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Tap To Earn Games, करोड़ों खिलाड़ियों वाला मॉडल कहाँ पहुँचा

English Blog Writer
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Tap To Earn Games के खिलाड़ी और टोकन मूल्य में गिरावट का चार्ट
Tap To Earn Games के खिलाड़ी और टोकन मूल्य में गिरावट का चार्ट

2024 में एक पूरी लहर आई थी जिसमें करोड़ों लोग एक स्क्रीन पर उँगली मारकर टोकन कमाने की उम्मीद कर रहे थे। भारत में भी यह बहुत चला। Tap To Earn Games पर उस समय बहुत कुछ लिखा गया, पर एक बात कहीं दर्ज नहीं हुई, कि आखिर में नतीजा क्या निकला।

यह पेज वही करता है। यहाँ कोई भविष्यवाणी नहीं है, केवल यह कि जो हुआ वह क्या था और उससे क्या सीखा जा सकता है।

Tap To Earn Games, मॉडल क्या था

ये एक संदेश ऐप के भीतर चलने वाले छोटे खेल थे, जिनके लिए न कोई डाउनलोड चाहिए था, न वॉलेट, न कोई तकनीकी जानकारी। आप स्क्रीन पर टैप करते थे और अंक जुड़ते जाते थे।

वादा यह था कि आगे चलकर वे अंक असली टोकन में बदलेंगे। अतिरिक्त अंक कुछ काम करने पर मिलते थे, जैसे कोई वीडियो देखना, किसी खाते को फॉलो करना, या किसी दोस्त को जोड़ना। यही आखिरी वाली बात इस मॉडल की असली इंजन थी, क्योंकि हर खिलाड़ी अपने साथ और लोग लाता था।

कितने बड़े पैमाने पर लोग जुड़े

पैमाना असाधारण था। इस श्रेणी का सबसे बड़ा खेल छह महीने से भी कम समय में तीस करोड़ से ज़्यादा उपयोगकर्ताओं तक पहुँच गया था। उसके वीडियो चैनल के साढ़े तीन करोड़ से अधिक और सोशल खाते के एक करोड़ चालीस लाख से अधिक अनुयायी थे।

बाकी बड़े नामों के भी साढ़े चार करोड़ से लेकर साढ़े सात करोड़ तक उपयोगकर्ता थे। मिलाकर 2024 के मध्य तक इस पूरी श्रेणी में पंजीकृत खिलाड़ियों की संख्या करोड़ों में नहीं, अरबों के करीब गिनी जा रही थी। इसी पैमाने ने यह भरोसा बनाया कि यहाँ कुछ बड़ा होने वाला है।

टोकन आने के बाद क्या हुआ

खेलचरम परटोकन के बादगिरावट
सबसे बड़ा खेल30 करोड़+ उपयोगकर्तालगभग 1.2 करोड़ मासिकउपयोग में करीब 96%
उसी का टोकनअपने उच्चतम स्तर पररिकॉर्ड निचले स्तर परलगभग 70%
पहला बड़ा नामवैल्यूएशन ~$2.5 अरब~$770 मिलियनलगभग 74%
एक और बड़ा खेललिस्टिंग के बाद उच्च स्तरउसका एक तिहाई से कमलगभग 63%
बाकी नामकरोड़ों उपयोगकर्ताअधिकांश निष्क्रियदर्ज नहीं

पहली पंक्ति सबसे ज़्यादा बताती है। कीमत गिरना एक बात है, पर उपयोग का लगभग छियानबे प्रतिशत घट जाना यह बताता है कि खिलाड़ी लौटे ही नहीं।

dust वाली शिकायत और उसका गणित

टोकन वितरण के समय सबसे आम शिकायत यह थी कि जो मिला वह इतना कम था कि लोग उसे धूल कहने लगे। यह शिकायत भावनात्मक लगती है, पर इसके पीछे सीधा गणित है।

