1 Bitcoin Price in 2009 in Indian Rupees, 2015 बना गेम चेंजर

1 Bitcoin Price in 2009 in Indian Rupees, 2015 रहा गेम चेंजर

1 Bitcoin की कीमत 2009 में कितनी थी? 2015 ने बदल दी पूरी तस्वीर

क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में अगर किसी एक नाम ने सबसे ज्यादा हलचल मचाई है, तो वह है Bitcoin। 2009 में जब यह अस्तित्व में आया, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि आने वाले कुछ वर्षों में इसका प्राइस हजारों गुना बढ़ जाएगा और यह एक ग्लोबल फाइनेंशियल एसेट बन जाएगा। आज हम बात करेंगे कि 1 Bitcoin Price in 2009 in Indian Rupees क्या थी, 2015 तक इसमें क्या-क्या बदलाव हुए और किन घटनाओं ने इस प्राइस को ऊपर-नीचे किया।  

1 Bitcoin Price in 2009 in Indian Rupees - Bitcoin Whitepaper

Source – यह तस्वीर Bitcoin Whitepaper से ली गई है, यहाँ हमने इसकी ऑफिशियल लिंक भी दी है।

2009 के शुरुआती दिन और 1 Bitcoin Price in 2009 in Indian Rupees

2009 में जब Bitcoin को Satoshi Nakamoto ने लॉन्च किया, तब इसका कोई तय मार्केट प्राइस नहीं था, क्योंकि यह किसी एक्सचेंज पर ट्रेड ही नहीं हो रहा था। लेकिन जनवरी 2009 में पहला Bitcoin Block, Genesis Block माइन हुआ।

उस समय 1 Bitcoin Price in 2009 in Indian Rupees लगभग ₹0.03 से ₹0.05 के बीच था और इसे ज्यादातर टेक्निकल कम्युनिटी में सिर्फ एक्सपेरिमेंट के तौर पर देखा जाता था। हालाँकि किसी भी बड़े निवेशक या पब्लिक का इसमें भरोसा नहीं था और यह इंटरनेट के गीक्स का टॉय प्रोजेक्ट माना जाता था।

1 Bitcoin Price in 2009 in Indian Rupees, 2015 से पहले का सफर  

2009 से 2015 के बीच Bitcoin ने कई उतार-चढ़ाव देखे। 2010 में पहली बार Bitcoin Pizza Day पर 10,000 BTC से पिज्ज़ा की खरीदी की गई, जिससे इसे असली ट्रांजैक्शन वैल्यू मिली, लेकिन अभी तक यह उतना लोकप्रिय नही हुआ था। 2011-2013 में इसकी लोकप्रियता ने रफ़्तार पकड़ी और यह $1 से $1,000 तक पहुंचा, लेकिन Mt. Gox हैक और रेग्युलेटरी प्रेशर से 2014 में एक बड़ी गिरावट देखने को मिली। इस दौरान Bitcoin की पहचान एक डिजिटल करेंसी से बढ़कर एक इन्वेस्टमेंट एसेट के रूप में बनने लगी।

1 Bitcoin Price in 2015 in Indian Rupees

2015 तक Bitcoin कई बुल और बेयर साइकिल से गुजर चुका था।

  • 2015 की शुरुआत – 1 Bitcoin Price लगभग ₹19,000 से ₹20,000 के बीच था।
  • 2015 का मध्य – चीन के मार्केट में बढ़ती दिलचस्पी और अमेरिका में Bitcoin ATM की संख्या बढ़ने से यह ₹23,000 के करीब पहुंच गया।
  • 2015 का अंत – यह लगभग ₹30,000 के आसपास ट्रेड कर रहा था।

साल 2015 के अंत तक Bitcoin को एक “रिस्क एसेट” से ज्यादा एक “डिजिटल गोल्ड” के रूप में देखा जाने लगा था।

2015 में क्या खास हुआ?

