भारत सरकार ने तीन वित्तीय वर्षों में Virtual Digital Assets (VDA) यानी क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजैक्शन से TDS के रूप में ₹1,095.80 करोड़ वसूल किए हैं। यह आंकड़ा दिसंबर 2025 में Rajya Sabha में Finance Ministry द्वारा सामने रखा गया। सरकार ने FY23 में ₹221.27 करोड़, FY24 में ₹362.70 करोड़ और FY25 में ₹511.83 करोड़ TDS इकट्ठा किया।
वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, FY 2024-25 में Crypto TDS संग्रह में साल-दर-साल 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो ₹511.83 करोड़ तक पहुंचा। इससे पिछले वर्ष FY24 में यह ₹362.70 करोड़ था।
चूंकि Crypto TDS 1% की दर से लगता है, इसलिए FY25 में ₹511.83 करोड़ TDS का मतलब है कि लगभग ₹51,183 करोड़ का क्रिप्टो ट्रेड हुआ।
सरकार का सबसे ज़्यादा TDS महाराष्ट्र के क्रिप्टो एक्सचेंजों से आया — FY25 में ₹293.40 करोड़। इसके बाद कर्नाटक (₹133.94 करोड़), गुजरात (₹28.63 करोड़) और दिल्ली (₹28.33 करोड़) का नंबर आता है। जहां महाराष्ट्र में 30.63% की बढ़ोतरी हुई, वहीं कर्नाटक में यह उछाल 63.4% रही। यह ध्यान देने योग्य है कि ये आंकड़े उन राज्यों के हैं जहां एक्सचेंज रजिस्टर्ड हैं, न कि जहां ट्रेड होते हैं।
41 प्रतिशत की यह बढ़ोतरी तब हुई जब क्रिप्टो की कीमतें उतार-चढ़ाव में थीं और नियामक अनिश्चितता बनी हुई थी। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि अब भारत में बड़े एक्सचेंज TDS काटने की प्रक्रिया को अपने सिस्टम में पूरी तरह एकीकृत कर चुके हैं।
हालांकि, भारत के ₹6.1 बिलियन (₹51,252 करोड़) के क्रिप्टो ट्रेडिंग वॉल्यूम का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा ऑफशोर प्लेटफॉर्म्स पर चला गया है। दिसंबर 2024 तक ऑफशोर प्लेटफॉर्म्स से कुल ₹6,000 करोड़ से ज़्यादा का TDS नहीं मिल पाया था।
Section 285BAA के तहत crypto exchanges, brokers और reporting entities को VDA transactions की जानकारी आयकर विभाग को देनी होगी। अगर कोई संस्था सही समय पर जानकारी नहीं देती, तो उस पर ₹200 प्रति दिन का जुर्माना लगाया जा सकता है। गलत या अधूरी जानकारी देने पर ₹50,000 तक की penalty लग सकती है।
किन मामलों में penalty लग सकती है?
यह नियम कब लागू हुआ?
Finance Bill 2026 के तहत 1 April 2026 से लागू
भारत सरकार अब crypto platforms के लिए KYC और AML compliance पर ज्यादा focus कर रही है। Financial Intelligence Unit (FIU-IND) के तहत registered platforms को user verification और suspicious transaction monitoring करना जरूरी है
भारत के Union Budget 2026-27 में 30% क्रिप्टो टैक्स और 1% TDS को बिना किसी बदलाव के बरकरार रखा गया, जिससे क्रिप्टो उद्योग के वे समूह निराश हुए जो राहत की उम्मीद लगाए बैठे थे।
टैक्स रेट घटाने की बजाय, सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से नए जुर्माने का प्रस्ताव रखा है। जो संस्थाएं Section 509 के तहत क्रिप्टो ट्रांजैक्शन की जानकारी सही से नहीं देंगी, उन पर हर दिन के लिए ₹200 का जुर्माना और गलत जानकारी देने पर ₹50,000 का फ्लैट जुर्माना लगेगा।
एक सकारात्मक बदलाव ज़रूर आया, TDS डिफ़ॉल्ट पर अधिकतम जेल की सज़ा सात साल से घटाकर दो साल कर दी गई है, और अदालतों को अब यह सज़ा मौद्रिक जुर्माने में बदलने का अधिकार दिया गया है।
Section 285BAA आयकर अधिनियम का एक महत्वपूर्ण प्रावधान है जो क्रिप्टो और वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) से जुड़े ट्रांजैक्शन की रिपोर्टिंग को अनिवार्य बनाता है। इसके तहत क्रिप्टो एक्सचेंज, ब्रोकर और अन्य रिपोर्टिंग संस्थाओं को हर VDA ट्रांजैक्शन की जानकारी आयकर विभाग को देनी होती है। यह प्रावधान अप्रैल 2026 से पूरी तरह प्रभावी हो गया है।
इसका मुख्य उद्देश्य टैक्स चोरी रोकना और ट्रांजैक्शन में पारदर्शिता लाना है। जो संस्थाएं सही या समय पर जानकारी नहीं देतीं, उन पर Finance Bill 2026 के तहत ₹200 प्रति दिन और ₹50,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
CoinSwitch के सह-संस्थापक Ashish Singhal ने कहा कि मौजूदा टैक्स ढांचा रिटेल निवेशकों के लिए चुनौतियां पैदा करता है क्योंकि इसमें नुकसान को मान्यता दिए बिना ट्रांजैक्शन पर टैक्स लगाया जाता है। उन्होंने VDA ट्रांजैक्शन पर TDS को 1% से घटाकर 0.01% करने और TDS की सीमा ₹5 लाख तक बढ़ाने की मांग की।
भारत G20 स्तर पर क्रिप्टो एसेट्स के लिए एक व्यापक नियामक ढांचे पर नीतिगत चर्चा कर रहा है और टैक्स नियमों में बदलाव संभवतः तभी होगा जब ऐसे नियम लागू हो जाएं। सरकार का रुख साफ है, पहले रेगुलेशन, फिर राहत।
मौजूदा हालात में 1% TDS सरकार का क्रिप्टो ट्रांजैक्शन पर नज़र रखने का सबसे मज़बूत ज़रिया बना हुआ है। CBDT के NUDGE कैम्पेन के ज़रिए उन 44,000 से ज़्यादा करदाताओं को नोटिस भेजे गए जिन्होंने TDS कटने के बावजूद अपनी ITR में VDA ट्रांजैक्शन की जानकारी नहीं दी।
संक्षेप में: मूल आर्टिकल में FY22-23 और FY23-24 के केवल 2 साल के ₹706 करोड़ के आंकड़े थे। अब FY24-25 के ताज़ा डेटा के बाद तीन साल का कुल TDS संग्रह ₹1,095.80 करोड़ पार कर चुका है और सरकार ने Budget 2026-27 में भी 30% टैक्स और 1% TDS में कोई बदलाव नहीं किया है।
Disclaimer: यह आर्टिकल एजुकेशनल पर्पस से लिखा गया है, इसमें किसी भी तरह की इन्वेस्टमेंट एडवाइस नहीं है। क्रिप्टो मार्केट वोलेटाइल है किसी भी इन्वेस्टमेंट से पहले अपनी रिसर्च जरुर करें।
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