XRP News Today: XRP Ledger पर जीरो XRP बैलेंस वाले वॉलेट की तैयारी
XRP News Today: XRP Ledger पर नया वॉलेट (क्रिप्टो रखने का डिजिटल खाता) बनाने के लिए शायद जल्द अपनी जेब से एक भी XRP डालना न पड़े। अभी हर नए वॉलेट में करीब 1 XRP डालना पड़ता है, वरना वह चालू नहीं होता। अब डेवलपर्स ऐसा तरीका टेस्ट कर रहे हैं, जिसमें यह रकम कोई ऐप या कंपनी भर देगी और यूज़र ज़ीरो बैलेंस से शुरुआत कर सकेगा। CoinDesk ने 28 अक्टूबर 2026 को इसकी खबर दी है। एक बात ध्यान रखिए: यह फ़ीचर अभी सिर्फ़ टेस्टिंग में है, लाइव नहीं हुआ है। चलिए अब पूरी खबर आसान भाषा में समझते हैं।

Source : X Post
XRP Ledger की इस खबर में असल में क्या हुआ है?
15 अक्टूबर 2026 को XRP Ledger के एक डेवलपर Oleks ने एक नया सुझाव (प्रोपोज़ल) कोड के रूप में जमा किया। यह सुझाव XRPLF की rippled रिपॉजिटरी (कोड रखने की ऑनलाइन जगह) पर GitHub में PR #8606 के नाम से मौजूद है। इस नए तरीके का नाम Sponsored Account Create है। सीधे शब्दों में, यह एक नया ट्रांज़ैक्शन (लेन-देन) होगा, जिससे ज़ीरो बैलेंस वाला वॉलेट बन सके और उसका खर्चा कोई दूसरा अकाउंट उठाए। ताज़ा XRP latest News यही है कि इस पर काम और टेस्टिंग चल रही है, पर यह XRP Ledger के असली नेटवर्क पर अभी चालू नहीं हुआ। अब समझते हैं कि आज वॉलेट बनाना इतना महंगा क्यों पड़ता है।
अभी XRP Ledger पर वॉलेट बनाना महंगा क्यों पड़ता है?
XRP Ledger पर हर वॉलेट को चालू रखने के लिए थोड़ी रकम लॉक (बंद) करके रखनी पड़ती है, जिसे रिज़र्व कहते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह रिज़र्व 1 XRP है। मतलब अगर आपको सिर्फ़ RLUSD जैसा स्टेबलकॉइन (डॉलर के भाव से जुड़ा टोकन) रखना है, तब भी पहले XRP डालना पड़ता है। RLUSD और Ripple के दूसरे प्रोडक्ट्स की ताज़ा जानकारी आप Ripple और Robinhood की नई पार्टनरशिप वाले आर्टिकल में पढ़ सकते हैं। अब एक उदाहरण लें: अगर कोई ऐप 1 लाख यूज़र्स के वॉलेट बनाए, तो उसे 1 लाख XRP लॉक करने पड़ेंगे। इसी खर्चे को कम करने के लिए यह सुझाव आया है, तो आगे देखते हैं कि यह कैसे काम करेगा।
Sponsored Account Create कैसे काम करेगा?
अभी नया वॉलेट बनाने वाले को खुद XRP डालना पड़ता है। इस नए तरीके में यह काम कोई दूसरा अकाउंट करेगा, जिसे स्पॉन्सर (खर्चा उठाने वाला) कहते हैं। नया वॉलेट 0 XRP के साथ शुरू होगा और उसका 1 XRP वाला रिज़र्व (वॉलेट चालू रखने के लिए लॉक की जाने वाली रकम) स्पॉन्सर के खाते से लॉक होगा। यानी रिज़र्व का नियम खत्म नहीं हो रहा, बस उसे भरने वाला बदल रहा है। मान लीजिए एक पेमेंट ऐप है। वह अपने नए यूज़र के लिए वॉलेट बनाएगा और रिज़र्व खुद भर देगा। यूज़र को कुछ भरना नहीं पड़ेगा। प्रोपोज़ल (सुझाव) में यह भी है कि स्पॉन्सर चाहे तो उस वॉलेट के लिए पहले से जमा किया हुआ बजट भी रख सकता है। वॉलेट की प्राइवेट की (वॉलेट का गुप्त पासवर्ड) यूज़र के पास ही रहेगी। पूरी बात नीचे टेबल में एक नज़र में है।
एक नज़र में: XRP Ledger का मौजूदा सिस्टम बनाम नया प्रोपोज़ल
इस XRP Latest News से किसे और कैसे फ़ायदा हो सकता है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक इसका फ़ायदा तीन जगह दिख सकता है।
