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Bitget CMO ने कहा, Crypto भविष्य में भारत के युवाओं की बड़ी भूमिका

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Bitget CMO
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Bitget CMO बोले, भारत की युवा शक्ति क्रिप्टो को देगी नई दिशा


ग्लोबल क्रिप्टो एक्सचेंज Bitget के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) Ignacio Aguirre Franco का मानना है कि भारत की विशाल और टेक-फ्रेंडली युवा आबादी आने वाली Crypto ग्रोथ की सबसे बड़ी ताकत बनेगी। Bitget CMO के अनुसार, भारत में ऐसे लाखों युवा हैं जो नई टेक्नोलॉजी को जल्दी अपनाते हैं और डिजिटल इनोवेशन के लिए तैयार रहते हैं। यही कारण है कि भारत क्रिप्टो सेक्टर के लिए एक नेचुरल ग्रोथ मार्केट बनकर उभर रहा है।


Bitget CMO

Source: यह इमेज Crypto India की X पोस्ट से ली गई है जिसके लिंक यहां दी गई है।


FIU लाइसेंस के बाद भारत में बड़ा विस्तार


Bitget फिलहाल भारत में पूरी तरह एक्टिव नहीं है, क्योंकि कंपनी फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU-IND) का लाइसेंस हासिल करने की प्रोसेस में है। Bitget CMO ने साफ कहा कि जैसे ही यह रजिस्ट्रेशन पूरा होगा, कंपनी भारत में बड़े लेवल पर विस्तार की योजना लागू करेगी। इससे भारतीय यूज़र्स को पूरी तरह रेगुलेटेड और कंप्लायंट Crypto सर्विसेज़ मिलने का रास्ता खुलेगा।


युवा आबादी और आंकड़े क्या कहते हैं


Franco Kahn के मुताबिक भारत में 15 से 24 साल की उम्र के करीब 37 करोड़ युवा हैं, जो टोटल पॉप्युलेशन  का लगभग 27 प्रतिशत हैं। यही यूथ बुल्क अगली ग्लोबल Crypto वेव को दिशा दे सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत 2025 की शुरुआत में ही ग्लोबल Crypto अडॉप्शन रैंकिंग में टॉप पर बना हुआ है। सालाना ट्रांजैक्शन वॉल्यूम 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा बताया गया है, जिसमें बड़ी हिस्सेदारी 35 साल से कम उम्र के यूज़र्स की है।


हाल ही में इंडिया ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है, Crypto Use में भारत दुनिया के टॉप 10 में शामिल हुआ। World Crypto Rankings 2025 में इंडिया ने तेज़ी से आगे बढ़ते हुए ग्लोबल टॉप 10 देशों में अपनी जगह बनाई है। Bybit और DL Research की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रांजैक्शनल Crypto उपयोग के मामले में इंडिया को नौवां स्थान मिला है।    


IBW 2025 में दिखी ग्राउंड लेवल एनर्जी


हाल ही में बेंगलुरु में आयोजित India Blockchain Week (IBW) के दौरान यह साफ दिखा कि इंडिया का Crypto इकोसिस्टम तेजी से डेवलप हो रहा है और भारत में Web3 का चैप्टर शुरू हो गया है। DeFi वर्कशॉप, रेगुलेशन पर चर्चा और इनोवेशन से जुड़े सेशंस में भारी पार्टिसिपेशन देखने को मिला। Bitget CMO भी इस इवेंट में शामिल हुए और उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर दिख रहा उत्साह इंडिया की संभावनाओं का मजबूत संकेत है, भले ही रेगुलेटरी स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट न हो। 

Bitget का UEX विज़न और भविष्य की स्ट्रेटेजी 


Seychelles बेस्ड Bitget खुद को एक Universal Exchange (UEX) के रूप में पेश कर रहा है। कंपनी का लक्ष्य ट्रेडिंग से आगे बढ़कर एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनना है, जो फाइनेंस, टेक्नोलॉजी और यूज़र एक्सपीरियंस को एक साथ जोड़े। Bitget CMO के पास Adobe, SAP और Xapo Bank जैसी कंपनियों में 15 साल से ज्यादा का अनुभव है, मानते हैं कि भारत इस विज़न के लिए सबसे अहम मार्केट्स में से एक है।


