Bitcoin News: Bitwise ने 2036 के लिए बढ़ाया BTC का प्राइस टारगेट
क्रिप्टो एसेट मैनेजर Bitwise ने बिटकॉइन (BTC) के लिए अपना 2036 का प्राइस टारगेट बढ़ाकर लगभग $1.6 मिलियन (करीब $1,599,766) कर दिया है। कंपनी ने यह नया लॉन्ग-टर्म अनुमान 28 अक्टूबर को जारी किया। दिलचस्प बात यह है कि टारगेट ऐसे समय में बढ़ा है जब बिटकॉइन खुद करीब $80,000 के आसपास कारोबार कर रहा है और इस साल $85,000 के ऊपर टिक नहीं पाया है।
मुख्य बातें (Key Takeaways)
Bitwise Report में 2036 के लिए बेस केस टारगेट 22% बढ़ाकर $1,599,766 किया है।
यह टारगेट 30 सितंबर की शुरुआती कीमत $83,557 से 34.3% सालाना रिटर्न मानकर निकाला गया है।
कंपनी का बियर केस अब करीब $131,000 है, जो मौजूदा भाव से ऊपर है।
टारगेट बढ़ने की सबसे बड़ी वजह गोल्ड और बिटकॉइन वाले "स्टोर ऑफ वैल्यू" बाज़ार का अनुमान है, जिसे Bitwise अब $31.1 ट्रिलियन से बढ़कर $109.8 ट्रिलियन (2036 तक) मानता है।
JPMorgan Asset Management कहीं ज़्यादा सतर्क है और बिटकॉइन से सिर्फ लगभग 10% सालाना रिटर्न की उम्मीद करता है।
Bitwise ने क्या बदला?
पिछले साल Bitwise का अनुमान था कि बिटकॉइन 2035 तक $1.3 मिलियन तक पहुँच सकता है। उस मॉडल की शुरुआती कीमत जून 2025 में तय हुई थी, जब बिटकॉइन आज से ऊँचे भाव पर था। इस बार शुरुआती कीमत पिछले साल के मुकाबले करीब 22% कम है, फिर भी टारगेट ऊपर गया है।
बियर केस में भी बदलाव हुआ है। पिछले साल का बियर केस हल्का नुकसान दिखाता था, जबकि अब यह लगभग $131,000 पर है।
बिटकॉइन लिखते समय करीब $80,395 के भाव पर था, यानी Bitwise की शुरुआती कीमत से लगभग 4% नीचे। इस भाव के हिसाब से अलग-अलग लेवल का फ़र्क नीचे देखें:
(प्रतिशत आँकड़े $80,395 के भाव पर आधारित हैं। बिटकॉइन का भाव लगातार बदलता रहता है।)
यह टारगेट निकाला कैसे जाता है?
Bitwise का तरीका सीधा है। वह पहले उन बाज़ारों का साइज़ आँकता है जहाँ बिटकॉइन की भूमिका हो सकती है, फिर उसमें बिटकॉइन का संभावित हिस्सा तय करता है, और अंत में कुल रकम को बिटकॉइन की सीमित सप्लाई (अधिकतम 2.1 करोड़ coins) से भाग देता है।
समझने के लिए एक सरल उदाहरण (सिर्फ़ समझाने के लिए, Bitwise के असली आँकड़े नहीं): अगर कोई बाज़ार $100 ट्रिलियन का हो और बिटकॉइन को उसका 25% हिस्सा मिले, तो $25 ट्रिलियन बनता है। इसे लगभग 2 करोड़ coins से भाग दें तो हर BTC की कीमत करीब $12.5 लाख आती है।
यानी टारगेट में दो चीज़ें सबसे ज़्यादा मायने रखती हैं: बाज़ार कितना बड़ा होगा, और उसमें बिटकॉइन का हिस्सा कितना होगा।
सबसे बड़ा बदलाव: "स्टोर ऑफ वैल्यू" बाज़ार का अनुमान
Bitwise के नए मॉडल में टारगेट का करीब चार-पाँचवाँ हिस्सा स्टोर ऑफ वैल्यू बाज़ार से आता है। यानी वह बाज़ार जहाँ लोग अपनी संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए गोल्ड जैसी चीज़ों में पैसा लगाते हैं। Bitwise का मानना है कि यह बाज़ार पिछली रिपोर्ट के मुकाबले हर साल तेज़ी से बढ़ेगा।
CoinMarketCap की गणना के मुताबिक, दोनों रिपोर्ट की तुलना करने पर टारगेट में हुई बढ़ोतरी का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा इसी बड़े बाज़ार के अनुमान की वजह से है।
कुछ और अहम बदलाव:
Bitwise ने बिटकॉइन का हिस्सा इस बाज़ार में 25% ही रखा है।
ऑफशोर वेल्थ (विदेशों में रखी संपत्ति) में बिटकॉइन का अनुमानित हिस्सा बढ़ाया गया है।
अमेरिकी कंपनियों की ट्रेज़री में बिटकॉइन का अनुमानित हिस्सा घटाकर आधा कर दिया गया है।
संस्थागत निवेशकों (institutions) के लिए अनुमान पिछले साल जैसा ही है। यानी वे अपने पोर्टफोलियो का छोटा हिस्सा ही बिटकॉइन में लगाएँगे।
"अभी क्यों?": कर्ज़, गोल्ड और कम गहरी गिरावट