1. आम यूज़र्स को: अभी किसी नए व्यक्ति को सिर्फ़ डिजिटल डॉलर (स्टेबलकॉइन) रखना हो, तो भी पहले XRP खरीदना पड़ता है। अगर आप भारत में रुपये से XRP खरीदने का तरीका जानना चाहते हैं, तो XRP कैसे खरीदें वाली हमारी गाइड देख सकते हैं। नए लोगों के लिए यह झंझट है। नए तरीके में ऐप खुद वॉलेट चालू कर देगा, तो यूज़र सीधे अपना काम शुरू कर सकेगा।
2. पेमेंट ऐप्स और कंपनियों को: कई ऐप्स में वॉलेट ऐप के अंदर ही बना होता है, जिसे एम्बेडेड वॉलेट कहते हैं। कई यूज़र्स को पता भी नहीं चलता कि वे क्रिप्टो इस्तेमाल कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक Ripple ने Stripe की कंपनी Privy के साथ XRP Ledger के लिए ऐसे वॉलेट्स पर काम शुरू किया है। ऐसे ऐप्स के लिए यह फ़ीचर काम का हो सकता है। इसमें एक बात और समझ लीजिए: खर्चा खत्म नहीं होता, बस कंपनी के हिस्से में आ जाता है। फ़र्क़ यह है कि कंपनी यूज़र से पहले XRP मंगवाए बिना सारा काम संभाल सकेगी।
3. AI एजेंट्स को: AI एजेंट यानी ऐसा सॉफ्टवेयर जो खुद पेमेंट करे या सर्विस खरीदे। उसे अपना वॉलेट चाहिए, और वह भी ज़रूरत के हिसाब से तुरंत बनना चाहिए। अगर हर वॉलेट में पहले XRP भरना पड़े, तो यह काम धीमा और महंगा हो जाएगा। नए तरीके से ऐसे वॉलेट आसानी से बन सकते हैं।
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि आगे चलकर फ़ीस स्पॉन्सरशिप का सिस्टम भी इसके साथ आ सकता है, जिसमें ऐप यूज़र की ट्रांज़ैक्शन फ़ीस (हर लेन-देन पर लगने वाला शुल्क) भी भर दे। यह अभी सिर्फ़ आगे की संभावना है। फ़ायदे समझ लिए, अब देखते हैं कि यह फ़ीचर अभी किस हाल में है।
XRP Ledger पर यह फ़ीचर कब लाइव होगा? अभी क्या स्टेटस है?
अभी कोई तारीख़ तय नहीं हुई है। अभी यह जाँच कि प्रक्रिया (रिव्यु) में है । यह फ़ीचर XLS-68 नाम के एक बड़े प्लान पर टिका है, जिसमें एक अकाउंट दूसरे अकाउंट के रिज़र्व और फ़ीस का खर्चा उठा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक XLS-68 वाला Sponsor अमेंडमेंट (नेटवर्क के नियम में बदलाव) अभी Mainnet (असली नेटवर्क) पर चालू नहीं हुआ है। अगस्त 2026 में XRPL ने एक रिपोर्ट छापी थी, जिसमें Devnet (टेस्ट नेटवर्क) की टेस्टिंग में एक कमी बताई गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक उस वक्त किसी का पैसा खतरे में नहीं था। इसलिए XRP News Today की सबसे सही समझ यही है कि यह अभी तैयारी है, लॉन्च नहीं।
XRP की कीमत पर क्या असर पड़ेगा?
किसी भी आधिकारिक दस्तावेज़ में कीमत पर असर की बात नहीं कही गई है। यह एक टेक्निकल अपग्रेड है, जो नेटवर्क के इस्तेमाल को आसान बनाने के लिए है। कीमत कई और चीज़ों पर निर्भर करती है, इसलिए इसे सीधा "भाव बढ़ेगा" की खबर न समझें। आगे नज़र किन चीज़ों पर रखनी चाहिए, यह भी जान लेते हैं।
आगे किन अपडेट्स पर नज़र रखें
तीन चीज़ें देखने लायक हैं: PR #8606 रिव्यू के बाद मर्ज (कोड मुख्य वर्ज़न में जुड़ना) होता है या नहीं, Sponsor अमेंडमेंट का Mainnet वोट कब आता है, और Ripple या XRPL Foundation की ऑफ़िशियल घोषणा। जैसे ही कोई नई जानकारी आएगी, वह XRP News Today और XRP latest News सेक्शन में सबसे पहले मिलेगी।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ़ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं। क्रिप्टो में जोखिम होता है, इसलिए कोई भी फ़ैसला अपनी रिसर्च के बाद लें।