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Exchange का सुरक्षा-कोष: यह क्या कवर करता है और क्या नहीं

Hindi News Writer
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Exchange Protection Fund India – Exchange Protection Fund: क्या कवर, क्या नहीं
Exchange Protection Fund India – Exchange Protection Fund: क्या कवर, क्या नहीं

क्रिप्टो यूजर्स अब सुरक्षित, जानें क्या है CoinDCX का नया सिस्टम?

Exchange Protection Fund India से जुड़ी अहम जानकारी इस लेख में दी गई है। भारत के क्रिप्टो एक्सचेंज CoinDCX के फाउंडर Sumit Gupta और उनके साथी Neeraj को हाल ही में एक धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने हिरासत में लिया था। हालांकि, Thane कोर्ट ने 24 मार्च को उन्हें जमानत दे दी और कहा कि उनके खिलाफ कोई मामला नहीं बनता। ये मामला एक फेक वेबसाइट से जुड़ा था, जिसका CoinDCX से कोई संबंध नहीं था। इस घटना ने CoinDCX को यह एहसास दिलाया कि भारत में डिजिटल फाइनेंस को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत सिस्टम की जरूरत है। तो आइए जानते हैं, पूरा मामला क्या है और CoinDCX ने अब इसके लिए क्या कदम उठाए हैं?

क्या बोले CoinDCX फाउंडर? 

बता दें, Sumit Gupta ने अपने बयान में कहा कि, “पिछले हफ्ते जो हुआ, यह हमारे लिए काफी चौंकाने वाला और परेशान करने वाला अनुभव था। हमें पहले से ही पता था कि इसका हमसे कोई संबंध नहीं। लेकिन इसने एक बात साफ कर दी कि भारत का डिजिटल फाइनेंस सिस्टम अभी भी यह पहचानने में सक्षम नहीं है कि कौन लोग इस इंडस्ट्री को जिम्मेदारी से बना रहे हैं और कौन इसका गलत फायदा उठा रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि, “सोचिए, अगर कोई धोखेबाज आपके ब्रांड, नाम या चेहरे का इस्तेमाल करके फेक वेबसाइट बनाता है और किसी को धोखा देता है, तो आपको ही गिरफ्तार किया जा सकता है, धोखेबाज नहीं। यह किसी भी संस्थापक या किसी भी बिज़नेस के साथ हो सकता है।”



सुरक्षा के लिए CoinDCX ने उठाया बड़ा कदम 

इस बड़े मामले के बाद CoinDCX ने तय किया है कि, अब वह सिर्फ बातें नहीं करेगा, बल्कि सुरक्षा का नया कदम भी उठा रहा है। इसी के तहत उन्होंने Digital Suraksha Network (D.S.N.) शुरू किया है। इसके लिए ये प्लेटफ़ॉर्म ₹100 करोड़ का निवेश करेगा जिसका मकसद भारत के डिजिटल फाइनेंस को सुरक्षित बनाना है। यह सिर्फ क्रिप्टो का मुद्दा नहीं, बल्कि सभी डिजिटल कंपनियों के लिए जरूरी है।

CoinDCX Account Opening प्रोसेस जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें 

क्या है D.S.N. के मुख्य पहलू?
  • 24x7 WhatsApp हेल्पलाइन: सभी के लिए फ्री, जिससे कोई भी लिंक, प्लेटफ़ॉर्म या ऑफ़र ट्रांज़ैक्शन से पहले चेक कर सके।

  • Open Fraud Intelligence API: फेक वेबसाइट्स की जानकारी सभी एक्सचेंज, बैंक और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स के साथ साझा की जाएगी।

  • साइबर सुरक्षा ट्रेनिंग: राज्य साइबर क्राइम सेल्स को ब्लॉकचेन और डिजिटल एसेट ट्रेसिंग में ट्रेनिंग दी जाएगी।

  • Caution Before Transaction अभियान: पूरे देश में लोगों को डिजिटल फाइनेंस में सुरक्षित रहने की जानकारी दी जाएगी।

क्यों जरूरी है यह कदम?

CoinDCX का कहना है कि, आज की धोखाधड़ी की दुनिया जटिल और तेजी से बदलती रहती है। AI और नए तकनीकी तरीकों के चलते इसे पकड़ना और भी मुश्किल हो गया है। इसलिए CoinDCX अकेले नहीं, बल्कि पूरे डिजिटल समुदाय के साथ मिलकर इस समस्या का समाधान करना चाहता है। ₹100 करोड़ का यह निवेश इसलिए किया गया है ताकि भारत में स्टार्टअप और डिजिटल कंपनियां भरोसे और सुरक्षा के साथ काम कर सकें।


क्या है CoinDCX?

