Dogecoin Price History INR: लॉन्च से अब तक, Dogecoin की कीमत का इतिहास
अंतिम अपडेट: 7 अक्टूबर 2026
सीधा जवाब: Dogecoin (DOGE) की कीमत दिसंबर 2013 में कुछ पैसे के लेवल से शुरू हुई। 2017 में पहली बड़ी तेजी आई और 2021 में रिकॉर्ड उछाल के साथ ऑल-टाइम हाई बना। इसके बाद 2022 में बड़ी गिरावट, 2023 में रिकवरी, 2024 में फिर तेज रैली और 2025 में करेक्शन आया। 7 अक्टूबर 2026 को CoinGecko पर DOGE की कीमत लगभग ₹8.70 थी, जो वहां दर्ज ऑल-टाइम हाई ₹53.62 से करीब 84% नीचे है। अलग-अलग प्लेटफॉर्म के टाइमस्टैम्प, लिक्विडिटी और डॉलर-रुपये के कन्वर्जन की वजह से रुपये की कीमत में थोड़ा अंतर दिख सकता है।
Dogecoin Price History INR देखते समय सिर्फ आज की कीमत काफी नहीं है। DOGE का लाइव रुपये वाला भाव आप Dogecoin Price INR पेज पर देख सकते हैं, पर यह भी समझना जरूरी है कि DOGE किन मार्केट साइकल से गुजरा और हर तेजी के बाद कितनी गहरी गिरावट आई। डॉजकॉइन का पुराना भाव देखने पर ही पता चलता है कि यह एसेट ऊपर और नीचे, दोनों तरफ कितनी तेजी से चलता है। इस चाल को समझने के लिए पहले यह जानना जरूरी है कि Dogecoin शुरू कैसे हुआ।
डॉजकॉइन का पुराना भाव समझने से पहले: Dogecoin की शुरुआत कैसे हुई?
Dogecoin के फाउंडर और उसकी पूरी कहानी हमारे अलग गाइड में विस्तार से है। संक्षेप में, Dogecoin को Billy Markus और Jackson Palmer ने बनाया और यह 6 दिसंबर 2013 को लॉन्च हुआ। शुरुआत एक मजाकिया, मीम-बेस्ड क्रिप्टोकरेंसी के रूप में हुई, लेकिन जल्दी ही Reddit जैसे प्लेटफॉर्म पर टिपिंग के लिए इसका इस्तेमाल होने लगा (Dogecoin की ऑफिशियल हिस्ट्री)। समय के साथ यह ओपन-सोर्स, पीयर-टू-पीयर नेटवर्क बन गया। इसलिए DOGE की कीमत सिर्फ टेक्नोलॉजी या यूटिलिटी से तय नहीं हुई। कम्युनिटी, सोशल-मीडिया अटेंशन, पूरे क्रिप्टो मार्केट और सट्टेबाजी का भी इस पर असर रहा है। अब इन असर का नतीजा साल-दर-साल आंकड़ों में देखते हैं।
2013 से 2026 तक Dogecoin Price History INR एक नजर में
नीचे की टेबल में डॉजकॉइन का पुराना भाव 2013 से 2026 तक एक जगह दिया है।
डेटा कैसे निकाला: डॉलर के साल-वार हाई, लो और क्लोज़ CoinLore से लिए गए हैं और Kraken से मिलाए गए हैं। 2021 और 2025 का लो भाव Kraken के आंकड़ों के हिसाब से सुधारा गया है। रुपये में कीमत निकालने के लिए इन्हें FRED (Federal Reserve) की सालाना औसत डॉलर-रुपये एक्सचेंज रेट से गुणा किया गया है, जैसे 2013 में ₹58.51, 2021 में ₹73.94 और 2025 में ₹87.15। 2026 के लिए जनवरी से सितंबर की औसत रेट ₹93.92 ली गई है। इसलिए ये किसी एक्सचेंज की एग्ज़ैक्ट दैनिक क्लोजिंग कीमत नहीं, बल्कि लंबे समय का रेफरेंस हैं। अलग-अलग डेटा प्रोवाइडर के बीच हाई-लो में 1-5% का अंतर नॉर्मल है।
टेबल से तस्वीर साफ दिखती है, पर हर दौर की कहानी अलग है। इसे समझने के लिए शुरुआत की लंबी सुस्ती से चलते हैं।