2015 में Bitcoin इकोसिस्टम में कई बड़ी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इसकी प्राइस और मार्केट सेंटिमेंट को प्रभावित किया।

  • Ethereum का लॉन्च-Ethereum Blockchain के लॉन्च ने क्रिप्टो इंडस्ट्री में नई संभावनाएं खोलीं और Bitcoin के साथ एक नया टेक्नोलॉजिकल कम्पटीशन शुरू किया।
  • Bitcoin XT विवाद- ब्लॉक साइज बढ़ाने के लिए Bitcoin XT प्रस्ताव आया, जिससे कम्युनिटी में हार्ड फोर्क को लेकर बहस शुरू हो गई। इससे मार्केट में थोड़ी अस्थिरता आई।
  • रेग्युलेटरी मूव्स- अमेरिका, यूके और यूरोप में Bitcoin से जुड़ी टैक्स गाइडलाइंस पेश हुईं। इससे इन्वेस्टर्स में भरोसा बढ़ा, लेकिन कुछ देशों में कड़े AML/KYC नियम लागू होने लगे।
  • विकासशील देशों में बढ़ता उपयोग- भारत, नाइजीरिया और फिलीपींस में रेमिटेंस और ऑनलाइन पेमेंट्स के लिए Bitcoin की लोकप्रियता बढ़ी।
  • एक्सचेंज इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार- Coinbase और Bitstamp जैसे प्लेटफॉर्म्स ने अपनी सर्विसेस ग्लोबल लेवल पर एक्सपैंड कीं, जिससे लिक्विडिटी और ट्रस्ट बढ़ा।
2015 में Bitcoin को मिला रियलिटी चेक    

मैं पिछले 13 साल से BTC को फ़ॉलो कर रहा हूँ, मेरे अनुभव में, 2015 Bitcoin के लिए कंसोलिडेशन और प्रिपरेशन का साल था।

  • मैंने 2013-2014 की बड़ी वोलैटिलिटी के बाद देखा कि 2015 में मार्केट थोड़ा स्टेबल हुआ और नए इन्वेस्टर्स ने एंट्री लेनी शुरू की।
  • Ethereum के लॉन्च ने Bitcoin को एक तरह का “रियलिटी चेक” दिया कि Blockchain Technology सिर्फ Bitcoin तक सीमित नहीं है।
  • भारत में भी मैंने देखा कि इस समय तक लोकल बिटकॉइन ट्रेडिंग कम्युनिटीज बन रही थीं और लोग Bitcoin को सिर्फ “इंटरनेट मनी” नहीं बल्कि एक लॉन्गटर्म इन्वेस्टमेंट मानने लगे थे।
  • हालांकि, ब्लॉक साइज डिबेट और रेग्युलेटरी दबाव ने यह साफ कर दिया था कि आने वाले सालों में टेक्निकल और पॉलिसी चैलेंजेज Bitcoin के रास्ते में रहेंगे।

मेरे हिसाब से, अगर 2015 का यह ग्रोथ पीरियड और टेक्नोलॉजिकल इकोसिस्टम बिल्ड-अप नहीं होता, तो 2017 का बड़ा बुल रन शायद इतनी तेजी से नहीं आता। अगर आप हमारी इस सीरिज का पिछला ब्लॉग 1 Bitcoin Price in 2009 in Indian Rupees, 2014 रहा निर्णायक साल, पढ़ना चाहते हैं तो लिंक पर क्लिक करें।

2009 से 2015 तक 1 Bitcoin Price का संक्षिप्त बदलाव
साल1 BTC Price (INR में अनुमानित)मुख्य कारण
2009₹0.05 से कमटेक्निकल लॉन्च, कोई मार्केट वैल्यू नहीं
2010₹1 – ₹2पहली ट्रांजैक्शन (Bitcoin Pizza Day)
2011₹50 – ₹800शुरुआती पब्लिक अडॉप्शन
2012₹500 – ₹900माइनिंग रिवार्ड हॉल्विंग, लिमिटेड अडॉप्शन
2013₹900 – ₹40,000बुल रन, फिर Mt. Gox हैक से गिरावट
2014₹20,000- ₹30,000रेग्युलेटरी दबाव और मार्केट सुधार
2015₹19,000 – ₹30,000Ethereum लॉन्च, इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ
कन्क्लूजन

