Binance ने अपने मार्जिन सिस्टम में बदलाव किया है। अब कुछ कॉइन्स जैसे Stacks और Aptos को पहले जितनी Margin Support नहीं मिलेगी। अब इन कॉइन्स के बदले कम मार्जिन मिलेगा, और अगर मार्केट गिरता है तो अकाउंट जल्दी रिस्क में आ सकता है या लिक्विडेशन हो सकता है।
Source - Official Website
Binance Exchange नियम बदलाव में Stacks और Aptos जैसे एसेट्स शामिल हैं। इसके अलावा अन्य कॉइन्स भी प्रभावित हैं, ज्यादातर मामलों में कोलैटरल रेशियो कम किया गया है, यानी अब इन एसेट्स के बदले पहले जितना मार्जिन क्रेडिट नहीं मिलेगा।
Binance के नए कोलैटरल बदलाव का ट्रेडर्स पर पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों असर पड़ता है।
पोर्टफोलियो री-बैलेंस करने के स्टेप्स
Binance ऐप या वेबसाइट खोलें और Portfolio Margin में जाएं।
Collateral Ratio पेज पर जाकर अपना मार्जिन चेक करें।
अपने एसेट्स की नई वैल्यू देखेंऔर कैलकुलेट करें।
अगर मार्जिन कम है तो USDT/USDC जोड़ें।
Bitcoin / Ethereum जैसे मजबूत एसेट्स रखें।
ये सभी बदलाव 30 अप्रैल से पहले पूरा कर लें।
Binance ऐप खोलें → Futures → Portfolio Margin में जाएं।
Risk या Margin Level सेक्शन खोलें।
Alert सेट करें:
UniMMR 80% पर अलर्ट
UniMMR 95% पर अलर्ट
Position टैब में हर कॉन्ट्रैक्ट पर अलग-अलग Price Alert लगाएं।
Push Notification और Email अलर्ट दोनों ON रखें।
यह बदलाव 1 मई 2026 से प्रभावी होगा। इसलिए ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे 30 अप्रैल तक जरूरी एडजस्टमेंट पूरा कर लें, ताकि अनचाहे लिक्विडेशन से बचा जा सके।
कन्क्लूजन
Binance के नए नियम 1 मई 2026 से लागू हो रहे हैं, इसलिए ट्रेडर्स को सलाह है कि समय-सीमा से पहले अपनी पोजीशन और मार्जिन जरूर एडजस्ट कर लें। अगर ऐसा नहीं किया गया, तो कोलैटरल वैल्यू घटने के कारण लिक्विडेशन का जोखिम बढ़ सकता है। सुरक्षित रहने के लिए समय रहते पोर्टफोलियो की समीक्षा करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। कृपया किसी भी निवेश से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें। क्रिप्टो मार्केट जोखिम भरा है।
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