यह गणित पहले दिन किया जा सकता था

उस खेल में लगभग तेरह करोड़ लोग वितरण के पात्र थे। अब चाहे बाँटने के लिए रखा गया हिस्सा कितना भी बड़ा हो, उसे तेरह करोड़ से भाग देने पर हर व्यक्ति के हिस्से में जो आता है वह अपने आप छोटा हो जाता है। यही कारण है कि बड़ी वैल्यूएशन और छोटी व्यक्तिगत रकम एक साथ सच हो सकती हैं। यह हिसाब किसी विशेषज्ञता की माँग नहीं करता, केवल एक भाग की, और वही इस पूरे विषय का सबसे उपयोगी सबक है।

बड़े एक्सचेंज पर लिस्टिंग ने भी क्यों नहीं बचाया

इस श्रेणी में एक धारणा बहुत मजबूत थी, कि अगर टोकन किसी बड़े एक्सचेंज पर सूचीबद्ध हो जाए तो कीमत ऊपर जाएगी। इस मामले ने उस धारणा को साफ तोड़ दिया।

सबसे बड़े खेल का टोकन दुनिया के कई शीर्ष एक्सचेंजों पर एक साथ सूचीबद्ध हुआ, और उसके बावजूद वह अपने रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिरा। कारण सीधा है, लिस्टिंग बेचने का रास्ता खोलती है, खरीदार पैदा नहीं करती। जब करोड़ों लोगों के पास मुफ्त मिला टोकन हो और उनमें से अधिकांश उसे बेचना चाहते हों, तो लिस्टिंग उस दबाव को रोकती नहीं, बल्कि उसे बाहर आने का रास्ता देती है। यही तंत्र airdrop explainer में भी दर्ज है।

मॉडल गिरा क्यों

बाद के विश्लेषणों में तीन कारण बार-बार आते हैं। पहला, खेल में गहराई ही नहीं थी, इसलिए टोकन मिलने के बाद वहाँ रुकने का कोई कारण नहीं बचा।

दूसरा, एक ही व्यक्ति द्वारा कई खाते चलाकर अंक जुटाना बहुत आसान था, जिससे असली उपयोगकर्ता और गिनती के बीच बड़ा अंतर बन गया। तीसरा, इनाम की थकान, यानी लोग महीनों टैप करते रहे और बदले में जो मिला वह मेहनत के अनुपात में नहीं था। इस श्रेणी के एक प्रमुख नाम की टीम ने खुद सार्वजनिक रूप से माना कि यह मॉडल अब ढल रहा है, और डेवलपर अब गहरे खेल की ओर बढ़ रहे हैं।

भारत में यह लहर खास तौर पर क्यों चली

इस मॉडल की सबसे बड़ी खूबी यही थी कि उसमें प्रवेश की कोई बाधा नहीं थी। न कोई पैसा लगाना था, न कोई वॉलेट बनाना था, न कोई तकनीकी समझ चाहिए थी, और सबसे बड़ी बात, यह किसी भी सस्ते फोन पर चल जाता था।

इसी वजह से यह उन लाखों लोगों तक पहुँचा जो अब तक इस क्षेत्र से बिल्कुल दूर थे, और उनमें से अधिकांश के लिए यह क्रिप्टो से पहला परिचय था। यह अपने आप में बुरी बात नहीं थी। दिक्कत यह हुई कि बहुत से लोगों का पहला अनुभव ही निराशा वाला रहा, और उससे इस पूरे क्षेत्र को लेकर एक धारणा बनी। इसीलिए इस नतीजे को दर्ज करना ज़रूरी है, ताकि अगली बार अपेक्षा शुरू में ही सही जगह रखी जा सके।

इससे निकलने वाला व्यावहारिक सबक

पहला और सबसे बड़ा, किसी भी ऐसे कार्यक्रम में समय देने से पहले एक भाग कर लीजिए, कि बाँटा जाने वाला हिस्सा कितना है और लेने वाले कितने हैं। यह एक गणना बता देती है कि आपकी अपेक्षा कहाँ रखनी है।

