4.3% से 6.8% डेली रिटर्न और 30% तक मंथली प्रॉफिट का वादा किया था। रिपोर्ट्स के अनुसार अकेले पाकिस्तान में लगभग 1 लाख लोगों के $160 मिलियन से अधिक डूब गए। West Bengal Police ने May 2025 में इसके रीब्रांड को लेकर सार्वजनिक चेतावनी भी जारी की थी। प्लेटफॉर्म के कोलैप्स के बाद वही ऑपरेटर्स NFT Gold और Nova NFT जैसे नए नामों से लौट आए। Google के सपोर्ट फोरम पर वेरिफाइड यूजर शिकायतों में साफ बताया गया कि Treasure NFT बनाने वाली टीम ही अब Nova NFT चला रही है। इस कनेक्शन का पूरा टाइमलाइन विश्लेषण हमारी TreasureNFT कनेक्शन अपडेट रिपोर्ट में उपलब्ध है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार यह मॉडल हर क्लासिक Ponzi संकेत से मेल खाता है: गारंटीड डेली रिटर्न का अवास्तविक वादा, रेफरल पर निर्भर कमाई, VIP लेवल सिस्टम, विड्रॉल फ्रीज और नाम बदलकर दोबारा लॉन्च। पुराने निवेशकों को पैसा नए निवेशकों की जमा राशि से दिया जाता है, और नए यूजर्स का आना रुकते ही सिस्टम ढह जाता है।
सोशल मीडिया पर इसकी Nasdaq लिस्टिंग के दावे वायरल हैं, जिनका कोई आधिकारिक प्रमाण मौजूद नहीं है। इस दावे का पूरा फैक्ट चेक हमने Nasdaq Listing Claim की सच्चाई रिपोर्ट में किया है।
BlackRock द्वारा निवेश की अफवाह भी पूरी तरह फर्जी निकली, कंपनी ने ऐसे किसी संबंध से इनकार किया है। विस्तृत पड़ताल BlackRock Investment Claim की सच्चाई रिपोर्ट में पढ़ें। ऐसे फर्जी एंडोर्समेंट संदिग्ध प्रोजेक्ट्स की मार्केटिंग का जाना-पहचाना तरीका हैं।
AI ट्रेडिंग के दावों के बावजूद किसी पब्लिक ब्लॉकचेन एक्सप्लोरर पर इसकी वेरिफाइड ट्रेडिंग एक्टिविटी नहीं मिलती। न कोई स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट ऑडिट है, न टीम की पहचान सार्वजनिक है। CoinDCX की रिसर्च रिपोर्ट में भी इस पूरे नेटवर्क को High Risk और Ponzi-स्टाइल स्ट्रक्चर बताया गया है।
Nova NFT भारत में FIU रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म नहीं है, यानी किसी भी विवाद में आपको कोई रेगुलेटरी सुरक्षा नहीं मिलेगी। साथ ही क्रिप्टो और NFT से हुई कमाई पर 30% टैक्स और 1% TDS का नियम लागू होता है। अगर आपके साथ धोखाधड़ी हो चुकी है, तो cybercrime.gov.in पर तुरंत शिकायत दर्ज करें। Treasure NFT से जुड़े हर विड्रॉल अपडेट और चेतावनी के लिए हमारा Treasure NFT News सेक्शन देखें, और स्वतंत्र समीक्षा के लिए Real or Fake की स्वतंत्र समीक्षा पढ़ें।
उपलब्ध तथ्यों के आधार पर Nova NFT एक कोलैप्स हो चुकी Ponzi-स्टाइल स्कीम का रीब्रांड प्रतीत होता है। गारंटीड रिटर्न, रेफरल आधारित मॉडल, फर्जी एंडोर्समेंट और पारदर्शिता का पूर्ण अभाव, ये सभी संकेत निवेशकों के लिए स्पष्ट चेतावनी हैं। अगर कोई आपको Nova NFT, NFT Gold या ऐसे किसी माइग्रेशन प्लेटफॉर्म में डिपॉजिट के लिए इनवाइट करे, तो सतर्क हो जाएं।
Ponzi Scheme: ऐसा फ्रॉड जिसमें पुराने निवेशकों को रिटर्न नए निवेशकों के पैसे से दिया जाता है। NFT: ब्लॉकचेन पर यूनिक डिजिटल एसेट का ओनरशिप टोकन। Rebranding Scam: कोलैप्स के बाद नाम बदलकर दोबारा लॉन्च होने वाला फ्रॉड। FIU: Financial Intelligence Unit, भारत में VDA प्लेटफॉर्म्स की रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी। Smart Contract Audit: कोड की स्वतंत्र सुरक्षा जांच।
यह रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी, यूजर शिकायतों और स्वतंत्र विश्लेषण पर आधारित है तथा केवल शैक्षिक उद्देश्य से प्रकाशित की गई है। यह निवेश सलाह नहीं है। किसी भी प्लेटफॉर्म में निवेश से पहले अपनी रिसर्च करें और उच्च जोखिम वाली स्कीम्स से सावधान रहें।
Explore Our FAQs
Find quick answers to commonly asked questions and understand how things work around here.
Copyright 2026 All rights reserved