AI और Crypto का बढ़ता रिश्ता


IBW 2025 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी एक बड़ा थीम रहा। Bitget CMO ने कहा कि आज लगभग हर बातचीत AI पर आकर रुकती है। जिस तरह मोबाइल फोन डेली लाइफ का हिस्सा बन गया है, उसी तरह AI भी अब फाइनेंस और क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स का अहम आधार बनता जा रहा है। Bitget भी आने वाले समय में AI-ड्रिवन फीचर्स पर फोकस कर रहा है।


कम्युनिटी के रिएक्शन 


सोशल मीडिया पर Bitget CMO के बयान को लेकर कम्युनिटी के रिएक्शन अलग-अलग तरह के रहे। कुछ लोगों ने यूथ लीडरशिप वाली ग्रोथ को लेकर उत्साह दिखाया, वहीं कुछ यूज़र्स ने मार्केट मैनिपुलेशन और रेगुलेटरी रिस्क पर चिंता जताई। यह रिएक्शन इंडिया  के क्रिप्टो माहौल को दर्शाती है, जहां तेजी से अपनाने की चाह और सतर्कता, दोनों साथ-साथ चल रही हैं।


मेरे करीब 7 साल के Crypto और Web3 अनुभव के आधार पर मैं मानती हूँ कि इंडिया  की युवा आबादी वाकई क्रिप्टो ग्रोथ की सबसे बड़ी ताकत है। मैंने देखा है कि भारतीय यूज़र्स नई टेक्नोलॉजी को समझने और अपनाने में काफी आगे हैं। सही रेगुलेशन और ट्रस्ट मिलने पर इंडिया  ग्लोबल क्रिप्टो लीडर बन सकता है।


कन्क्लूजन 


Bitget CMO का मानना है कि इंडिया के युवा, उनकी टेक्नोलॉजी समझ और तेजी से बढ़ता डिजिटल इस्तेमाल देश को अगली क्रिप्टो लहर का लीडर बना सकता है। आज की युवा जनरेशन नई टेक्नोलॉजी को जल्दी अपनाती है और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर एक्टिव रहती है। FIU लाइसेंस मिलने के बाद Bitget की इंडिया में एंट्री से क्रिप्टो सेक्टर में नई एनर्जी आएगी। इससे युवाओं को नए मौके मिलेंगे और क्रिप्टो को अपनाने की रफ्तार और तेज हो सकती है।


डिस्क्लेमर:


यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और न्यूज़ रिपोर्ट्स पर आधारित है। इसमें दिए गए विचार किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं हैं। क्रिप्टो मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश से पहले स्वयं रिसर्च करें और जरूरत हो तो फाइनेंशियल एक्सपर्ट की सलाह लें।

लेखक परिचय
Akansha Vyas Hindi News Writer
आकांक्षा व्यास एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 7 वर्षों का अनुभव है और वे ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को सरल और समझने योग्य बनाने में एक्सपर्ट हैं। वे डीप रिसर्च के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। आकांक्षा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और एनालिटिकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

Bitget CMO के अनुसार भारत की युवा और टेक-फ्रेंडली आबादी तेजी से नई टेक्नोलॉजी अपनाती है, जो क्रिप्टो ग्रोथ के लिए सबसे बड़ा कारण है।

भारत के युवा डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर एक्टिव रहते हैं और क्रिप्टो जैसी नई फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी को जल्दी अपनाते हैं।

Bitget को भारत में पूरी तरह काम शुरू करने के लिए FIU-IND का लाइसेंस लेना जरूरी है।

FIU लाइसेंस मिलने से भारतीय यूज़र्स को रेगुलेटेड और सुरक्षित क्रिप्टो सर्विसेज़ मिल सकेंगी।

भारत में 15 से 24 साल की उम्र के करीब 37 करोड़ युवा हैं, जो कुल आबादी का लगभग 27% हैं।

IBW 2025 में DeFi, रेगुलेशन और इनोवेशन से जुड़े सेशंस में भारी भागीदारी देखने को मिली।

UEX का मतलब Universal Exchange है, जिसमें ट्रेडिंग के साथ टेक्नोलॉजी और यूज़र एक्सपीरियंस पर फोकस किया जाता है।

AI अब क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स में बेहतर फैसले, सिक्योरिटी और यूज़र एक्सपीरियंस के लिए इस्तेमाल हो रहा है।

कुछ यूज़र्स उत्साहित दिखे, जबकि कुछ ने रेगुलेशन और मार्केट रिस्क को लेकर चिंता जताई।

युवा आबादी और डिजिटल अपनाने की रफ्तार को देखते हुए भारत के पास यह क्षमता जरूर है।