Bitwise इस बड़े बाज़ार की वजह सरकारी कर्ज़ को मानता है। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका का फेडरल कर्ज़ $40.2 ट्रिलियन तक पहुँच चुका है और ब्याज का भुगतान अब सरकारी बजट के सबसे बड़े खर्चों में शामिल है। Bitwise को लगता है कि ऐसे हालात में सरकारें अपनी करेंसी की वैल्यू घटाने (currency debasement) का रास्ता अपना सकती हैं, जिससे निवेशक गोल्ड और बिटकॉइन जैसे "हार्ड एसेट्स" की तरफ जाएँगे।
इसी तर्क के समर्थन में रिपोर्ट बताती है कि 2025 में दुनिया के केंद्रीय बैंकों ने रिकॉर्ड $96 बिलियन का गोल्ड खरीदा।
Bitwise ने बिटकॉइन की वोलैटिलिटी (उतार-चढ़ाव) का अनुमान भी घटाया है। कंपनी के मुताबिक जून तक की गिरावट पिछले साइकिल्स के मुकाबले कम गहरी रही, जो एक परिपक्व होते एसेट का संकेत है। Bitwise के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर Matt Hougan ने X पर लिखा कि बिटकॉइन आज अपने इतिहास के किसी भी समय से बेहतर स्थिति में है।
Bitwise का साइकिल वाला तर्क 30 जून के निचले स्तर पर टिका है। अगर वह लेवल बना रहता है, तो अक्टूबर 2025 के पीक के बाद की गिरावट रिकॉर्ड पर सबसे कम गहरी साइकिलिकल गिरावट होगी।
दूसरी राय: JPMorgan इतना आशावादी नहीं
हर बड़ी संस्था Bitwise जितनी तेज़ी की उम्मीद नहीं करती। JPMorgan Asset Management ने पिछले हफ्ते अपने लॉन्ग-टर्म अनुमान जारी किए, जिनमें बिटकॉइन से करीब 10% सालाना रिटर्न की उम्मीद है। फर्म ने बिटकॉइन को अपने मुख्य पोर्टफोलियो मॉडल्स से बाहर भी रखा है।
यानी एक तरफ 34.3% सालाना रिटर्न का मॉडल है, दूसरी तरफ करीब 10% का। यह फ़र्क बताता है कि लंबी अवधि के अनुमान कितने अलग-अलग मान्यताओं पर टिके होते हैं।
शॉर्ट-टर्म तस्वीर: $80,000 और $85,000 के बीच फँसा बिटकॉइन
लंबे टारगेट की बात अपनी जगह है, लेकिन अभी बिटकॉइन एक तंग दायरे में है।
सपोर्ट $80,000: CryptoQuant के CEO Ki Young Ju के मुताबिक अगर बिटकॉइन $80K नहीं टिका, तो बड़े पैमाने पर लिक्विडेशन आ सकते हैं और भाव $73,000 तक फिसल सकता है।
रेज़िस्टेंस $85,000: यह वह स्तर है जहाँ बिटकॉइन इस साल ज़्यादातर समय अटका रहा है।
लॉन्ग-टर्म होल्डर्स का दबाव: Glassnode के अनुसार लगभग 40 लाख BTC ऐसे लॉन्ग-टर्म होल्डर्स के पास हैं जिन्होंने $85K से $118K के बीच खरीदारी की थी। Glassnode के विश्लेषक Frederik Theissen का कहना है कि भाव $85K की ओर लौटा तो इनमें से कई होल्डर्स अपना पैसा निकालने के लिए बेच सकते हैं, जिससे ऊपर जाने में रुकावट आ सकती है।
भारतीय निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?
लंबी अवधि का नज़रिया: 2036 का टारगेट एक दशक आगे का मॉडल है। इसे पक्की कीमत की तरह नहीं, बल्कि एक संभावित परिदृश्य की तरह देखना चाहिए।
जोखिम: बिटकॉइन में अचानक 10-20% की चाल आम बात है। निवेश वही रकम करें जिसे खोने का जोखिम आप उठा सकें।
टैक्स और नियम: भारत में क्रिप्टो पर टैक्स और TDS के नियम हैं और ये समय-समय पर बदल सकते हैं। निवेश या ट्रेडिंग से पहले मौजूदा नियम ज़रूर जाँच लें।
रुपये का असर: भारतीय निवेशकों के लिए रिटर्न डॉलर-रुपया विनिमय दर पर भी निर्भर करता है।
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डिस्क्लेमर
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है और इसे वित्तीय सलाह नहीं माना जाए। Bitwise का 2036 का टारगेट एक मॉडल-आधारित अनुमान है, कोई गारंटी नहीं। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश अत्यधिक जोखिम भरा है। निवेश का कोई भी फ़ैसला लेने से पहले अपना शोध करें या किसी योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।