Updated Date: November 19, 2025
Base, Coinbase का Ethereum Layer-2 Network है। जो अब खुद को तेजी से बढ़ती Blockchain Industry में Solana और Sui जैसे बड़े प्लेयर्स के मुकाबले खड़ा करने की तैयारी में है। हाल ही में Base Network ने कई बड़े टेक्निकल अपग्रेड्स की घोषणा की है। ये नेटवर्क की स्पीड, ट्रांजैक्शन फीस और स्केलेबिलिटी को जबरदस्त तरीके से सुधारने की दिशा में उठाया गया कदम है।
Base, Coinbase की खुद की Ethereum Layer-2 Blockchain है, जो Ethereum की सिक्योरिटी के साथ-साथ कम फीस और ज्यादा स्पीड देने का वादा करती है। इसे खासतौर पर डेवलपर्स और यूज़र्स के लिए बनाया गया है जो कम खर्च में तेज़ ट्रांजैक्शन चाहते हैं। Ethereum पर ट्रांजैक्शन महंगे और धीमे हो सकते हैं। Base इस समस्या को Layer-2 Technology के ज़रिए हल करती है यानी Ethereum की सुरक्षा रखते हुए तेज़ और सस्ते ट्रांजैक्शन की सुविधा देती है।
24 मई को Base के Lead Developer Jesse Pollak ने X पर Base Network अपग्रेड की पोस्ट की। नेटवर्क का उद्देश्य अब ट्रांजैक्शन कन्फर्मेशन टाइम को घटाकर सिर्फ 200 मिलीसेकंड करना है। साथ ही, ट्रांजैक्शन फीस को $0.01 (लगभग ₹1) से भी कम बनाए रखना है। ये बदलाव इसे मार्केट में मौजूद कई तेज़ Blockchain Platforms जैसे Solana और Sui के बराबरी में लाने की कोशिश है।

Pollak ने यह भी बताया कि Base का शॉर्ट टर्म टारगेट 200+ TPS (Transactions Per Second) है, लेकिन लॉन्ग टर्म में यह आंकड़ा 1 मिलियन TPS तक ले जाने की योजना है। अगर यह टारगेट पूरा होता है, तो यह पूरे Blockchain Space के लिए एक ऐतिहासिक कदम होगा।
जहां एक ओर Base Network अपनी स्पीड और स्केलेबिलिटी बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है, वहीं दूसरी ओर वह Decentralization को भी नहीं भूल रहा। Jesse Pollak के अनुसार, Base के कई जरूरी प्रोटोकॉल कंपोनेंट्स को धीरे-धीरे Ethereum के Layer-1 पर स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स के ज़रिए माईग्रेट किया जाएगा। इसका मतलब है कि Base ट्रांसपेरेंसी और सिक्योरिटी के साथ-साथ नेटवर्क के Decentralization पर भी पूरा ध्यान देगा।
जहां Bitcoin पिछले हफ्ते एक लिमिटेड स्कोप में ट्रेड करता रहा और कोई बड़ी हलचल नहीं दिखी, वहीं Ethereum और बाकी Altcoins में अच्छा खासा उछाल देखा गया। इससे साफ है कि निवेशक फिलहाल ज्यादा रिस्क और रिटर्न वाले Altcoins की तरफ ध्यान दे रहे हैं।
Coinbase भी इस हफ्ते सुर्खियों में रहा। एक तरफ कंपनी के ऑपरेशनल नंबर मजबूत रहे, वहीं दूसरी ओर कुछ रेगुलेटरी चुनौतियां भी सामने आईं। इससे पता चलता है कि पब्लिकली लिस्टेड क्रिप्टो कंपनियों के लिए माहौल कितना पेचीदा होता जा रहा है।
इसी बीच एक चीनी कंपनी द्वारा Bitcoin खरीदने की योजना की खबर ने मार्केट में हलचल मचा दी है। हालांकि इसके बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं मिली है, लेकिन इसने बुलिश सेंटिमेंट को ज़रूर बढ़ावा दिया है। इन सेंटीमेंट को देखते हुए मेरा ऐसा मानना है की, भले ही प्राइस में स्टेबिलिटी हो, लेकिन इंस्टीट्यूशनल इंटरेस्ट लगातार बढ़ रहा है।
Coinbase का Base Network अब केवल Ethereum का एक Layer-2 Solution नहीं रहा, बल्कि यह खुद को एक High-Performance Blockchain Platform के रूप में स्थापित करने की दिशा में बढ़ रहा है। 200 मिलीसेकंड में ट्रांजैक्शन कन्फर्म करना और 1 मिलियन TPS का लक्ष्य Base को Web3 और DeFi सेक्टर में लीडर बना सकता है।
Solana और Sui जैसी ब्लॉकचेन कंपनियों को अब Base से कड़ी टक्कर मिलने वाली है। आने वाले महीनों में हम देखेंगे कि ये स्केलेबिलिटी अपग्रेड्स कितने असरदार साबित होते हैं और क्या वाकई Coinbase का Base Network क्रिप्टो की दुनिया में नया स्टैंडर्ड सेट कर पाता है या नहीं।
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