दुनिया की Top Crypto Exchange Company में से एक Coinbase Hack मामले में भारत से अहम अपडेट सामने आया है। Coinbase CEO Brian Armstrong ने पुष्टि की है कि Hyderabad में कंपनी के एक पूर्व Customer Service Agent को गिरफ्तार किया गया है।
यह गिरफ्तारी May 2025 में सामने आए बड़े सिक्योरिटी ब्रीच से जुड़ी है, जिसमें Hackers ने Employees और Contractors को रिश्वत देकर Users Data हासिल किया था।

Source- Wise Advice X Post
Coinbase CEO Brian Armstrong ने Social Media Platform X पर कड़े शब्दों में कहा कि कॉइनबेस की नीति Zero Tolerance for Bad Behaviour की है और इस मामले में आगे भी और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
उन्होंने Hyderabad Police का शुक्रिया अदा किया और कहा कि वे Police और Law Enforcement Agencies के साथ मिलकर काम करेंगे, ताकि गलत काम करने वालों को पकड़कर सज़ा दिलाई जा सके।
कॉइनबेस के अनुसार, Hackers ने भारत में मौजूद कुछ कस्टमर सपोर्ट एजेंट्स और BPO ऑपरेशंस से जुड़े लोगों को निशाना बनाया। इन्हीं में से एक पूर्व एजेंट को Hyderabad Police ने गिरफ्तार किया है।
इसके अलावा, US के Brooklyn में भी एक अलग मामले में आरोप लगाए गए हैं, जहां एक व्यक्ति पर कॉइनबेस यूजर्स को इम्पर्सोनेशन स्कीम के जरिए ठगने का आरोप है। इससे साफ है कि यह मामला सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर फैला हुआ है।
कंपनी के Chief Security Officer Philip Martin के अनुसार, जैसे ही इसकी पहचान हुई, इससे जुड़े कर्मचारियों को सिस्टम से अलग कर दिया गया और उनकी सर्विसेज ख़त्म कर दी गईं। कंपनी ने यह भी कहा कि Hackers को कॉइनबेस सिस्टम्स का लगातार एक्सेस कभी नहीं मिला, जिससे नुकसान को सीमित रखने में मदद मिली।
भविष्य को देखते हुए कंपनी ने कड़े कदम उठाने का ऐलान किया है। इनमें Employees और Contractors की सख्त वेरिफिकेशन प्रोसेस और सिक्योरिटी ट्रेनिंग को और मजबूत करना शामिल है। कंपनी का मानना है कि इन कदमों से भविष्य में ऐसे इनसाइडर थ्रेट्स को रोका जा सकेगा।
Hackers ने चोरी किए गए डेटा को डिलीट करने के बदले कॉइनबेस से $20 मिलियन की फिरौती की मांग की थी। कंपनी ने इस फिरौती को देने के बजाय मामले की जानकारी संबंधित एजेंसियों को दी और जांच शुरू की।
Reuters और Bloomberg की रिपोर्ट्स के अनुसार, कॉइनबेस ने इस पूरे मामले से जुड़ा Financial Loss $180 मिलियन से $400 मिलियन के बीच अनुमान लगाया है। इसमें Investigation Costs, System Upgrade और User Protection से जुड़े खर्च शामिल हैं।
इस घटना का असर Coinbase Share Price पर भी देखने को मिला। गिरफ्तारी की खबर के बाद शेयरों में हल्की गिरावट दर्ज की गई।
यह मामला May 2025 में सामने आया था, जब कंपनी को एक Unknown Threat Email मिला। इस Email में दावा किया गया कि कुछ कॉइनबेस User Accounts और इंटरनल रिकॉर्ड्स से जुड़ा सेंसिटिव डेटा उनके पास मौजूद है। जांच में सामने आया कि विदेशों में काम कर रहे कुछ Employees और Contractors को रिश्वत देकर यूजर्स की निजी जानकारी चुराई गई थी।
Coin Data Breach में यूजर्स के Name, Address, Email ID, Date of Birth, Nationality, Government ID से जुड़े नंबर और Bank Details शामिल थीं। हालांकि कॉइनबेस ने यह स्पष्ट किया कि पासवर्ड, लॉगिन क्रेडेंशियल या सीधे अकाउंट एक्सेस से जुड़ी जानकारी लीक नहीं हुई थी।
इसने पूरी Crypto Industry के सामने इनसाइडर थ्रेट्स की गंभीरता को उजागर कर दिया है। यह घटना दिखाती है कि सिर्फ टेक्नोलॉजी ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों की ईमानदारी और इंटरनल सेफ्टी भी उतनी ही अहम है।
जैसे-जैसे Crypto और Web3 का दायरा बढ़ रहा है, वैसे-वैसे कंपनियों को अपने इंटरनल कंट्रोल और गवर्नेंस सिस्टम को भी मजबूत करना होगा।
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Coinbase Hack Case में भारत में हुई गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। Coinbase CEO Brian Armstrong का Zero Tolerance वाला कड़ा रुख यह संकेत देता है कि कंपनी इस मामले को हल्के में नहीं ले रही है।
आने वाले समय में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है, जिससे यह साफ होता है कि Crypto Industry में Crypto User Data को सेफ रखने के लिए सिक्योरिटी और भी ज्यादा बढाने की जरुरत है।
डिस्क्लेमर- यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। क्रिप्टो मार्केट काफ़ी वोलेटाइल है, इसलिए निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च ज़रूर करें।
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