2009 से 2015 तक इसने एक एक्सपेरिमेंट से लेकर ग्लोबल इन्वेस्टमेंट एसेट बनने तक का सफर तय किया। 1 Bitcoin Price in 2009 in Indian Rupees लगभग शून्य के बराबर थी, जबकि 2015 में यह ₹30,000 तक पहुंच गई। इस दौरान टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन, रेग्युलेटरी बदलाव और ग्लोबल मार्केट सेंटिमेंट्स ने इसकी कीमत तय करने में अहम भूमिका निभाई। 

2015 में बने मजबूत फाउंडेशन ने आने वाले वर्षों के बड़े प्राइस मूवमेंट्स के लिए जमीन तैयार की। अगर आप Bitcoin के शुरुआती सफर को समझते हैं, तो आप यह भी समझ पाएंगे कि आने वाले समय में 1 Bitcoin Price कैसे और क्यों बदल सकती है।

रोहित त्रिपाठी एक सीनियर क्रिप्टो कंटेंट राइटर और ब्लॉकचेन रिसर्चर हैं, जिनके पास टेक्नोलॉजी और डिजिटल मीडिया में 13+ वर्षों का अनुभव है। बीते कुछ वर्षों से वह विशेष रूप से क्रिप्टोकरेंसी, ऑन-चेन एनालिटिक्स, DeFi इकोसिस्टम और टोकनॉमिक्स जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। रोहित की विशेषज्ञता SEO-अनुकूल, डेटा-ड्रिवन कंटेंट और इंडस्ट्री-केंद्रित रिसर्च लेख तैयार करने में है। वह वर्तमान में Crypto Hindi News में टीम लीड और हेड ऑफ कंटेंट के रूप में कार्यरत हैं। उनकी लेखनी में एक्यूरेसी, ट्रांसपेरेंसी और रीडर्स को वैल्यू देना सर्वोपरि है। वे ऑन-चेन टूल्स और विश्वसनीय मार्केट डेटा का प्रयोग करते हुए प्रत्येक लेख को फैक्ट-आधारित बनाते हैं। हिंदी भाषी रीडर्स के लिए उनका मिशन है: “हाई-क्वालिटी, फैक्चुअल और यूज़र-फर्स्ट क्रिप्टो कंटेंट उपलब्ध कराना।”

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2009 में Bitcoin किसी एक्सचेंज पर लिस्ट नहीं था, इसलिए कोई ऑफिशियल प्राइस नहीं थी। अनुमान के तौर पर 1 BTC की कीमत ₹0.03 से ₹0.05 के बीच मानी जाती है।
क्योंकि उस समय Bitcoin किसी भी क्रिप्टो एक्सचेंज पर ट्रेड नहीं हो रहा था और सिर्फ टेक्निकल कम्युनिटी में एक्सपेरिमेंट के तौर पर इस्तेमाल हो रहा था।
2010 में Bitcoin Pizza Day पर, जब 10,000 BTC के बदले दो पिज्जा खरीदे गए, तब Bitcoin को पहली बार रियल-वर्ल्ड वैल्यू मिली।
इस दौरान पब्लिक अडॉप्शन बढ़ा, मीडिया कवरेज मिली और दुनिया भर में एक्सचेंज शुरू हुए, जिससे डिमांड तेजी से बढ़ी।
Mt. Gox एक्सचेंज हैक, रेग्युलेटरी दबाव और इन्वेस्टर पैनिक के कारण 2014 में Bitcoin की कीमत में बड़ी गिरावट आई थी।