दूसरा, अपने समय को लागत मानिए, क्योंकि इस मॉडल में पैसा नहीं लगता पर महीने लगते हैं, जिसका पूरा हिसाब farming पेज पर है। तीसरा, अंक होने और टोकन मिलने में फर्क है, जो points पेज पर समझाया गया है। चौथा, वितरण के समय सुरक्षा नियम वही रखिए जो किसी भी claim पर लागू होते हैं, जिनका तंत्र इस पेज पर है। और पाँचवाँ, मुफ्त मिले टोकन पर भी भारत में कर लागू होता है, जिसका ब्यौरा यहाँ दिया गया है।

क्या इस श्रेणी में कुछ भी नहीं मिला

संतुलन के लिए यह भी दर्ज करना चाहिए। कुछ लोगों को वाकई कुछ मिला, खासकर उन्हें जो सबसे पहले जुड़े और जिन्होंने मिलते ही बेच दिया। पहले बड़े नाम के टोकन ने कुछ समय के लिए अच्छा स्तर छुआ था।

पर यहाँ दो बातें साथ रखनी होंगी। पहली, वह मौका बहुत छोटी खिड़की का था और उसके लिए सही समय पर बेचना ज़रूरी था, जो अधिकांश लोगों ने नहीं किया। दूसरी, जितने लोग जुड़े उनके अनुपात में ऐसे लोगों की संख्या बहुत कम थी। इसलिए सही निष्कर्ष यह नहीं है कि किसी को कुछ नहीं मिला, बल्कि यह कि औसत भागीदार के लिए नतीजा उसकी अपेक्षा से बहुत कम रहा, और यही अंतर पहले से जान लेना चाहिए था।

Glossary

Tap To Earn
स्क्रीन पर टैप करके अंक जुटाने वाला मॉडल, जिसमें अंक बाद में टोकन में बदलने का वादा होता है।
Mini App
किसी संदेश ऐप के भीतर चलने वाला छोटा कार्यक्रम, जिसके लिए अलग डाउनलोड नहीं चाहिए।
Dust
इतनी छोटी मात्रा कि उसका व्यावहारिक मूल्य लगभग शून्य हो।
Multi-account Farming
एक ही व्यक्ति द्वारा कई खाते चलाकर अंक जुटाना।
Reward Fatigue
लंबे समय तक मेहनत के बाद अपेक्षा से कम इनाम मिलने से आने वाली थकान।

आगे इस मॉडल की जगह क्या ले रहा है

बाद की रिपोर्टों के अनुसार डेवलपर अब उन खेलों की ओर बढ़ रहे हैं जिनमें केवल टैप करने से आगे कुछ हो, जैसे कौशल आधारित मुकाबले, अनुमान वाले खेल, या कदम गिनने जैसी गतिविधियाँ।

इसका कारण भी वही है जो पुराने मॉडल के गिरने का था। जब गतिविधि में अपने आप कोई मज़ा या मूल्य न हो, तो लोग केवल इनाम के लिए रुकते हैं, और इनाम आते ही चले जाते हैं। पाठक के लिए इसका व्यावहारिक अर्थ यह है कि किसी भी नए ऐसे कार्यक्रम को देखते समय यह पूछिए कि अगर टोकन कभी न आए तो क्या आप इसमें समय देते। अगर जवाब नहीं है, तो आप खेल नहीं खेल रहे, केवल एक संभावना के लिए समय दे रहे हैं।

निष्कर्ष

इस पूरी लहर का सबसे उपयोगी हिस्सा उसका अंत है, शुरुआत नहीं। तीस करोड़ उपयोगकर्ता वाला खेल एक साल में लगभग सवा करोड़ मासिक पर आ गया, और टोकन शीर्ष एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध होकर भी अपने निचले स्तर तक गिरा। इसलिए Tap To Earn Games जैसी अगली किसी भी लहर में शामिल होने से पहले वही एक भाग कर लीजिए, कितना बँटेगा और कितनों में, क्योंकि बाकी सब उसी संख्या से तय हो जाता है। मुफ्त वितरण के बाकी नियम memecoin पेज पर और भारत का समग्र परिदृश्य India हब पर उपलब्ध है।

