भारत में Crypto Fraud के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक करते हुए Enforcement Directorate ने BitConnect Crypto Scam से जुड़े दो आरोपियों Nikunj Pravinbhai Bhatt और Sanjay Kanubhai Kotadia को 19 January 2026 को Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक करीब ₹2,170 करोड़ की संपत्ति जब्त या फ्रीज की जा चुकी है।

Source- ED X Post
अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला सिर्फ निवेश धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अपहरण, जबरन वसूली और Crypto Money Laundering जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए हैं।
Enforcement Directorate ने यह जांच CID Crime Police Station, Surat में दर्ज 2 FIR के आधार पर शुरू की थी। इन FIR में मुख्य आरोपी के तौर पर Shailesh Babulal Bhatt, Satish Kurjibhai Kumbhani और अन्य लोगों के नाम सामने आए थे।
पहली FIR के मुताबिक, Satish Kumbhani और उनके साथियों ने BitConnect Coin के नाम पर लोगों को निवेश के लिए उकसाया। दावा किया गया कि यह प्लेटफॉर्म एक खास Trading सॉफ्टवेयर के जरिए हर महीने 40% तक मुनाफा देता है।
लेकिन बाद में पता चला कि यह दावा पूरी तरह झूठा था और निवेशकों के पैसे को निजी फायदे के लिए अलग-अलग Digital Wallets में भेज दिया गया।
इस केस की दूसरी FIR और भी चौंकाने वाली है। इसमें बताया गया कि अपने कथित निवेश की रकम वापस पाने के लिए Shailesh Babulal Bhatt और उसके साथियों ने दो लोगों Piyush Savaliya और Dhaval Mavani का किडनैप कर लिया। Dhaval Mavani को छोड़ने के बदले इन आरोपियों ने उनसे
2,254 Bitcoins
11,000 Litecoins
और ₹14.5 करोड़ नकद
की वसूली की। यह मामला न सिर्फ Crypto Fraud बल्कि गंभीर आपराधिक गतिविधियों से भी जुड़ा हुआ है।
9 January 2026 को पांच अलग-अलग जगहों पर ED Raid पड़ी। इस दौरान
डिजिटल डिवाइस
अहम दस्तावेज
Share और Mutual Fund Investment
Cryptocurrency
और नकद पैसा
जब्त किया गया। कुल मिलाकर करीब ₹19 करोड़ की संपत्ति फ्रीज की गई। इससे पहले भी ED इस केस में मुख्य आरोपी Shailesh Bhatt को गिरफ्तार कर चुकी है और अब तक करीब ₹2,170 करोड़ की संपत्ति अटैच या फ्रीज की जा चुकी है, जो इस केस की गंभीरता को दिखाता है।
ED का कहना है कि जांच के दौरान Nikunj Bhatt और Sanjay Kotadia ने
पैसे के Source और इस्तेमाल की सही जानकारी नहीं दी।
अधूरे और भटकाने वाले बयान दिए।
कई बार बुलाने के बावजूद जांच में पूरा सहयोग नहीं किया।
इसके चलते Enforcement Directorate को सबूत मिटाने और आरोपियों के फरार होने का खतरा लगा। इसी वजह से दोनों को गिरफ्तार कर 20 जनवरी 2026 को अहमदाबाद की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने ED को 4 दिन की हिरासत दी।
BitConnect ने बड़े मुनाफे का लालच देकर लाखों लोगों को निवेश के लिए आकर्षित किया, लेकिन असल में यह एक बड़ा Crypto Scam निकला।
2016-2018 के बीच High Return का वादा किया गया।
एक खास Trading Bot से 40% मासिक मुनाफे का दावा।
Website पर रोज़ करीब 1% Profit दिखाया जाता था।
निवेशकों का पैसा असल ट्रेडिंग में नहीं लगाया गया।
Funds सीधे आरोपियों के Digital Wallets में भेजे गए।
नए निवेश रुकते ही पूरा सिस्टम गिर गया।
हजारों Investors ने अपनी जमा पूंजी गंवा दी।
टोटल नुकसान करीब $2.4 Billion (लगभग ₹20,000 करोड़)।
BitConnect Scam यह सिखाता है कि Crypto में अगर कोई स्कीम Guaranteed High Returns का दावा करे, तो उससे दूर रहना ही सबसे सुरक्षित फैसला होता है।
यह मामला इन्वेस्टर्स के लिए एक बड़ी चेतावनी है इस केस यह सीख मिलती है कि
बहुत ज्यादा रिटर्न का दावा करने वाली स्कीम से सावधान रहें।
किसी भी क्रिप्टो या निवेश प्लेटफॉर्म में पैसा लगाने से पहले उसकी सही जानकारी जरूर जांचें।
सरकारी रजिस्ट्रेशन, रेगुलेटरी मंजूरी और पारदर्शिता को नजरअंदाज न करें।
Social Media या दोस्तों की सलाह पर बिना जांच-पड़ताल निवेश न करें।
डिस्क्लेमर- यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। क्रिप्टो मार्केट काफ़ी वोलेटाइल है, इसलिए निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें।
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