2013 से 2016: Dogecoin की शुरुआत और लंबी सुस्ती
CoinLore को मिला DOGE का पहला भाव $0.000513 था, और 2013 का अंत लगभग $0.000422 (करीब ₹0.025) पर हुआ। 2014 में Dogecoin की कम्युनिटी खूब चर्चा में रही। Dogecoin की ऑफिशियल हिस्ट्री के अनुसार कम्युनिटी ने Jamaican bobsled team को Sochi Winter Olympics भेजने के लिए 26.5 मिलियन DOGE जुटाए। मार्च में Kenya के साफ पानी के कुओं के लिए 40 मिलियन से ज्यादा DOGE इकट्ठा किए गए। इसके बावजूद कीमत 2014 में करीब 56% और 2015 में करीब 19% गिरी। मई 2015 में DOGE अपने सबसे नीचे लेवल $0.0000850 (लगभग ₹0.0054) तक आया। 2016 में लगभग 48% बढ़त के बाद भी साल का अंत सिर्फ करीब ₹0.015 पर हुआ। इस ठहराव के बाद पहली असली रैली 2017 में दिखी, और उसके साथ उतनी ही बड़ी गिरावट भी आई।
2017 और 2018: Dogecoin में पहली बड़ी तेजी और उतनी ही बड़ी गिरावट
2017 में DOGE $0.000223 से $0.00897 तक पहुंचा, यानी करीब 3,923% की बढ़त। CoinLore इसे DOGE का सबसे अच्छा साल (रिटर्न के हिसाब से) मानता है। अकेले दिसंबर 2017 में कीमत करीब 337% चढ़ी, और साल का अंत लगभग ₹0.58 पर हुआ। 2018 में तस्वीर पलट गई। साल भर में करीब 74% की गिरावट आई और अंत कीमत लगभग ₹0.16 रही। यानी तेज रैली के बाद उतना ही बड़ा ड्रॉडाउन भी हो सकता है। इसके बाद दो साल मार्केट शांत रहा, लेकिन उसी शांति में अगली रैली की तैयारी चल रही थी।
2019 और 2020: अगली रैली की जमीन
2019 में DOGE करीब 13% गिरकर लगभग ₹0.14 पर रहा। 2020 में कीमत करीब 131% बढ़कर लगभग ₹0.35 तक पहुंची। इसी दौरान औसत दैनिक ट्रेडिंग वॉल्यूम 2019 के लगभग $35.7 मिलियन से बढ़कर लगभग $94.4 मिलियन हो गया। यह अगले साल की तेजी से पहले बढ़ती ट्रेडिंग एक्टिविटी का संकेत था, और 2021 में यही एक्टिविटी कई गुना बढ़ गई।
2021: जब डॉजकॉइन का पुराना भाव अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा
2021 में सोशल-मीडिया अटेंशन, रिटेल सट्टेबाजी और क्रिप्टो बुल मार्केट के बीच DOGE ने अपनी सबसे बड़ी रैली देखी। CoinLore के मंथली आंकड़ों में जनवरी में लगभग 706% और अप्रैल में लगभग 531% की बढ़त दिखती है। मई 2021 में कीमत $0.7304 के ऑल-टाइम हाई पर पहुंची। साल का औसत दैनिक वॉल्यूम लगभग $4.6 बिलियन रहा, जबकि 2020 में यह लगभग $94.4 मिलियन था। फिर भी साल का अंत $0.1708 (करीब ₹12.63) पर हुआ, जो उसी साल के पीक से लगभग 77% नीचे है। रिटर्न के परसेंटेज में 2017 आगे रहा, पर कीमत, वॉल्यूम और मार्केट कैप के हिसाब से 2021 सबसे बड़ा साल था। इतनी बड़ी तेजी के बाद अगला दौर स्वाभाविक रूप से गिरावट का था।
2022 और 2023: बियर मार्केट और रिकवरी