बात करें CoinDCX के बारे में तो ये भारत का एक प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज है, जो यूज़र्स को बिटकॉइन, एथीरियम और अन्य डिजिटल एसेट्स में निवेश और ट्रेडिंग की सुविधा देता है। यह प्लेटफ़ॉर्म सुरक्षित और आसान इंटरफ़ेस के लिए जाना जाता है, जिससे नए और अनुभवी निवेशक दोनों आसानी से क्रिप्टो खरीद, बेच और ट्रांसफर कर सकते हैं। 

कन्क्लूजन 

CoinDCX ने Digital Suraksha Network लॉन्च कर भारत के डिजिटल फाइनेंस सिस्टम में सुरक्षा का एक बड़ा कदम उठाया है। ₹100 करोड़ के निवेश से यह पहल न केवल क्रिप्टो निवेशकों, बल्कि सभी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और स्टार्टअप्स के लिए भरोसा और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। इस सुविधा के माध्यम से यह नेटवर्क फेक वेबसाइट और धोखाधड़ी से बचाव करेगा। इतना ही नही बल्कि डिजिटल दुनिया में तेजी से बढ़ती धोखाधड़ी को देखते हुए, यह पहल भारत में सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल फाइनेंस का रास्ता खोलती है।

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शब्दावली

  • Blockchain – एक डिजिटल बहीखाता जिसमें लेन-देन ब्लॉक्स में दर्ज होते हैं और बाद में बदले नहीं जा सकते।
  • Cryptocurrency – ब्लॉकचेन पर चलने वाली डिजिटल करेंसी, जिसे कोई केंद्रीय बैंक जारी नहीं करता।
  • Exchange – प्लेटफॉर्म जहां क्रिप्टो खरीदी, बेची और ट्रेड की जाती है।

डिस्क्लेमर 

यह आर्टिकल केवल जानकारी केवल उद्देश्य से है। इसमें दी गई सामग्री किसी भी प्रकार की निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है। किसी भी क्रिप्टो या डिजिटल निवेश से पहले हमेशा स्वतंत्र और योग्य सलाह लें।

लेखक परिचय
Pooja Suryawanshi Hindi News Writer

पूजा सूर्यवंशी एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 6 वर्षों का अनुभव है और वे क्रिप्टो रेगुलेशन, ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को आसान भाषा में समझने योग्य बनाने के लिए जानी जाती हैं। वे डीप रिसर्च और एनालिटिकल एप्रोच के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके। पूजा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और टेक्निकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है। अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य अपने रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।

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FAQ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब यहाँ पाएँ और समझें कि सब कुछ कैसे काम करता है।

नहीं — यहां crypto holdings पर कोई जमा-बीमा नहीं है और न custody के अनिवार्य मानक।

Platform द्वारा स्वैच्छिक रूप से अलग रखी गई राशि, जिसका उद्देश्य किसी असाधारण घटना में हानि की भरपाई है।

बीमा एक अनुबंधीय अधिकार है जिसे दावे के रूप में मांगा जा सकता है; स्वैच्छिक कोष एक वचन है, जिसका उपयोग platform अपनी शर्तों पर तय करता है।

आपके अपने खाते का समझौता (phishing, seed साझा करना) और बाजार-हानि — दोनों आम तौर पर बाहर रहते हैं।

तीन तुलनाओं से — कुल ग्राहक-संपत्ति से अनुपात, ऐतिहासिक घटनाओं का आकार, और कोष किन assets में रखा है।

यदि वह उन्हीं assets में हो जिनके गिरने पर संकट आता है, तो वह ठीक उसी समय छोटा हो जाएगा जब सबसे अधिक जरूरत होगी।

कवरेज का दायरा, दावा-प्रक्रिया, पारदर्शिता (पते सार्वजनिक हैं या केवल घोषणा), और यह किन बुनियादी परतों के अतिरिक्त है।

कोष अंतिम उपाय है, पहली सुरक्षा नहीं — जिस platform की बुनियादी परतें मजबूत हों, उसे कोष की जरूरत भी कम पड़ती है।

Custody-अलगाव, cold storage अनुपात, और proof-of-reserves।

क्योंकि नियामकीय custody-मानक और उपभोक्ता-संरक्षण की परत अभी नहीं बनी — यानी वे उस कमी का लक्षण भी हैं।

नहीं — trading के लिए जितना जरूरी हो उतना exchange पर, बाकी self-custody में।

एक अतिरिक्त मापदंड — पर यह इकाई, FIU-स्थिति, custody और withdrawal-इतिहास की जगह नहीं ले सकता।

यह एक सार्वजनिक प्रतिबद्धता है, उद्योग में मानक बनाता है, और जहां पते सत्यापन-योग्य हों वहां पारदर्शिता का उदाहरण भी।

तभी, जब उसे कुल ग्राहक-संपत्ति के अनुपात में और उसकी संरचना के साथ देखा जाए — वरना वह एक संख्या भर है।

Custody-अलगाव — क्योंकि वह पूरी तरह आपके नियंत्रण में रहता है।