अस्वीकरण

यह लेख शैक्षिक उद्देश्य से है और किसी खेल, टोकन या कार्यक्रम की सिफारिश नहीं करता। यहाँ दिए आँकड़े सार्वजनिक रिपोर्टों पर आधारित हैं और समय के साथ बदल सकते हैं। मुफ्त मिले टोकन पर भी कर लागू होता है।

लेखक परिचय
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FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

संदेश ऐप के भीतर चलने वाले छोटे खेल, जिनके लिए न डाउनलोड चाहिए था न वॉलेट। आप स्क्रीन पर टैप करते थे, अंक जुड़ते थे, और वादा था कि वे आगे टोकन में बदलेंगे।

रेफरल, यानी दोस्तों को जोड़ने पर अतिरिक्त अंक मिलना। इसी से हर खिलाड़ी अपने साथ और लोग लाता था और संख्या तेज़ी से बढ़ती थी।

सबसे बड़ा खेल छह महीने से कम में तीस करोड़ से ज़्यादा उपयोगकर्ताओं तक पहुँचा। बाकी बड़े नामों के भी साढ़े चार करोड़ से साढ़े सात करोड़ तक उपयोगकर्ता थे।

सबसे बड़े खेल का उपयोग तीस करोड़ से घटकर लगभग सवा करोड़ मासिक रह गया, और उसका टोकन अपने उच्चतम स्तर से करीब सत्तर प्रतिशत गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया।

पहले बड़े नाम की वैल्यूएशन ढाई अरब डॉलर से घटकर करीब सतहत्तर करोड़ डॉलर रह गई, यानी लगभग चौहत्तर प्रतिशत की गिरावट। एक और बड़े खेल का टोकन लगभग तिरसठ प्रतिशत गिरा।

उपयोग का लगभग छियानबे प्रतिशत घट जाना। कीमत गिरना एक बात है, पर खिलाड़ियों का लौटना ही बंद हो जाना बताता है कि वहाँ रुकने का कोई कारण नहीं बचा था।

वितरण के समय लोगों को इतना कम मिला कि वे उसे धूल कहने लगे। यह शिकायत भावनात्मक लगती है पर इसके पीछे सीधा गणित है।

उस खेल में लगभग तेरह करोड़ लोग वितरण के पात्र थे। बाँटने वाला हिस्सा कितना भी बड़ा हो, तेरह करोड़ से भाग देने पर हर व्यक्ति का हिस्सा अपने आप छोटा हो जाता है।

हाँ। इस हिसाब में किसी विशेषज्ञता की ज़रूरत नहीं, केवल एक भाग की, और वही इस पूरे विषय का सबसे उपयोगी सबक है।

नहीं। सबसे बड़े खेल का टोकन कई शीर्ष एक्सचेंजों पर एक साथ सूचीबद्ध हुआ और फिर भी अपने रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिरा।

क्योंकि लिस्टिंग बेचने का रास्ता खोलती है, खरीदार पैदा नहीं करती। जब करोड़ों लोगों के पास मुफ्त मिला टोकन हो, तो लिस्टिंग उस बिकवाली को रास्ता देती है, रोकती नहीं।

तीन कारण, खेल में गहराई न होना, एक ही व्यक्ति द्वारा कई खाते चलाना बहुत आसान होना, और इनाम की थकान यानी मेहनत के अनुपात में बहुत कम मिलना।

हाँ, इस श्रेणी के एक प्रमुख नाम की टीम ने खुद सार्वजनिक रूप से कहा कि यह मॉडल अब ढल रहा है, और डेवलपर गहरे खेल की ओर बढ़ रहे हैं।

किसी भी ऐसे कार्यक्रम में समय देने से पहले एक भाग कर लीजिए, कि बाँटा जाने वाला हिस्सा कितना है और लेने वाले कितने हैं।

हाँ, मुफ्त मिले टोकन भी आभासी डिजिटल संपत्ति की श्रेणी में आते हैं, इसलिए बेचने पर लाभ पर कर और हस्तांतरण पर TDS लागू होता है।