2022 में क्रिप्टो मार्केट में चारों तरफ गिरावट आई और DOGE करीब 59% नीचे गया। औसत मार्केट कैप 2021 के लगभग $26.7 बिलियन से घटकर लगभग $13.1 बिलियन रह गई, और साल का अंत लगभग ₹5.52 पर हुआ। 2023 में कीमत करीब 27% बढ़कर लगभग ₹7.39 पर बंद हुई, लेकिन डॉलर में यह अब भी 2021 के पीक से करीब 88% नीचे थी। इस दौर का सबक यह है कि पुराना ऑल-टाइम हाई आगे की कीमत का फ्लोर नहीं होता। रिकवरी की यह शुरुआत 2024 में तेज रैली में बदल गई।
2024 और 2025: Dogecoin में फिर तेजी, फिर करेक्शन
2024 में DOGE डॉलर में करीब 253% बढ़ा और साल का अंत लगभग ₹26.45 पर हुआ। CoinLore के अनुसार अकेले नवंबर 2024 में कीमत करीब 161% चढ़ी। 2025 में यह तेजी पलट गई। DOGE करीब 63% गिरा और साल का अंत लगभग ₹10.23 पर हुआ। इन दो सालों ने दिखाया कि DOGE अब भी बड़े क्रिप्टो साइकल और मीम कॉइन सेंटिमेंट पर तेजी से रिएक्ट करता है। अब देखते हैं कि इस साइकल के बाद 2026 में कीमत कहां खड़ी है।
2026 में अब तक रुपये में कहां खड़ा है DOGE?
CoinLore के अनुसार 2026 में अब तक DOGE का हाई $0.1557 और लो $0.0681 रहा है। जून में कीमत करीब 28% गिरी, फिर अगस्त और सितंबर में क्रमशः लगभग 19% और 14% की रिकवरी दिखी। 6 अक्टूबर 2026 को DOGE $0.0938 पर बंद हुआ। 7 अक्टूबर को CoinGecko पर रुपये का भाव लगभग ₹8.70 था, और 24 घंटे की रेंज $0.0901 से $0.0963 रही। पिछले एक साल में DOGE डॉलर में करीब 65% नीचे है। अगर आप रुपये में DOGE खरीदने का सोच रहे हैं, तो पहले Dogecoin कैसे खरीदें INR में वाला स्टेप-बाय-स्टेप गाइड देख लें। इस गिरावट को ठीक से तौलने के लिए पुराने पीक से इसकी दूरी देखना जरूरी है।
Dogecoin का ऑल-टाइम हाई और लो कितना है?
डॉलर में CoinLore के अनुसार ऑल-टाइम हाई $0.7304 (मई 2021) और ऑल-टाइम लो $0.0000850 (मई 2015) है। रुपये में ऑल-टाइम हाई प्लेटफॉर्म के हिसाब से बदलता है:
CoinGecko पर ₹53.62 और Yahoo Finance पर लगभग ₹54.06 दिखता है।
CoinMarketCap पर 8 मई 2021 का ऑल-टाइम हाई ₹70.67 और Coinbase India पर ₹70.78 दिखता है।
$0.7304 के ऑल-टाइम हाई को 2021 की औसत एक्सचेंज रेट (₹73.94) से गुणा करें तो करीब ₹54 आता है, यानी ₹54 वाला आंकड़ा 2021 की औसत रेट से मेल खाता है। ₹70 के आसपास के आंकड़े कैलकुलेशन का अलग तरीका दिखाते हैं, इसलिए ऑल-टाइम हाई लिखते समय सोर्स और तारीख बताना जरूरी है। रुपये में ऑल-टाइम लो लगभग ₹0.0054 बैठता है।
मौजूदा ₹8.70 CoinGecko के ऑल-टाइम हाई से लगभग 84% नीचे है, जबकि डॉलर में यह गिरावट करीब 87% है। फिर भी सिर्फ पुरानी कीमत देखकर नहीं कहा जा सकता कि DOGE फिर ऑल-टाइम हाई तक पहुंचेगा। 2021 का पीक बहुत खास मार्केट माहौल का नतीजा था, और बढ़ती सप्लाई के बीच उसी लेवल पर लौटने के लिए बहुत बड़ा नया पैसा चाहिए होगा। यहीं से एक दिलचस्प सवाल उठता है कि रुपये और डॉलर की गिरावट में यह फर्क क्यों दिखता है।
रुपये और डॉलर में Dogecoin Price History INR अलग क्यों दिखती है?
रुपये की कीमत DOGE/डॉलर और डॉलर/रुपये को आपस में गुणा करके निकलती है। FRED के अनुसार डॉलर-रुपये की सालाना औसत रेट 2013 में ₹58.51, 2021 में ₹73.94 और 2025 में ₹87.15 रही, और सितंबर 2026 में मंथली औसत ₹95.51 है। रुपया कमजोर होने से DOGE की रुपये वाली कीमत डॉलर के मुकाबले कम गिरी, जैसा ऊपर 84% बनाम 87% में दिखता है। रुपया मजबूत होता, तो रुपये का रिटर्न डॉलर के रिटर्न से कम रह सकता था। यानी भारतीय इन्वेस्टर के लिए Dogecoin Price History INR में एक्सचेंज रेट भी रिटर्न का हिस्सा है। अब सवाल यह है कि कीमत इतनी वोलैटिल रही क्यों।
इतनी वोलैटिलिटी क्यों: डॉजकॉइन का पुराना भाव किन वजहों से बदलता रहा?
DOGE की चाल कुछ तय वजहों से बनती है:
क्रिप्टो मार्केट साइकल: Bitcoin और पूरे मार्केट में तेजी आने पर DOGE जैसे हाई-बीटा एसेट में पैसा ज्यादा आता है, और गिरावट में यह सबसे पहले बिकता है। जैसे 2022 में पूरे मार्केट के साथ यह करीब 59% गिरा।
मीम और सोशल-मीडिया सेंटिमेंट: Elon Musk जैसे हाई-प्रोफाइल लोगों का ध्यान कीमत को तेजी से बदल सकता है, पर इसे लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट थीसिस का आधार नहीं बनाया जा सकता।
लिक्विडिटी और ट्रेडिंग वॉल्यूम: 2020 से 2021 में वॉल्यूम कई गुना बढ़ा और उसी के साथ कीमत की चाल भी तेज हुई।
लगातार बढ़ती सप्लाई: हर ब्लॉक पर 10,000 DOGE बनते हैं और ब्लॉक टाइम लगभग 1 मिनट है, यानी हर साल लगभग 5 बिलियन नए DOGE जुड़ते हैं। CoinGecko के अनुसार DOGE की मैक्स सप्लाई अनलिमिटेड है और सर्कुलेटिंग सप्लाई लगभग 156.2 बिलियन है, इसलिए कीमत बढ़ने के लिए नई डिमांड जरूरी है।
यूटिलिटी: पेमेंट और टिपिंग का इस्तेमाल बढ़े तो डिमांड को सहारा मिल सकता है, पर इससे कीमत बढ़ने की गारंटी नहीं मिलती।
इन उतार-चढ़ाव से होने वाली कमाई पर भारत में टैक्स कैसे लगता है, यह भी समझना जरूरी है।
भारत में Dogecoin के रिटर्न पर टैक्स कितना लगता है?
Dogecoin जैसे क्रिप्टो एसेट वीडीए (वर्चुअल डिजिटल एसेट) टैक्स फ्रेमवर्क में आते हैं। नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 1 अप्रैल 2026 से लागू है और वीडीए से जुड़े टैक्स प्रावधान इसमें बिना किसी रियायत के बने हुए हैं। इसके तहत वीडीए ट्रांसफर से हुई कमाई पर 30% टैक्स (सरचार्ज और सेस अलग) लगता है। पुराने एक्ट की धारा 115BBH वाला यह टैक्स ढांचा नए एक्ट में लगभग वैसा ही रखा गया है। इसमें सिर्फ खरीद की कीमत घटाई जा सकती है, और नुकसान को दूसरी कमाई से सेट-ऑफ नहीं किया जा सकता। टीडीएस की बात करें तो पुरानी धारा 194S अब नए एक्ट की धारा 393(1) की टेबल में क्रम संख्या 8(vi) के तहत आती है, और वीडीए ट्रांसफर के भुगतान पर 1% टीडीएस काटना जरूरी है। इसलिए ऊपर की टेबल का रिटर्न "ग्रॉस" है, "नेट" नहीं। खरीद और बिक्री की कीमत, तारीख, फीस और कटे हुए टीडीएस का रिकॉर्ड जरूर रखें, क्योंकि टैक्स के बाद असली कमाई का हिसाब इसी रिकॉर्ड से बनेगा।
प्राइस हिस्ट्री पढ़ते समय क्या देखें और कौन सा डेटा सोर्स चुनें?
डॉजकॉइन का पुराना भाव पढ़ते समय सिर्फ कीमत नहीं, इन चीजों को भी साथ देखें:
प्राइस और मार्केट कैप: सिर्फ ₹8-₹10 की यूनिट कीमत देखकर DOGE को सस्ता नहीं कहा जा सकता। CoinGecko के अनुसार इसका मार्केट कैप लगभग ₹1.36 लाख करोड़ है।
वॉल्यूम और सर्कुलेटिंग सप्लाई: मार्केट में कितनी ट्रेडिंग हो रही है और कितने DOGE मौजूद हैं।
साल का हाई-लो और ऑल-टाइम हाई से दूरी: एक साल की वोलैटिलिटी और पीक से मौजूदा कीमत की दूरी।
मार्केट साइकल, सप्लाई ग्रोथ और असली यूज़: पूरे क्रिप्टो मार्केट का ट्रेंड और नए DOGE के मुकाबले डिमांड।
डेटा के लिए एक ही सोर्स लगातार इस्तेमाल करना बेहतर है। CoinGecko दैनिक प्राइस, मार्केट कैप और वॉल्यूम देता है, CoinLore सालाना हाई, लो और क्लोज़ देता है, और डॉलर-रुपये की रेट के लिए FRED भरोसेमंद रेफरेंस है। लाइव भाव में CoinGecko, CoinMarketCap और Coinbase के बीच छोटे अंतर नॉर्मल हैं। इन सब बातों को जोड़ने पर आखिर में पूरी तस्वीर साफ हो जाती है।
आखिर में: Dogecoin के इतिहास से क्या सीखें?
Dogecoin की कीमत कुछ पैसे से शुरू होकर 2017 और 2021 में बड़ी रैली तक पहुंची, और हर बार उसके बाद गहरी गिरावट आई। 7 अक्टूबर 2026 को यह लगभग ₹8.70 पर है। इस हिस्ट्री का सबसे जरूरी सबक यह है कि पुराना ऑल-टाइम हाई या किसी एक साल का रिटर्न आगे की कमाई का आधार नहीं हो सकता। DOGE को इन्वेस्टमेंट के नजरिए से देख रहे हैं, तो मौजूदा वैल्यूएशन, रिस्क, पोजीशन साइज़, टैक्स और अपनी रिस्क कैपेसिटी को साथ देखना जरूरी है। इस फैसले में क्या Dogecoin में इन्वेस्ट करना चाहिए गाइड आपकी मदद कर सकती है। खरीदने के बाद अपने DOGE को सुरक्षित रखने के लिए Dogecoin वॉलेट कैसे बनाएं भी जरूर पढ़ें।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ एजुकेशनल और इन्फॉर्मेशनल मकसद के लिए है। क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेस्टमेंट बहुत ज्यादा रिस्क और वोलैटिलिटी के साथ आता है और लगाई गई रकम का बड़ा हिस्सा या पूरा पैसा खोने की संभावना रहती है। पिछला प्राइस या रिटर्न आगे के परफॉर्मेंस की गारंटी नहीं है। इन्वेस्ट करने से पहले मौजूदा मार्केट डेटा, लागू टैक्स रूल्स और अपनी रिस्क कैपेसिटी चेक करें।